दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑक्सीजन की किल्लत पर केंद्र सरकार को बुरी तरह लताड़ दिया है
बुधवार रात 8 बजे हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र को जमकर खरी-खोटी सुनाई.
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अस्पतालों में ऑक्सीजन की जबरदस्त किल्लत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है. (फोटो- India Today/PTI)
दिल्ली हाई कोर्ट ने कोविड-19 के मरीजों के लिए जरूरी ऑक्सीजन की कमी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को बुरी तरह लताड़ा है. इस मसले पर बुधवार (21 अप्रैल) को हुई एक अहम सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र को जमकर खरी-खोटी सुनाई. रात 8 बजे जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने सुनवाई शुरू की. मामला था दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन की भीषण किल्लत का. मैक्स हॉस्पिटल ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसके 6 अस्पताल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं. उसने अपील की थी कि जल्द से जल्द मदद मुहैया कराई जाए वरना स्थिति भयावह हो सकती है. कोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को सीधा कटघरे में खड़ा कर दिया.
खबर के मुताबिक, कोर्ट ने इन हालात के लिए केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा–
“लालच की हद है”
अब बस कोर्ट की अन्य टिप्पणियां पढ़ते जाइए...
सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोर्ट से कहा कि उसने इंडस्ट्रीज को ऑक्सीजन देने से रोकने के लिए पत्र भेजा है. इस पर कोर्ट ने कहा-
इसके बाद आख़िरकार कोर्ट के सामने ये बात रखी गई कि ऑक्सीजन सप्लायर Inox ने मैक्स हॉस्पिटल को 2 हजार क्यूबिक मीट्रिक टन ऑक्सीजन देने की तैयारी कर ली है. कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए कि ऑक्सीजन के सुलभ ट्रांसपोर्ट को फौरन सुनिश्चित किया जाए. इस बीच, बुधवार शाम को खबर आई कि केंद्र सरकार ने दिल्ली को दी जाने वाली मेडिकल ऑक्सीजन के कोटे में बढ़ोतरी कर दी है.

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