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हाई कोर्ट ने कहा, अगर प्राइवेसी की इतनी चिंता है तो छोड़ दो Whatsapp

वॉट्सऐप के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस सचदेवा की टिप्पणी

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18 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 18 जनवरी 2021, 01:27 PM IST)
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इससे पहले प्राइवेसी के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के जज ने कहा था कि आपको प्राइवेसी की इतनी फिक्र है तो वॉट्सऐप डिलीट कर दीजिए.
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प्राइवेसी की बहस कोर्ट तक पहुंच चुकी है. दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सोमवार को वॉट्सऐप (WhatsApp) के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की. याचिक में कहा गया था कि वॉट्सऐप प्राइवेसी के लिए खतरा है और यह मनमाने तरीके से डेटा कलेक्ट और शेयर (Data Collect & Share) कर रहा है. जस्टिस संजीव सचदेवा की सिंगल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. जब मामला कोर्ट के सामने पहुंचा तो जस्टिस सचदेवा ने कहा,
"यह एक प्राइवेट ऐप है. इसमें आपकी शिकायत क्या है. मैं आपकी चिंता नहीं समझ पा रहा हूं. अगर आपको लगता है कि वॉट्सऐप से आपके डेटा के साथ समझौता हो रहा है तो वॉट्सऐप डिलीट कर दीजिए."
  'सभी ऐप ऐसा करते हैं' जस्टिस सचदेवा यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने दूसरे ऐप्स के बारे में भी अपनी राय रखी. याचिका पर सुनवाई करने के दौरान जज सचदेवा ने कहा
वॉट्सऐप ही नहीं, सभी ऐप्लिकेशन ऐसा करते हैं. क्या आप Google मैप का इस्तेमाल करते हैं? क्या आप जानते हैं कि यह आपके डेटा को कैप्चर और शेयर करता है?
वॉट्सऐप की प्राइवेसी नीति को लागू करने के खिलाफ चैतन्य रोहिल्ला नाम के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. याचिका में कहा गया है कि ये संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकार के खिलाफ है. कोर्ट में फेसबुक की ओर से मुकुल रोहतगी मौजूद थे. उन्होंने कहा,
इसका इस्तेमाल पूरी तरह से सेफ है. लोगों की प्राइवेसी का ध्यान रखा जा रहा है. दो दोस्तों की बातचीत को किसी भी थर्ड पार्टी को नहीं शेयर किया जाएगा. ये सिर्फ वॉट्सऐप बिजनेस से जुड़े ग्रुप के लिए है, जिसमें डेटा और रुचि को देखकर उसे बिजनेस के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
वॉट्सऐप की तरफ से कोर्ट में मौजूद सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा,  'अगर यूजर की इच्छा नहीं है तो वह बिजनेस ग्रुप में मेसेज न करें. ऐसा करने का उनको पूरा अधिकार है.'
Whatsapp
कोर्ट ने कहा सिर्फ वॉट्सऐप ही नहीं कई और ऐप भी डेटा लेते हैं.
कोर्ट में कंफ्यूजन, कौन किसे रिप्रेजेंट कर रहा है कोर्ट के सामने तब हास्यास्पद स्थिति पैदा हो गई जब दो बड़े वकील अपने क्लाइंट्स को लेकर ही कंफ्यूज हो गए. सुनवाई के दौरान जब सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि वह वॉट्सऐप की तरफ से कोर्ट में मौजूद हैं. इस पर सुनवाई में मौजूद सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने टोका. उन्होंने कहा - आप फेसबुक की तरफ से कोर्ट में मौजूद हैं, मैं वॉट्सऐप की तरफ से यहां पर हूं. इस कंफ्यूजन में जस्टिस सचदेवा भी बिना हंसे नहीं रह पाए.
हाल ही में वॉट्सऐप ने अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को लेकर यूजर्स को मेसेज करने शुरू किए थे. जिसमें डेटा को फेसबुक के साथ शेयर करने की बता थी. इसे लेकर काफी बवाल हुआ और काफी लोगों ने वॉट्सऐप छोड़ कर दूसरे मेसेजिंग ऐप्स का रुख किया है. प्राइवेसी की इस चिंता पर ही एडवोकेट चैतन्य रोहिल्ला दिल्ली हाई कोर्ट में केस लेकर गए हैं. उनका कहना है कि वॉट्सऐप यूजर्स पर दबाव डाल कर उन्हें शर्तें मानने पर मजबूर कर रही है. बता दें कि वॉट्सऐप भी फेसबुक की ही कंपनी है. आज की सुनवाई के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 जनवरी का दिन तय किया है.

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