तुर्कमान गेट मस्जिद हिंसा: पुलिसकर्मियों को किसने मारे पत्थर? ये नाम सामने आए
FIR के मुताबिक भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और पथराव शुरू कर दिया. इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.

दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित बड़ी मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा और पथराव को लेकर दर्ज FIR की कॉपी सामने आई है. यह FIR कांस्टेबल संदीप द्वारा दर्ज कराई गई है, जो थाना चांदनी महल में तैनात हैं. FIR में पूरा घटनाक्रम और आरोपियों के बारे में जानकारी सामने आई है.
इंडिया टुडे के पास इस FIR की कॉपी है. इसके अनुसार, 7 जनवरी 2026 की रात चांदनी महल थाना क्षेत्र में तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद के आसपास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई चल रही थी. यह कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद MCD कर रही थी. पुलिस पहले से ही इलाके में तैनात थी और मस्जिद के आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया गया था. पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मस्जिद को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाना था, केवल मस्जिद के आसपास बने अवैध निर्माण हटाए जा रहे थे.
FIR के मुताबिक रात करीब 12:40 बजे SHO चांदनी महल और अन्य पुलिस स्टाफ मौके पर मौजूद थे. इसी दौरान 30 से 35 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगी. पुलिस ने सरकारी लाउडहेलर के जरिए भीड़ को कई बार समझाने की कोशिश की और बताया कि इलाके में धारा 163 BNSS लागू है. सभी लोग वहां से हट जाएं, लेकिन भीड़ ने पुलिस की बात नहीं मानी.
इसके बाद भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और पथराव शुरू कर दिया. पथराव के दौरान एक सरकारी लाउडहेलर भी तोड़ दिया गया. इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. इनमें हेड कांस्टेबल जल सिंह, कांस्टेबल विक्रम, इंस्पेक्टर महावीर और अन्य शामिल हैं. सभी घायलों को सरकारी वाहन से एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया.
FIR में मेडिकल रिपोर्ट (MLC) का भी जिक्र है. हेड कांस्टेबल जल सिंह के सिर के पिछले हिस्से में 3.5 सेंटीमीटर का गहरा घाव पाया गया. कांस्टेबल विक्रम के माथे के दाहिने हिस्से में चोट आई, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं. कुछ मामलों में सूजन, खरोंच और हल्की चोटें दर्ज की गईं.
FIR में आरोपियों का नाम भी सामने आया है. शाहनवाज, मो. आरिफ, मो. कासिम, मो. अदनान और मो. कैफ सहित अन्य लोगों को पुलिस की सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, पथराव करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप के तहत नामजद किया गया है. कांस्टेबल संदीप ने बताया कि वह इन लोगों को पहचानते हैं और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों की भी पहचान कर सकते हैं.
पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 132, 121, 191(2), 191(3), 223(A) और 3/5 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
FIR में यह भी उल्लेख है कि घटना के समय नाइट इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे और हालात को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. स्थिति पर काबू पाने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.
वीडियो: पुरानी दिल्ली में मस्जिद के पास तोड़-फोड़, पत्थरबाज़ी हुई, 5 पुलिसकर्मी घायल

.webp?width=60)

