अमित शाह ने चिल्लाकर पिट रहे लड़के को भीड़ से बचाया
अमित शाह ने चिल्लाकर कहा, अरे अरे अरे छोड़ दो इसको

'अरे अरे अरे इसको छोड़ दो...जाने दो...सिक्योरिटी...जल्दी आओ...बाहर ले जाओ इसको...'
ये शब्द हैं गृहमंत्री अमित शाह के. दिल्ली में चुनावी रैली थी. बाबरपुर इलाके में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. बोल रहे थे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर. उसी दौरान एक युवक CAA को वापस लेने की मांग करने लगा. आसपास मौजूद लोगों ने युवक से धक्का-मुक्की शुरू कर दी. इस बीच अमित शाह ने भीड़ बोलकर उसे बचाया. युवक के बाहर जाने के बाद अमित शाह ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए.
(इस वीडियो में 26 मिनट, 30 सेकेंड पर विरोध वाला वाकया देखा जा सकता है)शाह इससे पहले जनता से कह रहे थे,
मैं पूछना चाहता हूं कि CAA क्या है. पकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में जो हिंदू, सिख, पारसी, बौद्ध, ईसाई रह गए थे, उनके साथ वहां अत्याचार हुआ. उनकी महिलाओं के साथ उनके सामने बलात्कार हुआ. वो कहां जाएंगे? यहीं तो आएंगे. केजरीवाल इसका विरोध कर रहे हैं. ये लोग CAA का विरोध कर रहे हैं. क्यों कर रहे हैं, इनसे पूछिए.# और क्या कहा शाह ने
रैली बाबरपुर में थी, लेकिन अमित शाह ने शाहीन बाग को याद किया. शाहीन बाग में CAA के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन का जिक्र किया. शाह ने कहा, '8 तारीख को बटन इतने गुस्से के साथ दबाओ कि बटन यहां बाबरपुर में दबे, लेकिन करंट शाहीन बाग के अंदर लगे.'
Union Home Minister Amit Shah: Button (on EVM) dabao tab inte gusse ke saath dabana ki button yahan Babarpur mein dabbe, current Shaheen Bagh ke andar lage. #DelhiElections2020 pic.twitter.com/QtD1Fmbc58
— ANI (@ANI) January 26, 2020
अमित शाह के भाषण में अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी के अलावा इमरान खान भी शामिल थे. शाह ने केजरीवाल और कांग्रेस पर हल्ला बोलते हुए कहा,
कांग्रेस और केजरीवाल ने देश को गुमराह कर दंगे कराए, दिल्ली को असुरक्षित किया. ये अभी भी कह रहे हैं कि हम शाहीन बाग के साथ हैं. मैं दिल्ली की जनता को कहना चाहता हूं कि ये लोग दिल्ली को कभी सुरक्षित नहीं रख सकते, क्योंकि इनकी आंखों पर वोट बैंक की पट्टी बंधी है.
रैली में अमित शाह ने कहा,
केजरीवाल, राहुल बाबा और इमरान खान की भाषा एक जैसी क्यों है? जो राहुल बोलते हैं, वो केजरीवाल बोलते हैं और वही बात इमरान खान बोलते हैं. इनके बीच रिश्ता क्या है, ये मैं समझ ही नहीं पाया. इनके हाथों में देश सुरक्षित रह सकता है? क्या दिल्ली सुरक्षित रह सकती है?
# और फिर कान खींचना
अमित शाह ने रैली में स्वास्थ्य की बात की. आयुष्मान योजना के फ़ायदे गिनाए. लोगों से कहा, ‘दिल्ली में अगर कोई बीमार होता है, तो अस्पताल का ख़र्च नहीं उठा पाता. बेटा जब अपने बाप को बीमारी में अस्पताल ले जाता है, तब क्या होता है. पहले दिन डॉक्टर टेस्ट करता है ढेर सारे. दूसरे दिन बिल आ जाता है. और बिल देखकर बाप अपने बेटे से कहता है कि बेटा मुझे घर ले चल. मैं तो बीमारी से मरूंगा, लेकिन तू इस बिल के कर्ज़े से मर जाएगा. मोदीजी ने 7 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत फ़्री ट्रीटमेंट करवाया है.'
इसके बाद शाह ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा,
लेकिन बाबरपुर के लोगों को इसका फ़ायदा नहीं मिल रहा. आप पूछोगे, क्यों नहीं मिल रहा? इसकी वजह है केजरीवाल सरकार. इन लोगों ने जान-बूझकर योजना का फ़ायदा आप लोगों तक नहीं पहुंचने दिया. क्योंकि इन्हें डर था कि अगर आप लोगों तक इस योजना का फ़ायदा पहुंचेगा तो, वोट मोदीजी को जाएंगे. इसलिए केजरीवाल सरकार ने ये योजना बंद करके रख दी. आपने 15 साल कांग्रेस को दिए और 5 साल AAP को दिए. मैं इस बार गारंटी दे रहा हूं कि हम दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बना देंगे. अगर ऐसा नहीं होता, तो आप चाहो तो मेरे कान खींचना.’
दिल्ली में 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे और वोटों की गिनती 11 फरवरी को होगी. 2015 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 70 में से 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी. बीजेपी तीन सीटें जीतने में कामयाब हुई थी.
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