20 साल पहले बांग्लादेश भेजा गया शख्स दिल्ली लौटा, अब फिर वापस भेजा जाएगा
Bangladeshi Infiltration: दिल्ली पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. उसने बताया कि 20 साल पहले वापस भेजा गया था. लेकिन उसके बाद फिर से अवैध रुप से भारत में आ गया था.

दिल्ली में कथित अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहिंग्या मुसलमानों पर दिल्ली पुलिस (Delhi Bangladeshi Migrants) की कार्रवाई जारी है. दिल्ली पुलिस इन कथित अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए अभियान चला रही है. इस सिलसिले में पुलिस घर-घर जाकर लोगों के डॉक्यूमेंट की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने आरके पुरम थाना क्षेत्र में एक अवैध बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार करने की बात कही है. पुुलिस के मुताबिक, इस शख्स को 20 साल पहले भी बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया था. जिसके बाद वो फिर से भारत आ गया. पुलिस के मुताबिक, उसे फिर से डिपोर्ट कर दिया गया है.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, शख्स का नाम फिरोज मुल्ला है. जो बांग्लादेश के मदारीपुर जिले का रहने वाला है. फिरोज मुल्ला से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि वह 1990 से 2004 तक भी दिल्ली में रह चुका है. उस समय वह यमुना पुश्ता इलाके की ढोलक बस्ती में रहता था. 2004 में दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़कर वापस बांग्लादेश भेज दिया था. लेकिन वह वापस दिल्ली आ गया था. उसने दिल्ली स्थित कई ढाबों और दुकानों पर काम किया.
पूछताछ में फिरोज ने बताया कि 1990 में वह अपने माता-पिता के साथ बेनापोल-पेट्रापोल बॉर्डर से भारत में अवैध रूप से आया था. उसके माता-पिता भी कई साल तक दिल्ली में अवैध रूप से रहे. साल 2002 में फिरोज के घरवाले वापस बांग्लादेश लौट गए थे.
इधर, दिल्ली पुलिस ने 28 दिसंबर को करीब 400 परिवारों की जांच की. इस दौरान पुलिस ने 8 कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा. पुलिस ने बताया कि ये सभी जंगल के रास्ते और एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से भारत में दाखिल हुए थे. पकड़े गए सभी प्रवासियों को FRRO (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय) के माध्यम से बांग्लादेश भेज दिया गया है.
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पुलिस ने बताया कि सभी अवैध प्रवासी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले में पकड़े गए हैं. इनकी पहचान जहांगीर, परिना बेगम, जाहिद, अहिद, सिराजुल, फातिमा, आशिमा और वाहिद के रूप में हुई है. ये सभी बांग्लादेश के रहने वाले थे. और दिल्ली में मजदूरी कर रहे थे. दिल्ली पुलिस का यह अभियान राजधानी में कथित अवैध प्रवासियों पर नजर रखने और उन्हें पहचानने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है.
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