सीएम आतिशी ने लोगों से चुनाव के लिए मांगा चंदा, पता है चार घंटे में ही कितने रुपये मिल गए?
Delhi की मुख्यमंत्री Atishi ने दिल्ली की जनता से Crowd funding की करने की मांग की. इसके चार घंटो के भीतर ही उन्हें काफी पैसा मिल गया.
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दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी (CM Atishi) ने रविवार, 12 जनवरी को लोगों से क्राउड फंडिंग (Crowd funding) करने की मांग की. उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए 40 लाख (40 Lakh) रुपये की फंडिंग का लक्ष्य रखा है. इंडिया टुडे से जुड़े आशुतोष की रिपोर्ट के मुताबिक फंडिंग अभियान शुरू होने के चार घंटो के भीतर ही सीएम आतिशी को 10,32,000 रुपये मिल गए. खबर लिखे जाने तक उन्हें कुल 176 लोग डोनेशन दे चुके थे. इसे लेकर दिल्ली की सीएम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जिसमें उन्होंने BJP की लिस्ट के देरी से आने पर भी सवाल खड़े किए.
सीएम आतिशी ने बताया कि साल 2013 में जब AAP पहली बार चुनाव लड़ी थी. तब दिल्ली के लोगों ने उनकी पार्टी को 10 रुपये, 50 रुपये, 100 रुपये का चंदा भी दिया था. इन्हीं पैसों से उनके नेता चुनाव लड़ पाए और जनता के लिए काम किया. इसी तरह AAP ने साल 2015 और 2020 का चुनाव भी लड़ा. AAP ने दिल्ली के सबसे गरीब लोगों से लेकर देशभर के नागरिकों तक से मदद ली.
किस फंडिंग से परहेज?इसी दौरान आतिशी ने कॉर्पोरेट फंडिंग पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने कभी कॉर्पोरेट्स या पूंजीपतियों से पैसे नहीं लिए. भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब उम्मीदवार और पार्टियां बड़े उद्योगपतियों से पैसा लेती हैं, तो फिर चुनाव जीतने के बाद उन्हें ठेके और सुविधाएं देकर उसका भुगतान करना पड़ता है.
अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस मॉडल को बदला और दिल्ली के लोगों के लिए मुफ्त पानी, बिजली, मोहल्ला क्लीनिक और शिक्षा जैसी योजनाओं को लागू किया. यदि AAP पूंजीपतियों से पैसे लेते, तो यह सब संभव नहीं हो पाता.
मीडिया से बातचीत में आतिशी ने BJP पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि BJP के पास चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार ही नहीं हैं. बोलीं- ‘अगर ऐसा न होता तो उम्मीदवारों की घोषणा में देरी क्यों होती? वे अब तक पूरी लिस्ट नहीं दे पाए हैं. उनके बड़े नेता चुनाव लड़ने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें हारने का डर है.’
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