अमित शाह ने शार्प बातें कहीं. कट-टु-कट. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद विरोधियों परचालाकी से पलटवार किए. पूछा कि सेना की कार्रवाई पर देश को गर्व है, लेकिन आपकोक्यों नहीं है? ये एक कुशल पॉलिटिकल प्रेस कॉन्फ्रेंस थी. लेकिन इसमें एक गलती अमितशाह कर गए. गलती क्या थी, पेच था. जिसका सिरा उन्होंने केजरीवाल की तरफ रखने कीकोशिश की, लेकिन उन्हें खबर न थी कि दूसरा सिरा भी उतना ही नुकीला है और उसका मुंहखुद उनकी ओर है. अमित शाह एक कागज लेकर आए थे. इसमें पाकिस्तान के ट्विटर ट्रेंड कीलिस्ट थी. जिसे दिखाते हुए उन्होंने कहा कि जैसे ही केजरीवाल ने सर्जिकल स्ट्राइकके सबूत मांगने वाला बयान दिया, वो पाकिस्तान में ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे औरवहां हिट हो गए. पाकिस्तान में गुरुवार को ट्विटर पर #PakStandsWithKejriwal ट्रेंडकर रहा था. अमित शाह ने कहा, 'केजरीवाल ने सबसे पहले सवाल उठाया कि इसके सबूत देनेचाहिए. आपने सोशल मीडिया पर देखा होगा कि पाकिस्तान में ट्रेंड चलने लगा. इससे पताचलता है कि उनके बयान किसका फायदा करा रहे हैं.' लेकिन पाकिस्तान के ट्रेंड मेंकेजरीवाल अकेले नहीं थे. उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे. पाकिस्तान मेंसुबह 8 बजे तक #WeLoveYouModi ट्रेंड कर रहा था. इस हैशटैग से किए गए सारे ट्वीट्सदेखने के लिए यहां क्लिक करें.https://twitter.com/bhushan836/status/784270418148401152https://twitter.com/AyishaBaloch/status/784076230702301184https://twitter.com/munnnabai/status/784268284984119296https://twitter.com/AyerishMalik/status/784250181256708096https://twitter.com/Sahil_357/status/784094688487825410 बात दरअसल ये है कि सरहदपार के के नेताओं और मशहूर हस्तियों के बयानों का दोनों देश अपनी सुविधा सेइस्तेमाल करते हैं. इसीलिए मोदी पर सवाल उठाने वालों के बयान पाकिस्तान मेंबढ़ा-चढ़ाकर बतलाए जाते हैं. पाकिस्तान हमारे यहां के विपक्षी नेताओं के बयानों कोअपनी सहूलियत के हिसाब से इस्तेमाल कर रहा है. हम भी पाकिस्तान के पूर्व सेनाअधिकारी या टीवी पैनलिस्ट या पीओके के आम लोगों की जुबानके आधार पर यहां खबर बनातेहैं, क्योंकि वह भारत के पक्ष को मजबूती देता है. ये बात पड़ोसी के घर की अंदरूनीआवाज़ मानी जाती है, इसलिए सामने वाला उसे हाईलाइट करता है. कश्मीर में लोग जबभारतीय सेना पर पत्थर चलाते हैं तो पाकिस्तान इसे गा-बजाकर बताता है. बलूचिस्तानमें जो होता है, उसका डंका हम पीटते हैं. सही-गलत की बात नहीं है. ये दो देशों कीअदावत है, इसमें ऐसा ही होता है. लेकिन कोई नेता ये सोचकर बयान नहीं देता कि वहपाकिस्तान में पॉपुलर हो जाए. इसे गंभीरता से लेने की जरूरत ही नहीं है.#PakStandsWithKejriwal और #WeLoveYouModi दोनों मिलकर निल बटे सन्नाटा ही हैं.अमित शाह को कम से कम इसका लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उन्हें बिहार चुनावसे पहले अपना ये बयान भी याद होगा जिसमें उन्होंने कहा था, 'अगर वे चुनाव जीते तोपाकिस्तान में पटाखे फोड़े जाएंगे.' इस बयान का फायदा हुआ या नुकसान, ये आप जानतेहैं.