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महाराष्ट्र में मिड-डे मील के पैकेट में मरा हुआ सांप मिला, विधानसभा में उठ गया मुद्दा

बच्चे के माता-पिता की शिकायत के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की है.

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4 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 4 जुलाई 2024, 12:05 AM IST)
mid day meal
(सांकेतिक फ़ोटो)
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महाराष्ट्र के एक सरकारी नर्सरी स्कूल में बच्चों के मिड-डे मील पैकेट में कथित तौर पर एक छोटा मरा हुआ सांप मिला है. इस घटना की जानकारी एक बच्चे के माता-पिता ने दी है. यह घटना पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले में 1 जुलाई को हुई है. राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ की उपाध्यक्ष आनंदी भोसले ने इसे गंभीर मामला बताया है. माता-पिता की शिकायत के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की है.

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताब़िक, आनंदी भोसले ने बताया कि कथित घटना की रिपोर्ट पलुस में एक बच्चे के माता-पिता ने दर्ज कराई थी. PTI से बात करते हुए उन्होंने कहा,

“छह महीने से तीन साल की उम्र के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में दाल खिचड़ी का प्रीमिक्स वाला मिड-डे मील का पैकेट मिल रहा है. सोमवार को पलुस में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा भोजन के पैकेट बांटे गए थे. बच्चों में से एक के माता-पिता ने दावा किया कि उन्हें जो पैकेट मिला था, उसमें एक छोटा मरा हुआ सांप मिला था.”

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भोसले ने बताया कि माता-पिता ने सांप की तस्वीर खींची और उसे आंगनवाड़ी सेविका को भेज दिया. लेकिन जब सेविका ने हमारे जिला सेविका ग्रुप को फोटो भेजी, तब तक माता-पिता ने सांप को फेंक दिया. भोसले ने आगे बताया,

"2 जुलाई को हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था और सांगली जिला परिषद के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप यादव, जो महिला एवं बाल कल्याण तथा आंगनवाड़ी अनुभाग के प्रमुख हैं, उन्हें इस बारे में जानकारी दी गई. घटना के बाद जिस गोदाम में खाने के पैकेट रखे गए थे, उसे सील कर दिया गया है."

भोसले ने यह भी दावा किया कि पहले भी मिड-डे मील को लेकर ठेकेदार के बारे में शिकायतें मिली हैं. उन्होंने कहा,

"ठेकेदार द्वारा पैकेट सीधे आंगनवाड़ियों को दिए जाते हैं. वहां से उन्हें दो से तीन दिनों के अंदर बच्चों को दिया जाता है. इस मामले में, न तो आंगनवाड़ी सेविका और न ही किसी अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी ने कथित सांप को देखा है, केवल माता-पिता ने ही इसे देखने का दावा किया है."

कांग्रेस नेता और पलुस-कड़ेगांव के विधायक विश्वजीत कदम ने भी विधानसभा सत्र में मिड-डे मील पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था,

"गर्भवती महिलाओं और छह महीने से तीन साल की उम्र के बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील में एक मरा हुआ छोटा सांप मिला. यह एक गंभीर मुद्दा है. सरकार को समझना चाहिए कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जान जोखिम में है. दोषियों के खिलाफ सख्त सजा दी जानी चाहिए."

PTI की रिपोर्ट के मुताब़िक, कथित घटना के बाद जिला परिषद के आंगनवाड़ी सेक्शन के हेड यादव से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई. लेकिन उनकी तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया.

वीडियो: बेटी संग मिड डे मील खाते ऑफ़िसर की पूरी कहानी

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