इंसान कुछ भी खा सकता है. साइंस भले कहता रहे कि वो सिर्फ फल-सब्जियां खाने के लिएबना है, लेकिन वो कुछ भी खा सकता है. मुर्गा, बकरा, कुत्ता, बिल्ली, बंदर, चूहा,भेड़, सुअर, गाय, भैंस... यूं समझ लीजिए कि इस जगत में जितने जानवर हैं, इंसान सबकोखा सकता है. धरती पर कहीं ये उनकी जरूरत है, कहीं मजबूरी और कहीं महज शौक. अब देखिएन. दिल्ली में सेंट्रल पुलिस रेडियो ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CPRTI) में नागालैंड केदो आर्म्ड पुलिस कॉन्स्टेबल (NAP) द्वारा कुत्ता और बिल्ली पकाकर खाने का मामलासामने आया है.मामला पिछले सप्ताह गुरुवार का है. दिल्ली स्टेट एनीमल वेलफेयर बोर्ड ने शिकायतमिलने पर विहितो अवोमी और वी तोहो नाम के इन दो कॉन्स्टेबल्स की बैरकों में छापामारा. ये दोनों गुपचुप तरीके से अपनी बैरकों के किचन में बिल्ली पकाते थे. इनकेकमरे से पॉलीथीन में एक मरी बिल्ली भी बरामद हुई. अपने बचाव में इनका कहना है किइनके कल्चर में ऐसे जानवरों को खाना सामान्य सी बात है. इस मामले ने एक बार फिरभारत के मेट्रो शहरों और नॉर्थ ईस्ट के शहरों के कल्चर में होने वाले अंतर को उजागरकिया है, जिस पर अक्सर बहस होती है.छापा मारने वाले बोर्ड के सदस्य जहां इसे IPC की धारा 428 और 429 के हिसाब से अपराधबता रहे हैं, वहीं दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट के लोगों की हेल्पलाइन बनाने वाली मधुचंद्रा यूनिफॉर्म लॉ की बात कहती हैं. उनके मुताबिक अगर ऐसा कानून नहीं बनाया जाताहै, तो नॉर्थ ईस्ट के लोगों को परेशान किया जाता रहेगा. CPRTI के जॉइंट डायरेक्टरजनरल वेनू कुमार ने इस मामले पर खेद जताते हुए एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमेंउन्होंने पूरे इंस्टीट्यूट में कहीं भी ऐसा काम दोबारा न होने की बात कही.बैरक में पॉलीथीन में मिली बिल्लीवैसे इन कॉन्स्टेबल्स के कमरे से खून से भीगा लकड़ी का डंडा और रॉड भी बरामद हुईहैं. इस पर सवाल किए जाने पर कॉन्स्टेबल्स ने कोई जवाब नहीं दिया. रेड का हिस्सारहीं एनीमल एक्टिविस्ट सोन्या घोष के मुताबिक उन्हें इंस्टीट्यूट में कुत्ता-बिल्लीपकाए जाने की खबर अंदर से ही मिली थी. इंस्टीट्यूट के कुछ अफसरों ने बताया कि येदोनों लंबे समय से रोजाना कुछ पक्षी और जानवर मारकर पकाते थे. फॉरेस्ट कैंपस में वोगुलेल की मदद से चिड़िया मारते थे. इन पर आरोप है कि इन्होंने एक लंगूर भी मारा था,जिसे वो खा गए और उसकी पूंछ इनकी बैरक में मेमेंटो के तौर पर टंगी थी.जब इन कॉन्स्टेबल्स से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें वो बिल्ली सड़कपर मिली थी, जिसे कुत्ते ने मार डाला था. उसका मांस बेकार न जाए, इसलिए वो उसेपकाने के लिए कमरे में ले आए. उन्होंने कहा, 'कुत्ते, बिल्ली और दूसरे जानवरों कामांस खाना हमारे लिए सामान्य बात है. हम इसके आदी हैं.'