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पापा मरे थे तो PM साहब हमारे घर आए थे: हेडली

हेडली का नया खुलासा. बोला, '1971 वॉर में इंडिया ने मेरे स्कूल पर बम बरसाए थे. तब से बदला लेना चाहता था.'

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डेविड कोलमैन हेडली
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कुलदीप
25 मार्च 2016 (अपडेटेड: 25 मार्च 2016, 07:55 AM IST)
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26/11 मुंबई हमलों में शामिल पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली के जब पिता मरे थे तो वहां के वजीरे-आजम ग़म जताने उनके घर पहुंच गए थे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई पूछताछ में हेडली ने शुक्रवार को यह दावा किया. ये वजीरे आजम यूसुफ रजा गिलानी थे. हेडली के मुताबिक, उसके पिता रेडियो पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल की पोस्ट से रिटा महानिदेशक थे. उनका निधन 25 दिसंबर 2008 को हुआ था. हेडली ने कहा कि उसके पिता, भाई और कुछ और रिश्तेदार पाकिस्तान इस्टैबलिशमेंट से जुड़े हुए थे, लेकिन वह उनका नाम जाहिर नहीं कर सकता.

'भारत ने तबाह किया था मेरा स्कूल'

हेडली ने कहा कि उसने 1971 वॉर का बदला लेने के मकसद से लश्कर-ए-तैयबा जॉइन किया था. उसने कहा कि भारतीय विमानों ने 1971 में उसके स्कूल पर बम बरसाए थे. अमेरिका से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुंबई कोर्ट की जिरह में शामिल हेडली ने कहा, 'मैं भारत से बदला लेना चाहता था. 07 दिसंबर 1971 को भारतीय विमानों ने बमबारी कर मेरे स्कूल को तबाह कर दिया था. उस हादसे में वहां काम कर रहे कई लोग मारे गए थे.' हेडली ने कहा कि कई वजहों में से एक वजह यह भी थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जॉइन किया. कोर्ट को हेडली ने बताया कि उसने खुद अपने पिता से लश्कर के साथ रिश्तों की चर्चा की थी. उसने कहा, 'मैंने खुद अपने पिता को बताया था कि मैं लश्कर से जुड़ा हूं. उन्होंने इस पर आपत्त‍ि जताई थी.' आतंकी ने बताया कि 9/11 के हमले को लेकर कभी उससे कोई पूछताछ नहीं की गई. उसने कहा कि पाकिस्तान में उसे एक बार गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उसकी पूर्व पत्नी फैजा ने उसके खि‍लाफ केस कर दिया था.

'किसी के कहने पर नहीं लिया इशरत का नाम'

डेविड हेडली ने उन आरोपों को खारिज किया है, जिसमें कहा गया कि पूछताछ के दौरान NIA के कहने पर उसने इशरत जहां का नाम लिया और उसे लश्कर का आतंकी बताया. हेडली ने कहा, 'एनआईए ने मुझे इशरत का नाम लेने की सलाह नहीं दी. उन्होंने मुझसे सवाल किया, जिसका मैंने जवाब दिया. वो भला मुझे इशरत का नाम लेने के लिए क्यों कहेंगे? मैंने तहव्वुर राणा के अमेरिका में ट्रायल के दौरान इशरत का नाम इसलिए नहीं लिया क्योंकि उन्होंने मुझसे इस बारे में पूछा नहीं. मैं सिर्फ वहीं कहता जो मुझसे पूछा जाता.'

'मैं बहुत बुरा आदमी हूं'

हेडली ने जिरह के तीसरे दिन कहा कि वह अपने सारे अपराध कबूल करता है. उसने कहा, 'मैं बहुत खराब इंसान हूं. मैं ये बात मान गया हूं. मैं अपराध स्वीकार कर चुका हूं. आप कह रहे हैं तो फिर मान लेता हूं.' कोर्ट को हेडली ने बताया कि उसे रहने के लिए जेल में कोई लग्जरी सुविधा नहीं दी गई. जिरह के दौरान ऐसे सुझाव के सवाल पर उसने हंसते हुए जवाब दिया. वकील वाहब खान से उससे पूछा कि क्या जेल में उसे वैवाहिक अधिकार दिया गया? लेकिन जज जीके सनप और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने इस तरह के सवाल करने पर आपत्ति‍ जताई.

लश्कर ने की थी बाल ठाकरे की हत्या की कोशि‍श

गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को जिरह के दौरान हेडली ने कहा था कि लश्कर ने शि‍वसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की हत्या की नाकामकोशि‍श की थी. उसने यह भी कबूल किया उसने इस बाबत दो बार शि‍वसेना भवन की रेकी की थी.

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