उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक आदमी ने अपना अंगूठा काट लिया. कारण सिर्फ इतना थाकि उन्होंने हाथी की जगह कमल का निशान दबा दिया था. अंगूठा काटने वाले शख्स का नामहै पवन कुमार. उम्र 25 साल. गुरुवार 18 अप्रैल को बुलंदशहर के अब्दुल्ला हुलासनपुरगांव में वोट देने गए थे. खबर थी कि बसपा की जगह बीजेपी को वोट दे देने के कारणउन्होंने अपना अंगूठा काट लिया. ये तो हम आपको पहले ही बता चुके हैं. पूरी खबर आपयहां पढ़ सकते हैं. अब हमें इसी खबर से जुड़ी कई और बातें भी पता चली हैं. और सारीबातें बताई हैं खुद पवन के भाई ने विनोद कुमार ने. विनोद गाड़ी चलाते हैं. वो बतातेहैं कि पवन बीमार हैं, पिछले 7 साल से दिल्ली में मानसिक अस्वस्थता का इलाज करा रहेहैं. उन्होंने कहा- मैं शाम को 5 बजे (वोटिंग वाले दिन - 18 अप्रैल, 2019) गाड़ीचलाकर घर पहुंचा तो मुझे बताया गया कि पवन ने उंगली काट ली है. मुझे पता चला कि जबवो दोपहर में वोट देकर घर आया तो उससे घरवालों ने पूछा,'किसको वोट देकर आया है?'पवन ने जवाब दिया,'अंधेरा था, मुझे ठीक से दिखा नहीं.' फिर कहा कि फूल के निशान परडालकर आया है. घर वालों ने उससे कहा कि हाथी पर डालना था. इससे पवन को बुरा लगा. वोसारा दिन सोच में रहा कि उससे ये गलती कैसे हो गई. शाम के वक़्त वो पशुओं को चाराडालने गया तो वहां उसे चारा काटने के ये गंडासा दिखा. कुछ देर तक वो स्याही कानिशान मिटाने की कोशिश करता रहा लेकिन जब नहीं मिटा सका तो उंगली का ऊपरी पोर काटदिया. फिर दर्द हुआ तो चिल्लाने लगा. घर वाले अस्पताल ले गए. अब वो ठीक है.A youth in Abdullapur Hulaspur village in UP's Bulandshahr severed his ownfinger for accidently voting BJP instead of BSP. pic.twitter.com/zXq9LwOOH3— Piyush Rai (@Benarasiyaa) April 18, 2019#Watch: Shocker coming in from Bulandshahr, as a BSP supporter chopped off hisfinger after he allegedly pressed the wrong button on the EVM and voted for BJPinstead. #LokSabhaElections2019 pic.twitter.com/1YqYIr2QWq— Mohit Sharma (@iMohit_Sharma) April 18, 2019# अंगूठा नहीं उंगली काटी थी -कुछ अख़बारों का कहना था कि पवन ने अंगूठा काट लिया है क्योंकि उसने अंगूठे से ईवीएमका बटन दबाया था. लेकिन वीडियो में भी साफ़ दिख रहा है उसने अंगूठा नहीं काटा है,उंगली काटी है. उसके भाई की बातों को सच मानें तो पवन दरअसल फूल का निशान दबाने कोअपनी गलती मान रहे थे. इसी अपराधबोध में उन्होंने ऐसा किया. यूं भाई से बात करने केबाद ये साफ़ होता है कि ये कोई पॉलिटिकली मोटिवेटेड स्टेप नहीं था और ना ही बीजेपीको वोट देने के कारण उसे निजी तौर पर कोई अफ़सोस था. इसके लिए पवन का मखौल कतई नहींकिया जाना चाहिए. सोशल मीडिया पर लोग पवन के बारे में तरह-तरह की बातें कर रहे हैंउन्हें ये ध्यान रखने चाहिए कि पवन स्वस्थ नहीं हैं.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो: बीजेपी की प्रेस कांफ्रेंस में जूता किसने फेंका?