कोरोना पर देश के वैज्ञानिक सलाहकार की ये बात योगी आदित्यनाथ की चिंता बढ़ा सकती है
बोले- नहीं पता था कि दूसरी लहर इतनी प्रचंड होगी.
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देश के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के विजयराघवन ने कि कोरोना के हालात यूपी में चिंताजनक बने हुए हैं. उन्होंने सरकार की तैयारियों को लेकर कई जरूरी बातें बताई हैं. (फोटो-विकीपीडिया/PTI)
कोरोना की दूसरी लहर (second wave of corona) के बाद बिगड़े हालात को लेकर सरकार की बदइंतजामी को लेकर पहले भी खबरें आई हैं. यह बात भी सामने आई कि संसदीय समिति और नीति आयोग के सलाहकार डॉक्टर वीके पॉल के पैनल ने सरकार को पिछले साल ही तैयारी करने के लिए चेताया था लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. अब भारत में रोज कोरोना के साढ़े तीन लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. अब केंद्र सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने सरकार का बचाव किया है. उन्होंने कहा है कि कोरोना की लहर बहुत तेज है, एक साल में इतने इंतजाम कर पाना संभव नहीं था. उन्होंने यूपी में कोरोना के हालात को चिंताजनक बताया है.
'हमें नहीं पता था कि दूसरी लहर इतनी प्रचंड होगी'
भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के विजयन राघवन ने द इंडियन एक्सप्रेस अखबार से बात की. उन्होंने कहा,
'यूपी में हालात चिंताजनक'
के विजय राघवन ने कहा कि कई ज्यादा प्रभावित इलाकों में केसेज कम होने शुरू हो गए हैं. लेकिन यूपी में हालत अब भी 'चिंताजनक' हैं. उन्होंने कहा-
महाराष्ट्र में केसेज प्लैटू पर पहुंच चुके हैं. हालांकि आने वाले कुछ दिन में स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो पाएगी. दिल्ली में भी जल्दी ही केसेज में गिरावट देखने को मिलेगी. भारत में मई के मध्य तक पीक आ सकता है. लेकिन यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि लोगों का कोरोना को लेकर बर्ताव कैसा होगा. हमें रोज कम होते नंबरों को लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने में बहुत सतर्क रहना होगा. उत्तर प्रदेश में हालात चिंताजनक बने हुए हैं. ऐसा ही हाल तमिलनाडु और कर्नाटक का है.
पश्चिम बंगाल और उड़ीसा पर भी बहुत सतर्कता बरतने का वक्त है. इन सभी राज्यों में अब भी चीजें बदल सकती हैं. ऐसा नहीं है कि स्थितियां और बुरी ही हो जाएंगी. अगर तुरंत सख्त एक्शन लिए जाएं तो हालात को बिगड़ने से रोका जा सकता है.
28 अप्रैल की तारीख़ में उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 3 लाख से अधिक एक्टिव केस हैं. प्रदेश में 11 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. (फाइल फोटो- PTI)
'कई वैक्सीन भी आ रही हैं' विजयराघवन ने उन आरोपों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि भारत ने टीकों की मांग को कम कर दिया था. के विजय राघवन पहले जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि हम और टीके लाने लाने के लिए काम कर रहे हैं. अगले कुछ महीने में वो भी आ जाएंगे. उन्होंने कहा, उन्होंने बताया कि विदेश से वैक्सीन मंगवाने को लेकर सरकार ने पिछले साल ही तैयारी शुरू कर दी थी. लेकिन दूसरी लहर की गंभीरता के चलते सरकार पर दबाव बढ़ गया है.
महाराष्ट्र में केसेज प्लैटू पर पहुंच चुके हैं. हालांकि आने वाले कुछ दिन में स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो पाएगी. दिल्ली में भी जल्दी ही केसेज में गिरावट देखने को मिलेगी. भारत में मई के मध्य तक पीक आ सकता है. लेकिन यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि लोगों का कोरोना को लेकर बर्ताव कैसा होगा. हमें रोज कम होते नंबरों को लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने में बहुत सतर्क रहना होगा. उत्तर प्रदेश में हालात चिंताजनक बने हुए हैं. ऐसा ही हाल तमिलनाडु और कर्नाटक का है.
पश्चिम बंगाल और उड़ीसा पर भी बहुत सतर्कता बरतने का वक्त है. इन सभी राज्यों में अब भी चीजें बदल सकती हैं. ऐसा नहीं है कि स्थितियां और बुरी ही हो जाएंगी. अगर तुरंत सख्त एक्शन लिए जाएं तो हालात को बिगड़ने से रोका जा सकता है.
28 अप्रैल की तारीख़ में उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के 3 लाख से अधिक एक्टिव केस हैं. प्रदेश में 11 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. (फाइल फोटो- PTI)
'कई वैक्सीन भी आ रही हैं' विजयराघवन ने उन आरोपों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि भारत ने टीकों की मांग को कम कर दिया था. के विजय राघवन पहले जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि हम और टीके लाने लाने के लिए काम कर रहे हैं. अगले कुछ महीने में वो भी आ जाएंगे. उन्होंने कहा, उन्होंने बताया कि विदेश से वैक्सीन मंगवाने को लेकर सरकार ने पिछले साल ही तैयारी शुरू कर दी थी. लेकिन दूसरी लहर की गंभीरता के चलते सरकार पर दबाव बढ़ गया है.

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