The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Corona Patients: 22 dead bodies brought in a single ambulance van for cremation in Maharashtra's Ambajogai

कोरोना से मरे लोगों के शवों को जिस हालत में श्मशान लाया गया, उसे देखकर दिल बैठ जाएगा

पुलिस ने परिवारवालों के फोन छीन लिए ताकि तस्वीरें बाहर न जा सकें.

Advertisement
Img The Lallantop
एक ही एम्बुलेंस में भरकर लाए गए 22 शव. फोटो - आजतक, दूसरी फोटो प्रतीकात्मक तौर पर (पीटीआई)
pic
यमन
27 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 27 अप्रैल 2021, 08:56 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
कोरोना वायरस. इससे संक्रमित मरीजों की संख्या रोज़ बढ़ रही है. और मरने वालों की संख्या की कोई गिनती नहीं  है. मौतों का आंकड़ा छिपाने और कम दिखाने की कोशिशें केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से जारी है. श्मशानों में शवों की लाइन लगी है और हालत ये है कि मरने के बाद एक सम्मानजनक विदाई भी लोगों को नसीब नहीं हो रही है. महाराष्ट्र के बीड़ जिले से एक ऐसी तस्वीर आई जो दिल बैठा देती है. यहां के स्वामी रामानंद तीर्थ अस्पताल में कोरोना से मरने वाले 22 लोगों के शव को एक ही एंबुलेंस में भरकर श्मशान ले जाया जा रहा था.
Corona Patients In Ambulance
जिन 22 कोरोना मरीजों की डेथ हुई, उन्हें इस तरह लादकर श्मशान घाट लाया गया. फोटो - इंडिया टूडे

घटना 25 अप्रैल की बताई जा रही है. तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का. जिले के अधिकारियों को सूचित किया कि घटनास्थल पर फौरन पहुंचकर मामले की जांच करें. अस्पताल प्रशासन ने दलील दी कि उनके पास एम्बुलेंस नहीं है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मृतकों के परिवार वालों के फोन छीन लिए. जो शवों को ऐसी अमानवीय हालत में लाए जाने पर एम्बुलेंस की फोटो खींच रहे थे. अंतिम संस्कार हो जाने के बाद ही फोन लौटाए गए.
अधिकारियों के मुताबिक 22 शवों को बॉडी बैग्स में डालकर स्वामी रामानंद तीर्थ अस्पताल से लाया गया. बीड़ के जिला कलेक्टर रवींद्र जगताप ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया,
मैंने अंबाजोगाई के एडिश्नल कलेक्टर को जांच के आदेश दे दिए हैं. किसी के भी दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.
वहीं स्वामी रामानंद तीर्थ अस्पताल के डीन डॉ. शिवाजी सुकरे ने अपना पक्ष रखते हुए कहा,
मृतकों को श्मशान घाट ले जाने के लिए हमारे पास बस दो एम्बुलेंस हैं. हमने और एम्बुलेंस की मांग की है. हमारी ज़िम्मेदारी है शवों को अंबाजोगाई की सिविक बॉडी के सुपुर्द करना. ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके. इसके बाद सिविक बॉडी क्या करती है, वो हमारे हाथ में नहीं.
Beed 2
ऐसी अमानवीयता के लिए ना ही कोई बहाना दिया जा सकता है, ना ही इसे नज़रअंदाज़ किया जा सकता है. फोटो - आजतक

बता दें कि बीड़ जिले में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. अंबाजोगाई में स्थिति गंभीर है. इस वजह से यहां का स्वामी रामानंद तीर्थ अस्पताल दबाव झेल रहा है. साथ ही पड़ोसी जिलों के रोगी भी यहां एडमिट हो रहे हैं. इस वजह से भी व्यवस्था डगमगा रही है. अस्पताल प्रशासन एक्स्ट्रा एम्बुलेंस की मांग के लिए जिला प्रशासन को लेटर लिख चुका है. लेकिन अभी तक कोई एम्बुलेंस मुहैया नहीं करवाई गई है.

Advertisement

Advertisement

()