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इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में कांग्रेस ने किसकी निंदा, किसका समर्थन किया?

नई दिल्ली में 9 अक्टूबर को हुई बैठक में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने पारित किए गए अपने प्रस्ताव में तुरंत इस जंग को रोके जाने की बात कही है.

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9 अक्तूबर 2023 (पब्लिश्ड: 11:34 PM IST)
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कांग्रेस ने इजरायल-फिलिस्तीन जंग को रोके जाने की बात कही है. (फाइल फोटो: PTI)
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कांग्रेस ने इजरायल-फिलिस्तीन हिंसक संघर्ष में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जाहिर की है. नई दिल्ली में 9 अक्टूबर को हुई बैठक में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) ने पारित किए गए अपने प्रस्ताव में तुरंत इस जंग को रोके जाने की बात कही है. पार्टी ने कहा है कि संघर्ष की वजहों पर बातचीत होनी चाहिए. कांग्रेस ने इस प्रस्ताव में फिलिस्तीनियों के अधिकारों के समर्थन की बात कही है. साथ ही, कहा है कि संघर्ष के मुद्दों पर बातचीत की जानी चाहिए. 

ये भी पढ़ें- हमास के साथ जंग के बीच भारत का समर्थन मिलने पर इजरायल क्या बोला?

CWC के प्रस्ताव में सिक्किम में आई बाढ़ से लेकर बिहार जातिगत सर्वे के साथ ही इजरायल और फिलिस्तीन के बीच छिड़ी पर जंग पर लिखा गया है,

"CWC मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध और हजार से अधिक लोगों के मारे जाने पर गहरा दुःख और पीड़ा व्यक्त करती है. CWC फिलिस्तीनी लोगों के ज़मीन, स्वशासन और आत्म-सम्मान एवं गरिमा के साथ जीवन के अधिकारों के लिए अपने समर्थन को दोहराती है. CWC तुरंत युद्धविराम और वर्तमान संघर्ष को जन्म देने वाले अपरिहार्य मुद्दों सहित सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का आह्वान करती है."

इससे एक दिन पहले 8 अक्टूबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इजरायल पर हमले की निंदा की थी. उन्होंने X पर लिखा था कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इजरायल के निर्दोष नागरिकों पर हुए क्रूर हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करती है. जयराम ने लिखा कि कांग्रेस का मानना है कि आत्मसम्मान, समानता और गरिमा के जीवन के लिए फिलिस्तीनी लोगों की वैध आकांक्षाओं को पूरा किया जाना चाहिए. साथ ही, इजरायल के वैध राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को भी सुनिश्चित करना होगा. किसी भी प्रकार की हिंसा कभी भी कोई समाधान नहीं दे सकती है और इसे रोका जाना चाहिए.

फिलीस्तीन उग्रवादी ग्रुप हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इसके बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. इस हिंसा में अब तक 1200 से ज्यादा मौतें हुई हैं. इजरायल में 800 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 2,100 से अधिक घायल हुए हैं. वहीं इजरायल के जवाबी हमले में गाजा पट्टी में 500 से ज्यादा लोगों की मौत और 2,000 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है.

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