मोदी सरकार के ढाई साल पूरे होने पर बुधवार को कांग्रेस ने जन वेदना सम्मेलन रखाथा, जिसमें राहुल गांधी गिना रहे थे कि उन्हें 'कांग्रेस का हाथ' कहां-कहां नजर आताहै. वो बोले, 'मुझे शिव की फोटो में कांग्रेस का सिंबल दिखाई दिया. गुरु नानक, हजरतअली और महावीर की फोटो में भी मुझे कांग्रेस का सिंबल दिखा.' ये सब गिनाते हुए वोएक और जगह का जिक्र करना भूल गए, जहां कांग्रेस का हाथ नजर आता है.गोवा में 'बलात्कारियों' के साथ!गोवा में 4 फरवरी को एक ही चरण में चुनाव होना है. यहां बीजेपी मजबूत स्थिति है.अपनी स्थिति सुधारने के लिए कांग्रेस ने यहां भी गठबंधन कार्ड खेला है. उसने गोवाफॉरवर्ड पार्टी और यूनाइटेड गोवन्स के साथ गठबंधन किया है. गोवा फॉरवर्ड पार्टी केमेंटर फतरोदा के विधायक विजय सरदेसाई हैं. ये विधानसभा सीट साउथ गोवा में आती है,जहां से विजय ने 2012 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था और बड़े अंतर से जीता था.छात्र राजनीति से यहां तक का सफर तय करने वाले विजय का अब तक का रिकॉर्ड ठीक नजरआता है. लेकिन गोवा में कांग्रेस के दूसरे सहयोगी इसके ठीक उलट हैं.विजय सरदेसाईकांग्रेस के दूसरे सहयोगी संगठन यूनाइटेड गोवन्स के प्रमोटर सांता क्रूज के विधायकएटेंसियो मॉन्सराट हैं. लोग इन्हें बाबुश मॉन्सराट के नाम से जानते हैं. इन जनाब पर16 साल की एक नाबालिग लड़की को खरीदने और उसके साथ बलात्कार करने का आरोप है. जबलल्लन ने बाबुश की कुंडली खोली, तो देखिए क्या-क्या मिला...पहले काम दिया, फिर खरीदा और...!बाबुश पर आरोप है कि उन्होंने 16 साल की एक नेपाली लड़की को उसकी सौतेली मां से 50लाख रुपए में खरीदा था. ये लड़की पहले मीरमार में बाबुश के हॉलमार्क आउटलेट में कामकरती थी. उसने वहां नवंबर, 2015 से 4 मार्च, 2016 तक काम किया था. बाबुश का दावा हैकि उन्होंने उसकी मां के गुजारिश करने पर लड़की को काम दिया था, लेकिन वहां उसने दोहफ्ते में चार हजार रुपए गायब कर दिए, तो उसे निकाल दिया. लेकिन, लड़की ने बाबुश केखिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था.--------------------------------------------------------------------------------पुलिस को दिए अपने बयान में उस लड़की ने बताया था, 'उन्होंने मुझे जबर्दस्ती शराबपिलाई थी. सुबह जब मैं उठी, तो मैं बिना कपड़ों के थी. मेरे आसपास खून फैला हुआ था.वो भी मेरे पास बिना कपड़े पहने बैठे हुए थे.'--------------------------------------------------------------------------------5 मिनट में मिल गई थी बेलबेल मिलने के बाद अपने परिवार और समर्थकों के साथ बाबुशलड़की के मुताबिक 53 साल के बाबुश ने उसके साथ मार्च, 2016 में रेप किया था. अप्रैलमें उसने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 5 मई को बाबुश को गिरफ्तार कर लिया गया,लेकिन 18 मई को उन्हें बेल मिल गई. कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई महज पांच मिनटचली थी, जिसमें एक लाख के बॉन्ड पर उन्हें बेल मिल गई. पुलिस ने बच्ची की सौतेलीमां के खिलाफ भी बच्ची बेचने का केस दर्ज किया था, जिसे 25 हजार के बॉन्ड पर बेलमिली थी.छोटे राज्य का बड़ा खिलाड़ीबाबुश गोवा में कोई छोटे नेता नहीं हैं. गोवा का सीएम बनने की ख्वाहिश वो खुलेआमजाहिर कर चुके हैं. पिछले साल मार्च में गोवा के सिटी कॉरपोरेशन चुनाव हुए थे,जिनमें बाबुश के संगठन ने 30 में से 17 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 13 सीटें हीमिली थीं. गोवा में हुए इस उलटफेर और बीजेपी की हार ने लोगों का ध्यान खूब आकर्षितकिया था.कांग्रेस को दिया था 'धोखा'2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बाबुश को अपने टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफरदिया था, जिसे बाबुश ने स्वीकार कर लिया था, लेकिन आखिरी वक्त में उन्होंनेयूनाइटेड गोवन्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नाम से अपना नॉमिनेशन फाइल कर दिया. ऐसे मेंकांग्रेस के पास न तो कोई कैंडिडेट बचा था और न वक्त कि वो किसी विकल्प के साथचुनाव में उतर सके.बाद में बाबुश ने मिनिस्टर बनने को लेकर मांडवाली की और कांग्रेस जॉइन कर ली.उन्हें शिक्षामंत्री बनाया गया, लेकिन इस बार उनकी डिग्री पर बवाल हो गया. कुछ लोकलRTI ऐक्टिविस्ट्स ने उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की जानकारी मांगते हुए सवाल उठाएथे, जिनका जवाब नहीं मिला था.पत्नी और बेटे को पीटा गया था2008 में बाबुश ने पंजिम पुलिस थाने के पास एक रैली निकाली थी, जो बाद में हिंसक होगई. लोगों ने खूब बवाल काटा, जिससे पुलिस का माथा गरम हो गया. इस मामले में बाबुशकी पत्नी और बेटे को पंजिम पुलिस ने कस्टडी में ले लिया था और वहां उनके पीटे जानेकी रिपोर्ट्स थीं.जेल में मिलता था फोन और धुली चादरकस्टडी में बाबुशरेप और पॉक्सो केस में सरेंडर करने के बाद बाबुश को पुलिस कस्टडी में फोन पर बातकरने की छूट थी. उनके पास खुद का फोन रहता था. जब पुलिस पर सवाल उठने लगे, तो पुलिसअधिकारियों ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जब बाबुश को चेकअप के लिए ले जाया जा रहाथा, तो उन्होंने किसी और का फोन इस्तेमाल किया होगा. जेल में रहने के दौरान वोलगातार बीजेपी नेताओं के संपर्क में थे और उनसे मदद ले रहे थे. कुछ बड़े नेताओं केकहने पर जेल में उन्हें धुली चादरें मुहैया कराई जाती थीं.कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ने निकाला था2002 में अपने कांग्रेसी मेंटर के बूते पहली बार विधायक बने बाबुश ने बाद में सरकारबनाने में बीजेपी की मदद की थी. 2004 में वो बीजेपी में शामिल भी हुए, लेकिन 2005में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. कारण यही है कि बाबुश की निष्ठा हमेशा अपनेऔर पैसे के प्रति रही. पार्टी, सहयोगी और मेंटर्स से बाबुश का कभी कोई लगाव नहींरहा.2012 में बाबुश ने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था, लेकिन 2015 मेंपार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. असल में 2015 में पंजिम की सीट परउपचुनाव हुआ था. ये सीट मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने तब छोड़ी थी, जब उन्हेंकेंद्र सरकार में रक्षामंत्री बनाया गया था. बाबुश ने कांग्रेस में रहते हुए बीजेपीके उस नेता की मदद की थी, जो पर्रिकर की जगह चुनाव लड़ रहा था.पिछले कुछ महीनों में बाबुश ने कई बार ऐसे संकेत दिए कि 2017 में वो पंजिम विधानसभासीट से चुनाव लड़ सकते हैं, क्योंकि वो गोवा का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं.कांग्रेस के साथ गठबंधन से पहले उनकी योजना गोवा की किसी ऐसी सीट से लड़ने की थी,जहां से वो कांग्रेस और बीजेपी, दोनों का नुकसान कर सकें. हालांकि, 2016 में वोपूरा साल कांग्रेस और बीजेपी के बीच पेंडुलम की तरह लटकते रहे थे.--------------------------------------------------------------------------------वो हमेशा दोनों पार्टियों के करीबी बने रहे, दोनों पार्टियों के नेताओं से रिश्तेरखे, लेकिन किया वही, जिसे मौकापरस्ती कहा जाता है.--------------------------------------------------------------------------------बेटे पर भी था रेप का आरोप2009 में बाबुश के बड़े बेटे रोहित को एक जर्मन लड़की के साथ रेप के मामले में बुककिया गया था. हालांकि, 2011 में उसे बरी कर दिया गया था, क्योंकि उसके खिलाफ कोईसबूत नहीं मिला था और लड़की मां ने रोहित को पहचानने से इनकार कर दिया था.रियल एस्टेट डील्स भी रहीं चर्चितबाबुश के पास गोवा के टालीगाव इलाके में बहुत जमीन है. एंटरप्राइसिंग फील्ड मेंउनके पास खूब संपत्ति है और वो गोवा के सबसे अमीर लोगों में शुमार हैं. 2005 मेंबीजेपी से निकाले जाने के बाद उनका पूरा फोकस रियल एस्टेट पर था, जहां उन्होंने कईबड़ी डील्स कीं और खूब पैसा कमाया. ये वो दौर था, जब गोवा के कई विधायक प्रॉपर्टीबनाने में लगे हुए थे. 2007 में गोवा की हरियाली को नुकसान पहुंचाने वाला एकप्रॉजेक्ट लाने पर बाबुश को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा था, लेकिन अपनेरसूख और पद के बूते उन्होंने इसे अंजाम दे डाला था.--------------------------------------------------------------------------------2017 में पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्णहैं. यूपी चुनाव पार्टी के भविष्य पर गहरा असर डालेगा, जहां वो सपा से गठबंधन कोलालायित दिख रही है. सिर्फ पंजाब ही है, जहां कांग्रेस मजबूत स्थिति में दिख रहीहै. गोवा में तो उसने गठबंधन कर ही लिया है. अपनी मौजूदा स्थिति की वजह से भले उसेगठबंधन एक 'अच्छी राजनीति' लग रहा हो, लेकिन उसे ध्यान रखना होगा कि उसका हाथ सहीहाथों में हो.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:राहुल गांधी ने आज मंच पर जो किया, वो कोई और नेता करने की सोच भी नहीं सकताक्या गोवा में 'आप' की सरकार बनने जा रही है?गोवा न होता तो हमारे ड्रीम हनीमून डेस्टिनेशन का ड्रीम निपुर जाताकौन हैं AAP के गोवा CM कैंडीडेट एल्विस गोम्स