The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • congress not agreed with sonia gandhi early release of rajiv gandhi assassins unacceptable

'कांग्रेस सोनिया गांधी से सहमत नहीं', अभिषेक मनु सिंघवी ने ये क्यों कहा?

सोनिया गांधी ने न्यायालय से गुजारिश की थी कि नलिनी के प्रति नरमी बरती जाए, जो कि गिरफ्तारी के वक्त गर्भवती थी.

Advertisement
Rajiv gandhi assassination sonia gandhi
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पार्टी सोनिया गांधी से सहमत नहीं है.
pic
धीरज मिश्रा
11 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 11 नवंबर 2022, 07:58 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 6 हत्यारों को रिहा करने के फैसले की आलोचना की है और इस पर गहरी नाराजगी जताई है. पार्टी ने कहा है कि सुपीम कोर्ट का ये फैसला उसके लिए किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है और ये पूरी तरह से गलत है. कांग्रेस ने ये भी कहा कि वो इस मामले में सोनिया गांधी की उस राय से सहमत नहीं हैं, जिसमें उन्होंने दोषियों को रिहा करने की बात की थी.

शुक्रवार, 11 नवंबर को फैसले के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंधवी ने एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कहा, 

Image embed

सिंघवी ने कहा कि राजीव गांधी की हत्या ‘किसी भी अपराध की तरह नहीं थी, ये एक राष्ट्रीय मुद्दा है, कोई लोकल मर्डर नहीं.’ 

Image embed

इसी तरह कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, 

Image embed

कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने भी इस फैसले पर निराशा जाहिर की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा,

Image embed
Image embed

राजीव गांधी के साथ इस घटना में मारे गए एक अन्य शख्स के बेटे अब्बास ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा,

Image embed

मालूम हो कि 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में राजीव गांधी की हत्या की गई थी. LTTE संगठन की एक महिला आत्मघाती हमलावर ने इस घटना को अंजाम दिया था. इस मामले में कुल 7 दोषियों को मृत्युदंड की सजा दी गई थी.

हालांकि राजीव गांधी की पत्नी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हस्तक्षेप पर नलिनी श्रीहरन की सजा को घटाकर उम्रकैद कर दिया गया था. इसके बाद साल 2008 में तमिलनाडु के वेल्लोर जेल में राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा ने नलिनी से मुलाकात की थी.

इसके बाद साल 2014 में बाकी के 6 दोषियों की भी सजा कम कर दी गई थी. उसी साल तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने सभी दोषियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरु की थी.

मई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक दोषी एजी पेरारीवलन को रिहा कर दिया था. इसी आधार पर नलिनी समेत अन्य दोषियों ने भी अदालत का रुख किया. सोनिया गांधी ने न्यायालय से गुजारिश की थी कि नलिनी के प्रति नरमी बरती जाए, जो कि गिरफ्तारी के वक्त गर्भवती थी.

गेस्ट इन द न्यूजरूम: अवध ओझा ने सुनाए किस्से, लल्लनटॉप वाले बुक्काफाड़ हंसे

Advertisement

Advertisement

()