राजस्थान के सैकड़ों युवा लखनऊ में आकर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
#UPTET के नाम से वायरल तस्वीर का असली सच ये है.

पेपर लीक होने के कारण रविवार, 28 नवंबर को होने वाली UPTET-2021 परीक्षा रद्द कर दी गई. उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी ने बताया कि परीक्षा के पेपर लीक होने की सूचना मिली, इसलिए दोनों पालियों की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया. दोबारा एक महीने के अंदर परीक्षा करवाई जाएगी. इस मामले की जांच यूपी एसटीएफ को सौंपा जा रहा है, ताकि दोषियों को चिह्नित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके.
परीक्षा रद्द होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा देखने को मिला. लोगों ने फोटो और वीडियो ट्वीट करने शुरू कर दिए. एक फोटो सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई. इसे कई लोगों ने ट्वीट किया. कांग्रेस नेता प्रदीप जैन आदित्य ने फोटो ट्वीट करते हुए लिखा,
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने ट्वीट किया और बाद में डिलीट भी कर दिया. लिखा-
इसके अलावा कई आम लोगों ने इस फोटो को #UPTET के साथ शेयर किया.
GIC में टीचर के पद पर नियुक्त मीनू शर्मा लिखती हैं की मैं उस राज्य से हूं जहां परीक्षार्थी पूरी सर्दी की रात खुले आसमान के नीचे बिताते हैं और सुबह उन्हें पेपर लीक और रीशेड्यूल की खबर मिलती है .....
राघवेंद्र यादव नाम के यूज़र ने भी इसी कैप्शन के साथ फोटो शेयर की.ये सही है कि UPTET का पेपर लीक होने से परीक्षा रद्द कर दी गई, लेकिन जो फोटो कांग्रेस नेता ट्वीट कर रहे हैं और UPTET की बता रहे हैं वो लखनऊ में प्रियंका गांधी के खिलाफ धरने पर बैठे राजस्थान से आए छात्रों की है. नवल कुमार गौर नाम के एक यूज़र ने प्रदीप जैन के ट्वीट पर रिप्लाई किया.
इस यूज़र के अलावा BJP के कई नेताओं ने भी इस फोटो को ट्वीट करके प्रियंका गांधी और राजस्थान सरकार पर निशाना साधा. BJP नेता और सांसद दिव्या कुमारी ने फोटो ट्वीट करते हुए लिखा, BJP विधायक राजपाल सिंह शेखावत ने ये फोटो ट्वीट करते हुए लिखा, CPI नेता आमरा राम ने भी ट्वीट किया. इन सब के बीच दैनिक भास्कर के नेशनल एडिटर एलपी पंत ने भी इस फोटो को शेयर किया और लिखा-राजस्थान के कई बेरोजगार युवा अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रियंका गांधी से मिलने कांग्रेस कार्यालय लखनऊ पहुंचे हैं. ये तस्वीर वहीं की है. जिसे कांग्रेस नेता सहित कुछ लोग UPTET देने आए कैंडिडेट्स की बता रहे हैं.
धरना क्यों दे रहे हैं?इस मामले की अधिक जानकारी के लिए हमने राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव से बात की. उन्होंने बताया कि वो 27 नवंबर से लखनऊ में धरना दे रहे हैं. जो तस्वीर वायरल है वो ईको गार्डन की है. उपेन यादव के मुताबिक,
उपेन यादव ने आगे बताया कि इन 15 मांगों को लेकर सैकड़ों कैंडिडेट्स ने जयपुर में 14 अक्टूबर से धरना देना शुरू कर दिया था. उन्होंने बताया,
उपेन यादव का कहना है कि अब अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वो 29 नवंबर को कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे और अपनी मांगें बिना मनवाएं यहां से नहीं जाएंगे.
क्या हैं मांगें? 1- नर्सिंग भर्ती 2013 के वंचित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति दी जाए 2- प्रयोगशाला सहायक भर्ती 2018 चिकित्सा विभाग की चयन सूची जल्द से जल्द जारी की जाए. 3- स्कूल व्याख्याता भर्ती 2018 में कम किए गए 689 पद जल्द से जल्द जोड़कर सूची जारी की जाए. 4- रीट शिक्षक भर्ती 2021 में 5000 पदों पर विशेष शिक्षकों के पद निकाले जाए. 5- रीट शिक्षक भर्ती 2021 में 31000 से बढ़ाकर 50000 किया जाए. 6- शिक्षक भर्ती 2012 मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में प्रार्थना पत्र दिया जाए. 7- रीट शिक्षक भर्ती 2018 को जल्द से जल्द पूरी किया जाए. 8- पंचायती राज LDC भर्ती 2013 का नियुक्ति प्रक्रिया का कैलेंडर जल्द से जल्द जारी किया जाए.9- टेक्निकल हेल्पर, पंचायतराज जेईएन, कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती, फर्स्ट ग्रेड,सेकंड ग्रेड, (पीटीआई भर्ती के 461पदों की संख्या बढ़ाकर 2000 पदों पर ) की विज्ञप्तिया जल्द से जल्द जारी की जाए.
10- नीमराणा कमलादेवी परीक्षा केंद्र पर दर्ज 6 बेरोजगार अभ्यर्थियों के मुकदमे वापस लिए जाएं. 11- प्रतियोगी परीक्षा में गैर जमानती कानून का अध्यादेश जल्द से जल्द लाया जाए. 12 - चिकित्सा विभाग में नई भर्तियों की विज्ञप्तियां जल्द से जल्द जारी की जाए. 13- बाहरी राज्यों का कोटा कम करके प्रदेश के बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाए.14- प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र गृह जिले में और परीक्षा केंद्र सरकारी स्कूलों में दिया जाए और सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए.
15-प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में बायोमेट्रिक वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से करवाई जाए.

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