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कांग्रेस ने स्मृति ईरानी को कहा 'लापता', जवाब में पता बताकर राहुल को घेर लिया!

पहलवान स्मृति से दखल देने की मांग कर चुके हैं. इसी पर कांग्रेस ने तंज़ किया था. अब स्मृति ने मौन तोड़ा है, कांग्रेस को जवाब देने के लिए.

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Congress attacks Smriti Irani with 'missing' poster. Minister says 'contact US'
कांग्रेस के ट्वीट पर स्मृति ईरानी का तीखा जवाब (ट्विटर स्क्रीनशॉट्स)
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पुनीत त्रिपाठी
31 मई 2023 (अपडेटेड: 31 मई 2023, 08:19 PM IST)
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मई 2023 के आखिरी रोज़ एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच ट्विटर वॉर चल रहा है. कांग्रेस ने अपने आधिकारिक हैंडल से स्मृति ईरानी का एक पोस्टर शेयर किया. जिसपर लिखा था - (मिसिंग) गुमशुदा. तस्वीर के नीचे मंत्री का नाम और पद लिखा था. जब ये ट्वीट वायरल होने लगा, तो स्मृति ने जवाब दिया और राहुल गांधी को लपेट लिया. उन्होंने कांग्रेस के ट्वीट को कोट करते हुए लिखा -

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कांग्रेस के ट्वीट में संकेत ये था कि ईरानी महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं, ऐसे मामलों पर मुखर भी रहती हैं. लेकिन ओलंपिक मेडल जीतने वाले पहलवानों के यौन शोषण वाले मामले पर मौन हैं. क्योंकि आरोप भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह पर लगा है. इस मामले में भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर पॉक्सो (POCSO) के तहत मामले दर्ज हैं. महिला पहलवानों ने स्मृति को चिट्ठी लिख उनसे इंसाफ़ की गुहाई लगाई थी. इस पत्र में पहलवानों ने लिखा था -

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इस चिट्ठी पर विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने साइन किया था. महिला पहलवानों ने यही चिट्ठी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को भी भेजी. हालांकि, महिला पहलवानों को इसका कोई जवाब नहीं मिला था. इससे पहले कांग्रेस ने भाजपा नेता और केंद्र में मंत्री मीनाक्षी लेखी का वीडियो भी जारी किया था. जिसमें वो पहलवानों वाले विषय पर एक पत्रकार के सवालों से बचती नज़र आ रही हैं. 

ऐसे में भाजपा की ओर से जवाब आना लाज़मी था. यही काम स्मृति ने किया. उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि वो अमेठी की चुनी हुई सांसद हैं और अपने इलाके में सक्रिय हैं. साथ ही राहुल को अमेठी में मिली हार के ज़ख्म पर नमक भी रगड़ा. 

पहलवानों का आरोप क्या है?

बताते चलें, 30 मई को प्रदर्शनकारी पहलवानों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में मिले मेडल्स को गंगा नदी में बहाने का ऐलान किया था. हालांकि, बाद में उन्होंने ऐसा नहीं किया. सभी पहलवान 30 मई की शाम हरिद्वार पहुंचे थे. मेडल बहाने से पहले 'हर की पौड़ी' में पहलवान रोते नजर आए. इसके बाद पहलवानों ने मेडल बहाने का फैसला वापस ले लिया और सरकार को पांच दिन का समय दिया था. मेडल नरेश टिकैत को सौंप दिए गये हैं.

धरना देने वाले पहलवानों का आरोप है कि नेशनल कैंप्स में नियुक्त कुछ कोच और प्रतिनिधि सालों से महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं. उनमें WFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह भी शामिल हैं. इससे पहले जनवरी में भी पहलवानों ने प्रदर्शन किया था. लेकिन सरकार के आश्वासन और कमिटी बनाने के बाद उन्होंने प्रदर्शन वापस ले लिया था.

वीडियो: स्मृति ईरानी ने सुनाया वो किस्सा, जब मिसकैरेज के बाद वो क्योंकि 'सास भी कभी बहू थी' शूट करने गईं थीं

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