The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Congress announced the names of Congress working committee Sachin Pilot and Shashi Tharoor included

एक तीर से कई शिकार! CWC में थरूर और पायलट की एंट्री कर कांग्रेस ने क्या संदेश दे दिया है?

चार और भी ऐसे नेता CWC में शामिल किए गए हैं, जिन्होंने पार्टी के अंदर असहमति जताई थी और वो G-23 गुट का हिस्सा भी रहे थे!

Advertisement
pic
20 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 20 अगस्त 2023, 08:19 PM IST)
Congress announced CWC list Sachin Pilot and Shashi Tharoor included
शशि थरूर और सचिन पायलट CWC में शामिल. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

आखिरकार कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) के सदस्यों का नाम सामने आ गया है. 20 अगस्त को कांग्रेस पार्टी की ओर से कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) के नए सदस्यों की लिस्ट जारी कर दी गई. CWC मेंबर्स की लिस्ट में सबसे पहले कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम है. खरगे के बाद कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का नाम है. 39 सदस्यों की इस कमिटी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल हैं. खरगे के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले शशि थरूर और राजस्थान से सचिन पायलट को भी कांग्रेस वर्किंग कमिटी में रखा गया है. इसके कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.

पिछले साल अक्टूबर में पार्टी के अध्यक्ष चुने जाने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने 23 सदस्यों वाली CWC को भंग कर दिया था. उसकी जगह अस्थाई तौर पर एक 47 सदस्यों की संचालन समिति बनाई गई थी. अब CWC की जो लिस्ट जारी की गई है, उसमें कुल 85 नाम हैं. इसमें 39 CWC सदस्य हैं, 18 स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं, 14 CWC इंचार्ज हैं, 9 CWC के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं और 4 पदेन सदस्य हैं.

CWC में किन्हें शामिल किया गया है?

कांग्रेस वर्किंग कमिटी में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, केरल के पूर्व CM और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी शामिल हैं. अन्य प्रमुख नामों में मध्य प्रदेश के पूर्व CM दिग्विजय सिंह, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, पंजाब के पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी, लोकसभा सांसद गौरव गोगोई और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल हैं.

स्थायी आमंत्रितों की लिस्ट में कर्नाटक के पूर्व CM एम वीरप्पा मोइली, उत्तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत, लोकसभा सांसद मनिकम टैगोर और पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार शामिल हैं. विशेष आमंत्रित सदस्यों की लिस्ट में वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा, दिल्ली से पूर्व विधायक अलका लांबा और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के नाम हैं.

सचिन पायलट को शामिल करने के मायने

राजस्थान में चुनाव होने वाले हैं. सचिन पायलट और राजस्थान के CM अशोक गहलोत के बीच अनबन भी किसी से छिपी नहीं है. 2018 में राजस्थान में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ही गहलोत और पायलट के बीच विवाद की खबरें सामने आने लगी थीं. 2020 में पायलट ने गहलोत के खिलाफ विद्रोह कर दिया था. बगावती रुख के बाद उन्हें डिप्टी CM पद से हटा दिया गया था. 

हालांकि, इस साल जुलाई में सचिन पायलट ने कहा था कि उन्होंने खरगे की सलाह पर गहलोत के साथ अपने मतभेदों को सुलझाने का फैसला किया है. कांग्रेस नेतृत्व भी पायलट और गहलोत के बीच सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है. राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले सचिन पायलट को CWC में शामिल करने का फैसला उन्हें खुश करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई इसे राजस्थान में पार्टी का गतिरोध खत्म करने की कोशिश मानते हैं. रशीद किदवई कहते हैं,

"पिछले कई महीनों से मल्लिकार्जुन खरगे राजस्थान में शांति स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे थे, जहां CM अशोक गहलोत अपने धुर विरोधी (सचिन पायलट) को राज्य में पार्टी प्रमुख या उप मुख्यमंत्री बनाने ने के लिए तैयार नहीं थे."

रशीद किदवई बताते हैं, 

"ऐसा कहा जाता है कि सचिन पायलट राजस्थान में अपने लिए एक बड़ी भूमिका चाहते हैं. वहीं खरगे पायलट से राजस्थान के बाहर उनकी भूमिका पर विचार करने की बात करते रहे हैं.”

इंडिया टुडे के राहुल गौतम की रिपोर्ट के मुताबिक कई लोगों का मानना है कि पायलट को दिल्ली लाने से उनके और CM गहलोत के बीच मीडिया में होने वाली तीखी नोकझोंक पर लगाम लगेगी.

CWC का सदस्य बनाए जाने पर सचिन पायलट ने खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया.

उन्होंने X पर लिखा,

"कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) का सदस्य बनाए जाने पर मैं आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी, CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी एवं पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी का आभार व्यक्त करता हूं. हम सभी कांग्रेस की रीति-नीति व विचारधारा को सशक्त करते हुए उसे और अधिक मजबूती से जन-जन तक पहुंचाएंगे."

क्या कांग्रेस ने G-23 गुट का मुद्दा दबा दिया?

अगस्त 2020 में कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं ने उस समय पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया को एक खत लिखा था. मांग की थी कि पार्टी को सक्रिय नेतृत्व मिले, संगठन को मजबूत किया जाए. इन नेताओं को कांग्रेस बागियों का ग्रुप G-23 कहा गया. खरगे ने बगावती रुख अपनाने वाले कुछ कांग्रेस नेताओं को भी CWC में जगह दी है. वो नेता हैं, शशि थरूर, मुकुल वासनिक और आनंद शर्मा. वहीं G-23 में शामिल रहे वीरप्पा मोइली और मनीष तिवारी को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है. माना जा रहा है कि कांग्रेस ने ऐसा करके G-23 गुट का मुद्दा दबा दिया है.

शशि थरूर ने खरगे और कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए ट्वीट किया,

"कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी और कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कांग्रेस वर्किंग कमिटी के लिए चुने जाने पर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं. CWC द्वारा पार्टी को सही राह दिखाने की 138 वर्षों से चल रही ऐतिहासिक भूमिका को समझते हुए, मैं इसका हिस्सा बनने पर आभारी हूं. इस मौके पर पार्टी की सेवा करने के लिए मैं अपने साथियों के साथ तैयार हूं."

थरूर के चयन पर रशीद किदवाई कहते हैं कि CWC में थरूर को शामिल करने का खरगे का कदम एक स्वस्थ पार्टी संस्कृति का संकेत देता है. कांग्रेस इससे ये संदेश देना चाहती है कि पार्टी में असहमति को दबाया नहीं जाता है. बता दें कि CWC कांग्रेस पार्टी की टॉप एग्जीक्यूटिव बॉडी है. पार्टी के संविधान के नियमों की व्याख्या और इन्हें लागू करने का अंतिम अधिकार CWC के पास ही है.

वीडियो: रणदीप सुरजेवाला ने बढ़ाई कांग्रेस की मुसीबत, BJP के समर्थकों की तुलना राक्षसों से कर दी

Advertisement

Advertisement

()