उसके हाथ ख़ून से नहीं सने थे उसने कहीं बम नही फोड़ा था उसकी किसी दंगे में शिरकतनहीं थी उसने किसी धर्म के ख़िलाफ़ न कुछ कहा, न किया उसने तो कपडे भी वल्गर नहींपहने थे फिर भी उसने माफ़ी मांग ली है ज़ायरा वसीम ने माफ़ी मांग ली है. एक सोलह सालकी बच्ची के पीछे तमाम मज़हबी शेर इस तरह पड़ गए कि घबरा कर उसे माफ़ी मांगनी ही पड़ी.शमी की बीवी के कपड़ों से निकले तो इस बात का फैसला करने लगे कि किसको किससे मिलनाचाहिए. कल को ये भी बता देना कि 24 घंटों में कितनी ऑक्सीजन लेनी है. ज़ायरा वसीम नेजम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती से मुलाक़ात क्या कर ली मज़हब की धरतीकंपकंपाने लगी. ज़ायरा को रोल-मॉडल मानने से इंकार करने लगी. ज़ायरा अगर आपकी रोलमॉडल नहीं है कश्मीर वालों, तो कौन है? वो आतंकवादी जो राइफलों की तस्वीर के साथफ़ोटो डालते हैं सोशल मीडिया पर? वो अलगाववादी नेता जिन्होंने आपको बरसों-बरस महज़दिलासे दिए हैं, किया कुछ नहीं? या फिर वो मौलवी जो अपनी तक़रीर में ही इतना ज़हर लिएहोते हैं कि कोबरा भी शर्मा जाए. कौन है आपका रोल मॉडल? आपको कश्मीर की आज़ादी चाहिएलेकिन कश्मीर में आज़ादी नहीं. इससे पहले भी 'प्रगाश' बैंड की लड़कियों से आपने उनकेसपने छीन लिए थे. किसी और की आज़ादी को छीन कर अपनी आज़ादी की बात करना न सिर्फहास्यास्पद है बल्कि बेशर्मी भी है. आप लोग शिकायत करते नहीं थकते कि भारत आपको वोहक़-हुक़ूक़ नहीं देता जिनपर आप अपना अधिकार समझते हैं. एक औसत कश्मीरी को भारत कीमुख्यधारा में कम ही जगह मिलती है. इस आरोप की सच्चाई को फिलहाल एक तरफ किनारे रखतेहैं. आप बताइये आपने क्या किया भारत की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए? जिस ज़ायरावसीम के फ़ोटो घर-घर होने चाहिए उसे तो आप धमका रहे हो. बुरहान वानी के जनाज़े मेंभारी भीड़ उमड़ती है. और ज़ायरा को मिलती हैं धमकियां. पता है जब परवेज़ रसूल कासिलेक्शन हुआ था भारत की क्रिकेट टीम में तो मुझे इंतज़ार था कि कश्मीर की वादियोंमें जश्न मनाया जाएगा. वो इंतज़ार, इंतज़ार ही रहा. मैं इस वक़्त आपकी आज़ादी की मांगऔर उससे जुड़े संजीदा मसलों को नहीं छेड़ रहा हूं. उसकी बातें फिर कभी. फिलहाल तो मैंबस आपके इस अहमकाना रवैये की बात करूंगा जिससे आपने फिर एक बार अपने और बाकी केभारत के बीच की लकीर को गहरा किया है. ज़ायरा सिर्फ एक कलाकार है. और उसने कुछ भीगलत नहीं किया है. झुंड बनाकर उस बच्ची के पीछे पड़ने से आपकी ही छीछालेदर हुई है.इस ग्रैंड लेवल की मूर्खता ज़्यादातर एक ही मज़हब में क्यों पाई जाती है ये सवाल पूरीदुनिया पूछ रही है. डरिये उस सूरत-ए-हाल से कि आपका नाम सुनते ही लोग आपसे दो हाथदूर छिटकने लगें. हर एक बात में मज़हब घुसेड़ने से ये अंजाम ज़रूर होगा, हो के रहेगा.ज़ायरा के आगे अभी पूरा आसमान है परवाज़ के लिए. उसके पर ना कतरिए. उसकेसेल्फ-कॉन्फिडेंस में पलीता ना लगाइए. आप जैसे मज़हबी लड़ाकों को नहीं होगी परवाह,लेकिन हमें है. पूरे देश को है. अब इन लड़ाकों से उलट उन लोगों की बातें सुन लो जोज़ायरा के साथ हैं. आमिर खान का ट्वीट अनुपम खेर का ट्वीट बबीता फोगाट का ट्वीटजावेद अख्तर का ट्वीट दुनिया ज़ायरा के साथ है, आतंकियों के साथ नहीं.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: 'दंगल' बनाने वालों ने आंखें जूम करके 400 करोड़ पर टिका ली हैं