वीर दास. कॉमेडियन और एक्टर हैं. 'गो गोवा गॉन', 'बदमाश कंपनी' जैसी फिल्में कीहैं. इनके स्टैंडअप कॉमेडी शोज़ भी दुनिया भर में खासी लोकप्रियता रखते हैं. हाल हीमें वीर ने अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी के नामी कैनेडी सेंटर में परफॉर्म किया. सोल्डआउट कैनेडी सेंटर में शो कंप्लीट करने से पहले वीर ने 'टू इंडियाज़' नाम की एक कवितापढ़ी. इस सेगमेंट का वीडियो वीर ने अपने यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया, जहां से अबये वीडियो वायरल श्रेणी में जा चुका है. और साथ ही वीर दास की ट्रोलिंग भी शुरू होचुकी है. सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स उन्हें विदेश में जाकर भारत का अपमान करने वालाबता रहे हैं. एक यूज़र ने सोशल मीडिया पर इस बारे में लिखा, वीर दास अमेरिका जातेहैं और पूरे भरे कैनेडी सेंटर मे इंडिया के बारे में ये कहते हैं. हमारे देश के ऐसेही 'इंफ्लुएंसर्स' दुनिया के सामने हमारी छवि 'सपेरों' वाली गढ़ते हैं.एक ने लिखा, "मैंने ऐसे बहुत से 'एंटी हिंदू' इंडियंस को अपने देश को बदनाम कर पैसेकमाते हुए देखा है. अमेरिका हंसता है जब इंडिया का ऐसा मज़ाक उड़ाया जाता है. इनकेलिए पैसा ही सब कुछ है. कोई दूसरे देश वाले अपने देश के साथ ऐसा नहीं करेंगे, जैसेइंडियंस करते हैं." ट्विटर हर विषय की तरह इस विषय पर भी दो पक्षों में बटा हुआ है.हालांकि अगर आप सर्च करेंगे तो पाएंगे कि दुनिया भर के जितने भी दिग्गज कॉमेडियनहुए हैं, उनके ज्यादातर जोक्स अपने देश के खराब सिस्टम पर ही बेस्ड होते हैं. सिर्फकॉमेडियन ही नहीं, हमारे यहां के शरद जोशी जैसे व्यंगकार भी अपने किस्से कहानियोंमें देश के हालात को उजागर करते आए थे. वो तो अच्छा है उस वक़्त ट्विटर नहीं था वरनापता नहीं कितनी बार बायकॉट हो चुके होते. बहरहाल, अब सवाल ये कि ऐसा क्या है वीरदास की उस कविता में जो उन्हें देश विरोधी बताया जा रहा है? हम आपको वीर की कविताकी कुछ पंक्तियां पढ़ाते हैं. बाकी आप खुद फैसला कर लीजिएगा कि इसमें ऑफेंड होनेलायक कुछ है या नहीं!दो भारत"मैं उस भारत से आता हूं, जहां AQI 9000 है लेकिन हम फ़िर भी अपनी छतों पर लेटकर रातमें तारे देखते हैं. मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम दिन में औरतों की पूजा करतेहैं और रात में गैंगरेप करते हैं.मैं उस भारत से आता हूं जहां आप हमारी हंसी की खिलखिलाहट हमारे घर की दीवारों केपार से भी सुन सकते हैं और मैं उस भारत से भी आता हूं जो कॉमेडी क्लब की दीवारेंतोड़ देता है, जब उसके अंदर से हंसी की आवाज़ आती है. मैं उस भारत से आता हूं, जहांओल्ड लीडर्स अपने मरे पिता के बारे में बात करना बंद नहीं करते और न्यू लीडर्स अपनीजीवित मां के रास्तों पर चलना शुरू नहीं करते. मैं उस भारत से आता हूं, जहां की एकबड़ी आबादी 30 साल से छोटी है लेकिन फिर भी 75 साल के लीडर्स के 150 साल पुरानेआइडियाज़ को सुनना बंद नहीं करती. मैं उस भारत से आता हूं, जहां लोग क्लब के बाहरसड़कों पर सोते हैं लेकिन साल में 20 बार तो सड़क ही क्लब होती है. मैं उस भारत सेआता हूं, जहां हम वेजेटेरियन होने में गर्व महसूस करते हैं लेकिन उन्हीं किसानों कोकुचल देते हैं, जो ये सब्ज़ियां उगाते हैं. मैं उस भारत से आता हूं जो कभी चुप नहींहोता और मैं उस भारत से आता हूं जो कभी नहीं बोलता. मैं उस भारत से आता हूं, जहांबच्चे मास्क लगा कर एक दूसरे का हाथ थामते हैं और मैं उस भारत से भी आता हूं, जहांके लीडर्स बिना मास्क लगाए गले मिलते हैं मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम बॉलीवुडकी वजह से ट्विटर पर बंटे होते हैं लेकिन थिएटर के अंधेरे में उसी बॉलीवुड की वजहसे एक साथ होते हैं. मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम जब भी 'ग्रीन' के साथ खेलतेहैं ब्लीड ब्लू का नारा देते हैं लेकिन ग्रीन से हारने पर हम अचानक से ऑरेंज होजाते हैं. मैं उस भारत से आता हूं, जहां म्यूजिक हमारा 'बहुत हार्ड' है लेकिनजज़्बात 'बहुत सॉफ्ट' हैं. मैं उस भारत से आता हूं, जो ये देखेगा और कहेगा 'येकॉमेडी नहीं है.. जोक कहां है ?' और मैं उस भारत से भी आता हूं, जो ये देखेगा औरजानेगा कि ये बहुत बड़ा जोक ही है. बस फ़नी नहीं है".