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कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी को किस मामले में जेल भेज दिया गया है?

मध्य प्रदेश में बीजेपी विधायक के बेटे ने दर्ज करवाया था केस.

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2 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 3 जनवरी 2021, 05:56 AM IST)
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कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी के खिलाफ इंदौर पुलिस को सबूत नहीं मिले थे. (फोटो: इंस्टाग्राम)
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स्टैंड अप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है. फारुकी के साथ चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. कोर्ट ने पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. फिलहाल ये मामला मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक की सुर्खियों में है.
क्या है पूरा मामला
इंदौर में एक जगह है जिसका नाम है छप्पन दुकान. यहां का मुनरो कैफे युवाओं में लोकप्रिय है. यहीं पर एक जनवरी 2021 की शाम मुनव्वर फारुकी का स्टैंड अप कॉमेडी शो चल रहा था. अचानक भीड़ के बीच से कुछ लड़के निकले. इन लोगों ने मंच पर पहुंच कर मुनव्वर फारुकी का विरोध किया. इसके बाद ये लोग फारुकी और कुछ अन्य लोगों को लेकर थाने पहुंचे, जहां इनके खिलाफ FIR करा दी. इस पूरे प्रकरण के दौरान कुछ लोगों ने वीडियो भी बनाए जो सोशल मीडिया में घूम रहे हैं.
https://twitter.com/hussainhaidry/status/1345258321901588484
क्या कहना है विरोध करने वालों का?
इंदौर की बीजेपी विधायक हैं मालिनी गौड़. उनके बेटे हैं एकलव्य गौड़. एकलव्य एक 'हिंद रक्षक संगठन' चलाते हैं. उनका दावा है कि मुनव्वर लगातार हिंदू धर्म को निशाना बना रहा था और गोधरा, अमित शाह, आरएसएस पर टिप्पणियां कर रहा था. मुनव्वर को पुलिस को सौंपने के बाद एकलव्य ने मीडिया से कहा,
"हमारे संगठन को इस कार्यक्रम की जानकारी थी. हमने टिकट खरीदे. वहां वही हो रहा था जो पहले होता रहा है. हिंदू देवी-देवता, गोधरा, अमित शाह जी, को लेकर बातें हुईं. हमने इसका वीडियो बनाया है. हमारे पास एविडेंस है. हम ऑर्गेनाइजर और कॉमेडियन को थाने लाए और पुलिस को सौंप दिया."
पुलिस का इस मामले में क्या कहना है?
क्षेत्रीय सीएसपी बीपीएस परिहार का कहना है,
"मुनरो कैफे के मालिक ने इस कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं ली थी. साथ ही इस कार्यक्रम में 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी मौजूद थे. सोशल डिस्टेंसिंग क्या थी, क्या टिप्पणी की गई है, वीडियो मिला है जिसकी जांच की जाएगी उसके बाद जो कार्रवाई बनेगी वह करेंगे."
https://twitter.com/Anurag_Dwary/status/1345240152692514820
पुलिस के मुताबिक जिस कैफे में शो हो रहा था उसके मालिक को इस शो की कोई जानकारी ही नहीं थी. पुलिस ने कहा कि मुक्तास जैन ने कार्यक्रम की जानकारी होने से इंकार किया है. पुलिस ने कहा कि जैन ने शो के बारे में ना तो पुलिस को बताया और ना ही कोई अनुमति ली.
इस मामले में और जानकारी के लिए हमने बात की तुकोगंज थाने के एसएचओ कमलेश शर्मा से. उन्होंने बताया कि पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. इन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है. मुनव्वर का ऐसा कोई वीडियो पुलिस के पास नहीं है जिसमें वह आपत्तिजनक बातें कह रहा हो.
कमलेश शर्मा ने बताया कि एक अन्य कॉमेडियन प्रखर का वीडियो पुलिस को मिला है. इसी वीडियो के आधार पर आईपीसी की धारा 295ए (धार्मिक भावनाएं आहत करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रखर, प्रियम, नलिन, एडविन और मुनव्वर फारुकी को गिरफ्तार किया गया है.
Indore Munawar
शो के दौरान मुनव्वर और एकलव्य बाएं. पुलिस हिरासत के दौरान मुनव्वर अपने साथियों के साथ दाएं.

न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से इनको 13 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. एडीपीओ नरोत्तम कौरव ने बताया कि न्यायाधीश अमन सिंह भूरिया की कोर्ट में आरोपियों की पेशी हुई थी. आरोपियों की ओर से जमानत के लिए आवेदन किया गया था, जिसको कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
जानकारी के मुताबिक इस दौरान कुछ वकीलों ने आरोपियों पर हमले का भी प्रयास किया. एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल है जिसमें एक वकील पुलिसवालों के साथ बाइक पर बैठे एक शख्स को थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है.
वेबसाइट 'सत्य हिन्दी' के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों के वकील अंशुमन श्रीवास्तव ने इस शिकायत को पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया और कहा कि ये मामला राजनीति से प्रेरित है. वहीं एक अन्य न्यूज वेबसाइट की खबर के मुताबिक, अंशुमन श्रीवास्तव ने अदालत में कहा कि FIR में लगाए गए आरोप 'अस्पष्ट' हैं. उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए उनको जमानत देने की गुहार लगाई.
मुनव्वर फारुकी कौन हैं?
थोड़ा गूगल करने पर मुनव्वर फारुकी से जुड़े तमाम वीडियो सामने आ जाते हैं. फारुकी गुजरात के जूनागढ़ के रहने वाले हैं, लेकिन काफी पहले ही अहमदाबाद शिफ्ट हो गए थे. देश के अलग अलग शहरों में घूम-घूम कर अपने कार्यक्रम करते हैं और अपने कुछ वीडियोज के कारण 'दक्षिणपंथी संगठनों' के निशाने पर रहते हैं.
अपने एक वीडियो में फारुकी ने माफी भी मांगी थी और कहा था कि वे प्यार और खुशी फैलाना चाहते हैं, अगर उनके वीडियो से किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी चाहते हैं. मुनव्वर फारुकी के परिवार के एक सदस्य का नंबर भी हमें मिला. हमने उनके बात करने का भी प्रयास किया लेकिन उन्होंने मुनव्वर फारुकी को पहचानने से इंकार कर दिया.

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