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कांवड़ यात्रा मामले में CM योगी की एंट्री, अब पूरे UP के लिए आदेश जारी, दुकानों पर लिखना होगा मालिक का नाम

UP की राह पर चलते हुए Uttarakhand की Haridwar पुलिस ने भी ऐसा ही आदेश दिया है. इधर मुजफ्फरनगर के बाद Yogi Adityanath ने अब इस आदेश को पूरे राज्य के लिए लागू कर दिया है. Kanwar Yatra के रास्ते में पड़ने वाली दुकानों पर उनके मालिकों का नाम लिखवाना होगा.

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19 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 19 जुलाई 2024, 01:08 PM IST)
Yogi Adityanath
दुकानों के आगे नेमप्लेट लगाना अनिवार्य. (तस्वीर: PTI/इंडिया टुडे)
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उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा (UP Kanwar Yatra) वाले रास्तों पर पड़ने वाली खाने-पीने की दुकानों पर उनके मालिकों का नाम लिखना होगा. UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने ये फैसला किया है. इससे पहले मुजफ्फरनगर जिले के लिए वहां की पुलिस ने ऐसा निर्देश दिया था. इस फैसले की आलोचना सिर्फ विपक्षी दल ही नहीं बल्कि NDA के घटक दल भी कर रहे थे. इस बीच CM योगी ने अब इसे पूरे राज्य के लिए लागू कर दिया है.

राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि कांवड़ यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया गया है. ये भी कहा गया है कि हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचने पर भी कार्रवाई की जाएगी.

NDA के घटक दलों ने की आलोचना

मुजफ्फरनगर पुलिस के निर्देश के बाद NDA के घटक दल JDU के नेता केसी त्यागी ने इसपर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई ऐसी जगहें हैं, जहां 30 से 40 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. वहां से कांवड़ यात्रा गुजरती है. त्यागी ने बताया,

"मुस्लिम लोग, कांवड़ बनाने और उनके लिए खाने की व्यवस्था करते हैं. ऐसा कोई मैसेज नहीं जाना चाहिए, जिससे सांप्रदायिक विभाजन पैदा हो. क्या यात्रा के मार्ग पर कभी कोई दंगा हुआ है?"

ये भी पढ़ें: "समाज तोड़ने..."- कांवड़ यात्रा वाले आदेश पर मुश्किल में BJP? अपनों ने ही सवाल उठा दिए हैं

इसके अलावा बिहार के बांका के JDU सांसद गिरिधारी यादव और भागलपुर के JDU सांसद अजय कुमार मंडल ने भी इसपर सवाल उठाया.

NDA के एक और घटक दल RLD के प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि ऐसा करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाए, लेकिन दुकानों पर मालिक का नाम दिखाने के लिए मजबूर करने की जरूरत नहीं है. ये प्रशासन का काम नहीं है.

BJP नेता ने कार्रवाई की मांग की थी

इस मामले पर CM योगी की पार्टी BJP के नेता मुख्तार अब्बास नकवी की भी प्रतिक्रिया आई. उन्होंने अधिकारियों के इस आदेश की कड़ी आलोचना की. उन्होंने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट किया.

विपक्षी दलों ने भी उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मसले पर लिखा,

"ये मुसलमानों के आर्थिक बॉयकॉट की दिशा में उठाया कदम है या दलितों के आर्थिक बॉयकॉट का, या दोनों का, हमें नहीं मालूम."

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस फैसले को असंवैधानिक बताया है.

Uttarakhand में भी जारी हुआ फरमान

UP के बाद अब उत्तराखंड के हरिद्वार के SSP ने भी ऐसा ही फैसला सुनाया है. SSP प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा है,

"कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसे सभी लोगों को जो होटल या ढाबे का संचालन करते हैं या फिर रेहडी-ठेला लगाते हैं, उन्हें आदेश दिया गया है कि अपनी दुकान के आगे मालिक का नाम, QR Code और मोबाइल नंबर लगाएं. व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उसको कावड़ मार्ग से भी हटा दिया जाएगा."

SSP ने कहा कि उन्हें पता चला है कि इससे पहले पहचान छिपाकर होटल या ढाबे के संचालन से अप्रिय स्थिति पैदा हुई थी. 

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