महाराष्ट्र (Maharashtra) में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे(Uddhav Thackeray) ने राज्य के लोगों और शिवसेना कार्यकर्ताओं को संबोधित किया है.बुधवार 22 जून की शाम को एक यूट्यूब लाइव के जरिए उद्धव ठाकरे ने शिवसेना में हुईउथल-पुथल पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री के साथ पार्टी प्रमुख कापद भी छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन एक शर्त पर.क्या बोले उद्धव ठाकरे?संबोधन में पार्टी के बागी विधायकों की ओर इशारा करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, अगर आप (बागी विधायक) कहते हैं तो मैं सीएम पद छोड़ने के लिए तैयार हूं. एक भीव्यक्ति या विधायक मेरे खिलाफ होगा तो मैं चला जाऊंगा. अगर एक भी विधायक मेरे खिलाफहै तो यह मेरे लिए बहुत शर्मनाक है. मैं शिवसेना प्रमुख का पद भी छोड़ने को तैयारहूं, दूसरों के कहने पर नहीं बल्कि अपने कार्यकर्ताओं के लिए. अगर उनके मन में मेरेखिलाफ कुछ होता, तो सूरत में यह सब कहने की क्या जरूरत थी. वे यहां आकर मेरे सामनेयह कह सकते थे. संख्याबल की बात ही नहीं है कि कितने लोग मेरे खिलाफ हैं. अगर एकव्यक्ति या विधायक भी मेरे खिलाफ है तो मैं पद छोड़ दूंगा. सीएम ने आगे कहा, मैं इस्तीफा देने तैयार हूं, मेरी कोई मजबूरी नहीं है, मैं किसी पर निर्भर नहींहूं. मैं यह नहीं जानना चाहता कि हमारे विधायकों के साथ क्या हो रहा है और वे कहांजा रहे हैं या उन्हें कहां ले जाया जा रहा है… अगर कोई विधायक चाहता है कि मैंमुख्यमंत्री ना रहूं तो मैं 'वर्षा' ( मुख्यमंत्री आवास) से मातोश्री जाने के लिएतैयार हूं. लेकिन जब मेरे विधायक ही ऐसा नहीं चाहते तो मैं क्या कर सकता हूं.वहीं कांग्रेस-एनसीपी का जिक्र करते हुए उद्धव ने कहा,मैं हैरान हूं, क्योंकि अगर कांग्रेस या एनसीपी मुझसे कहें कि मुझे सीएम नहीं होनाचाहिए तो समझ आता है, लेकिन आज कमलनाथ ने भी मुझसे कहा कि मैं सीएम रहूं. लेकिन जबमेरे अपने ही लोग ऐसा नहीं चाहते तो मैं क्या कहूं?… कुछ लोग कहते हैं कि यहबालासाहब की शिवसेना नहीं है. उन्हें बताना चाहिए कि बाला साहब के विचार क्या थे.यह वही शिवसेना है जो अपने समय में थी. 'हिंदुत्व' ही हमारी जिंदगी है.इसके अलावा उद्धव ने लोगों से नहीं मिलने की वजह भी बताई. उन्होंने कहा कि उनकीसर्जरी हुई थी और तबीयत ठीक नहीं थी. लेकिन अब उन्होंने लोगों से मिलना शुरू करदिया था.इस बीच शिवसेना सासंद भावना गावली ने उद्धव ठाकरे से अपील की है कि वो हिंदुत्व केलिए बागी विधायकों की मांगें मान लें. शिवसेना सांसद ने सीएम से ये भी अपील की हैकि बागी विधायकों पर कोई एक्शन ना लिया जाए.