कपूरथला लिंचिंग मामले में CM चन्नी बोले, गुरुद्वारे में कोई 'बेअदबी नहीं हुई' थी
बेअदबी के नाम पर पीड़ित को धारदार हथियार से कई बार जख्मी किया गया.
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Kapurthala में बेअदबी के आरोपी की पिटाई के बाद मौके पर पहुंची पुलिस. (फोटो: ट्विटर)
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पंजाब के कपूरथला कथित बेअदबी के चलते एक व्यक्ति की हत्या के मामले में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि कपूरथला के गुरुद्वारा में किसी भी तरह की बेअदबी नहीं हुई थी और इस मामले में दर्ज FIR में बदलाव किए जाएंगे. चरणजीत सिंह चन्नी ने ये भी कहा कि पुलिस गोल्डन टेंपल और कपूरथला गुरुद्वारे में हुई हिंसा की जांच कर रही है.
इंडिया टुडे से जुड़े मंजीत सहगल की रिपोर्ट की मुताबिक, इस मामले में गुरुद्वारे के केयरटेकर अमरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. अमरजीत सिंह के ऊपर हत्या और हत्या के प्रयास के अलावा IPC की दूसरी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. बीती 19 दिसंबर को कपूरथला के निजामपुर गांव स्थित गुरुद्वारे में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. भीड़ ने उस पर ग्रंथ साहिब की बेअदबी का आरोप लगाया था.
इस बीच मृतक के साथ की गई बर्बरता की जानकारी भी सामने आई है. टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, कपूरथला के गुरुद्वारे में जिस व्यक्ति को लिंच किया गया, उसके शरीर पर घाव के 30 निशान मिले हैं. चैनल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी है. खबर के मुताबिक इन घावों को देखकर लगता है कि मृतक पर धारदार हथियार (या हथियारों) से कई वार किए गए थे. हालांकि जिस कथित बेअदबी के नाम पर ये बर्बरता की गई, उसे राज्य के मुख्यमंत्री ही खारिज कर रहे हैं. पुलिस ने क्या कहा था? चरणजीत सिंह चन्नी के बयान से पहले भी पुलिस ने भी कपूरथला गुरुद्वारे में बेअदबी ना होने की बात कही थी. पीड़ित की हत्या के बाद कपूरथला के SSP हरकमलप्रीत सिंह का बयान सामने आया था. इसमें उन्होंने कहा था कि जब भीड़ व्यक्ति को पीट रही थी, तब पुलिस मौके पर पहुंच गई थी. पुलिस को पता चला था कि व्यक्ति ने कोई बेअदबी नहीं की थी. पुलिस ने भीड़ को समझाने का भी प्रयास किया था. हालांकि, भीड़ ने उसकी एक भी ना सुनी. SSP ने बताया था कि व्यक्ति बेअदबी नहीं, बल्कि चोरी करने आया था.

बाएं से दाएं. Kapurthala SSP हरकमलप्रीत खख और निजामपुर गुरुद्वारे में मौजूद लोग. (फोटो: इंडिया टुडे)
कपूरथला का ये पूरा घटनाक्रम, गोल्डन टेंपल में हुई लिंचिंग की घटना के 24 घंटे के अंदर हुआ था. गोल्डन टेंपल में भी बेअदबी के आरोप में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने उस युवक की उम्र 24 से 25 साल बताई थी. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था. इसमें देखा जा सकता है कि युवक रेलिंग फांदकर गुरु ग्रंथ साहिब के लिए तय किए गए पवित्र स्थान में घुसने की कोशिश कर रहा था. उसने वहां रखी तलवार भी उठा ली थी. इसके बाद संगत के लोगों ने उसे पकड़ लिया था. उसकी इतनी पिटाई की गई युवक की मौत हो गई.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों घटनाओं में मारे गए व्यक्तियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. पुलिस को इन दोनों के पास से किसी भी तरह के कागजात नहीं मिले हैं. पंजाब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों युवक एक-दूसरे को जानते थे या नहीं और क्या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थे. इसके लिए पुलिस उनके बायोमेट्रिक प्रिंट्स की स्कैनिंग कर रही है. गोल्डन टेंपल वाले मामले में पुलिस को ये भी पता चला है कि रेलिंग फांदने से पहले युवक तीन से चार घंटों तक टेंपल के अंदर ही था.
इस बीच इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक भी खूब हुई. दिलचस्प बात ये है कि प्रतिक्रियाएं देने वाली सभी पार्टियों के नेताओं ने कथित बेअदबी की तो निंदा की थी, लेकिन लिंचिंग उन्होंने चुप्पी साधे रखी. अब खुद सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सामने आकर कहा है कि कपूरथला में बेअदबी नहीं हुई थी.
इंडिया टुडे से जुड़े मंजीत सहगल की रिपोर्ट की मुताबिक, इस मामले में गुरुद्वारे के केयरटेकर अमरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. अमरजीत सिंह के ऊपर हत्या और हत्या के प्रयास के अलावा IPC की दूसरी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. बीती 19 दिसंबर को कपूरथला के निजामपुर गांव स्थित गुरुद्वारे में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. भीड़ ने उस पर ग्रंथ साहिब की बेअदबी का आरोप लगाया था.
इस बीच मृतक के साथ की गई बर्बरता की जानकारी भी सामने आई है. टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, कपूरथला के गुरुद्वारे में जिस व्यक्ति को लिंच किया गया, उसके शरीर पर घाव के 30 निशान मिले हैं. चैनल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी है. खबर के मुताबिक इन घावों को देखकर लगता है कि मृतक पर धारदार हथियार (या हथियारों) से कई वार किए गए थे. हालांकि जिस कथित बेअदबी के नाम पर ये बर्बरता की गई, उसे राज्य के मुख्यमंत्री ही खारिज कर रहे हैं. पुलिस ने क्या कहा था? चरणजीत सिंह चन्नी के बयान से पहले भी पुलिस ने भी कपूरथला गुरुद्वारे में बेअदबी ना होने की बात कही थी. पीड़ित की हत्या के बाद कपूरथला के SSP हरकमलप्रीत सिंह का बयान सामने आया था. इसमें उन्होंने कहा था कि जब भीड़ व्यक्ति को पीट रही थी, तब पुलिस मौके पर पहुंच गई थी. पुलिस को पता चला था कि व्यक्ति ने कोई बेअदबी नहीं की थी. पुलिस ने भीड़ को समझाने का भी प्रयास किया था. हालांकि, भीड़ ने उसकी एक भी ना सुनी. SSP ने बताया था कि व्यक्ति बेअदबी नहीं, बल्कि चोरी करने आया था.

बाएं से दाएं. Kapurthala SSP हरकमलप्रीत खख और निजामपुर गुरुद्वारे में मौजूद लोग. (फोटो: इंडिया टुडे)
कपूरथला का ये पूरा घटनाक्रम, गोल्डन टेंपल में हुई लिंचिंग की घटना के 24 घंटे के अंदर हुआ था. गोल्डन टेंपल में भी बेअदबी के आरोप में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने उस युवक की उम्र 24 से 25 साल बताई थी. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था. इसमें देखा जा सकता है कि युवक रेलिंग फांदकर गुरु ग्रंथ साहिब के लिए तय किए गए पवित्र स्थान में घुसने की कोशिश कर रहा था. उसने वहां रखी तलवार भी उठा ली थी. इसके बाद संगत के लोगों ने उसे पकड़ लिया था. उसकी इतनी पिटाई की गई युवक की मौत हो गई.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों घटनाओं में मारे गए व्यक्तियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. पुलिस को इन दोनों के पास से किसी भी तरह के कागजात नहीं मिले हैं. पंजाब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों युवक एक-दूसरे को जानते थे या नहीं और क्या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थे. इसके लिए पुलिस उनके बायोमेट्रिक प्रिंट्स की स्कैनिंग कर रही है. गोल्डन टेंपल वाले मामले में पुलिस को ये भी पता चला है कि रेलिंग फांदने से पहले युवक तीन से चार घंटों तक टेंपल के अंदर ही था.
इस बीच इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक भी खूब हुई. दिलचस्प बात ये है कि प्रतिक्रियाएं देने वाली सभी पार्टियों के नेताओं ने कथित बेअदबी की तो निंदा की थी, लेकिन लिंचिंग उन्होंने चुप्पी साधे रखी. अब खुद सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने सामने आकर कहा है कि कपूरथला में बेअदबी नहीं हुई थी.

