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सिंघु बॉर्डर पर हिंसक झड़प, अलीपुर के SHO का दावा- मुझ पर तलवार से हमला हुआ

अभी ये स्पष्ट नहीं है कि SHO पर हमला किस पक्ष ने किया

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29 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 29 जनवरी 2021, 12:40 PM IST)
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SHO अलीपुर पर हमला करती भीड़. (फोटो- ANI)
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कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का केंद्र बने सिंघु बॉर्डर पर किसानों और कुछ स्थानीय लोगों के बीच झड़प होने की खबर है. इन स्थानीय लोगों को प्रदर्शनकारी बताया गया है. समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे उसी इलाके के रहने वाले हैं और किसानों से वहां से हटने को कह रहे हैं. खबर के मुताबिक, इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच न सिर्फ जमकर बहस हुई, बल्कि पत्थरबाजी की भी नौबत आ गई. इस बवाल के बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने अलीपुर थाने के SHO प्रदीप पालीवाल पर हमला कर दिया. इनमें से कुछ लोगों के हाथ में तलवार भी थी. हमले में प्रदीप पालीवाल घायल हुए हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन पर यह हमला किस पक्ष की तरफ से किया गया. कुछ कथित स्थानीय लोग शुक्रवार सुबह से ही सिंघु बॉर्डर के पास आकर प्रदर्शन कर रहे थे. वे हाइवे खाली कराने की मांग कर रहे थे. इस दौरान कथित तौर पर ‘तिरंगे का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे भी लगाए गए. बताया गया है कि दो पक्षों के बीच विवाद ने यहीं से तूल पकड़ा. दोनों के बीच संघर्ष हुआ तो पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर दिया. एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने के बाद कुछ देर के लिए बवाल रुका था. लेकिन दोपहर तक फिर पत्थरबाजी शुरू हो गई. इससे पहले 28 तारीख को भी सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर कुछ लोग हाईवे खाली कराने की मांग लेकर पहुंचे थे. लेकिन तब पुलिस ने उनको वहां से हटा दिया था. किसान आंदोलन का भविष्य? 28 तारीख की सुबह तक ख़बरें आ रही थीं कि एकाध दिन में आंदोलन ख़त्म हो सकता है. लेकिन राकेश टिकैत की भावुक अपील के बाद शाम तक खबरें आने लगीं कि गाजियाबाद के आसपास के जिलों के किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के आह्वान पर गुरुवार रात ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करीब 500 किसान विरोध स्थल पर पहुंच गए. 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद कई आंदोलनकारी प्रदर्शनस्थल छोड़कर चले गए थे. उनमें से कइयों के फिर वापस पहुंचने की जानकारी आ रही है. इस बीच प्रदर्शनकारियों का दावा है कि 27 तारीख की शाम से ही प्रदर्शनस्थल पर लगातार बिजली कटौती हो रही है. 26 तारीख से टैंकरों में पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है. पोर्टेबल शौचालय भी हटवा दिए जाने के आरोप प्रदर्शनकारियों की तरफ से लगाए गए हैं.

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