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हरियाणा: किसानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे, सीएम को रद्द करना पड़ा कार्यक्रम

10 जनवरी को किसान महापंचायत में मनोहर लाल खट्टर आने वाले थे.

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10 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 10 जनवरी 2021, 10:23 AM IST)
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तस्वीर हरियाणा के कैमला गांव की है. कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों ने सीएम खट्टर के कार्यक्रम का जमकर विरोध किया. उनके काफिले को काले झंडे दिखाए. पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया. (फोटो- ANI)
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हरियाणा के करनाल जिले के कैमला गांव में 10 जनवरी को किसान महापंचायत रखी गई थी. इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पहुंचना था. कार्यक्रम कुछ ऐसा था कि यहां पर करीब दो हज़ार किसानों को जुटाया जाना था. कार्यक्रम था कि सीएम खट्टर इनसे बात करेंगे और मंच से किसान कानून के फायदे समझाएंगे. मकसद था ये संदेश देना कि बड़ी संख्या में किसान केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के पक्ष में हैं. लेकिन इससे पहले 10 दिसंबर की सुबह ही कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के एक बड़े जत्थे ने कैमला गांव की तरफ कूच कर दी. किसान उस जगह की तरफ बढ़ रहे थे, जहां खट्टर का हेलिकॉप्टर लैंड होना था. आरोप है कि किसानों ने हेलीपैड और महापंचायत के वेन्यू पर काफी तोड़फोड़ की. वेन्यू पर टेंट, कुर्सियां पूरी तरह डैमेज हो गईं. किसानों और पुलिस के बीच भी जमकर भिड़ंत हुई. किसान काले झंडे लेकर नारे लगाते हुए महापंचायत की जगह तक पहुंचे थे. पुलिस ने किसानों को वहां से हटाना चाहा. किसान नहीं हटे. यहीं से स्थिति बिगड़ गई. पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. इन सबके बाद महापंचायत का कार्यक्रम शाम तीन बजे तक भी शुरू नहीं हो सका. जब स्थिति इसके बाद भी नहीं सुधरी तो खट्टर का दौरा और महापंचायत का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. इस घटना के बाद विपक्ष हमलावर है. कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया –
“शर्म कीजिए खट्टर साहेब. जब आप किसान महापंचायत कर रहे हैं तो वहां आने से किसानों को ही रोकने का मतलब क्या है? मतलब साफ़ है- आपको किसानों से सरोकार न होकर केवल इवेंटबाजी से मतलब है. याद रखिए, यही हाल रहा तो बिना पुलिस के आपका घर से निकलना नामुमकिन हो जाएगा. काले क़ानून वापस लें.”
सुरजेवाला ने घटना का विडियो भी ट्वीट किया है. सैकड़ों किसान खेतों में भागते दिख रहे हैं. किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी गईं. घटना के बाद किसान फिलहाल आस-पास के गांवों में चले गए हैं. कैमला के आस-पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

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