1 जुलाई से रेलवे का कायापलट होने की खबर अफवाह थी
कुछ दिनों से फेसबुक-व्हॉट्सएप के खलिहर लोगों ने ये बात उड़ा रखी थी. लेकिन रेलवे मिनिस्ट्री ने खुद कह दिया है कि सारी बातें झूठी हैं, अफसाने हैं.
Advertisement

Photo: Reuters
अफवाहों का मौसम है, सावधान रहें. बात व्हॉट्सएप और फेसबुक से निकली थी, पर खबरों में आ गई. कुछ दिनों से सोशल मीडिया के खलिहर लोगों ने ये बात उड़ा रखी थी कि 1 जुलाई से रेलवे का रंग-रूप बदलने वाला है. बाकायदे पॉइंट्स में बताया जाता था कि फलां फलां नई सुविधा शुरू हो रही है और फलां नियम बदलने वाले हैं. जैसे ऑनलाइन वेटिंग टिकट बंद होगा और तत्काल टिकट कैंसल कराने पर भी रिफंड मिलेगा, वगैरह वगैरह.
इन मैसेज के आधार पर कुछ नामी न्यूज वेबसाइट्स ने खबरें भी कर लीं. अब फर्ज करो ये सारी बातें झूठी हों, अफसाने हों. हां जी, खुद रेल मिनिस्ट्री ने ट्वीट करके बताया है कि ये सब अफवाहें हैं, 1 जुलाई से कोई बदलाव नहीं हो रहा.
रेल मिनिस्ट्री ने ट्विटर पर लिखा, 'ये खबर गलत है. दुर्भाग्य से मीडिया के एक हिस्से ने बिना वेरिफाई किए इसके आधार पर खबर भी बना ली. इससे रेलयात्रियों में भारी कंफ्यूजन फैला है.'
https://twitter.com/RailMinIndia/status/745611556587708416
इसलिए फेसबुक-व्हॉट्सएप पर कुछ देखें तो शेयर करने से पहले सोच लें. हो सकता है आप भी जाने-अनजाने अफवाह को हवा दे रहे हों.
क्या थी अफवाहें
1
वेटिंग टिकट का सिस्टम बंद होगा. 1 जुलाई से सिर्फ कंफर्म और आरएसी टिकट मिलेंगे. सीट अवेलेबल न होने पर यात्रियों को दूसरी ट्रेन में सफर का ऑप्शन दिया जाएगा..2
तत्काल टिकट रिजर्वेशन कैंसल कराने पर आधा रिफंड मिलेगा. पहले तत्काल में टिकट लेने के लिए सोचना पड़ता था. कंफर्म न होने पर पैसे बेकार हो जाते थे. लेकिन कहा गया कि अब कम से अब आधे पैसे तो वापस मिलेंगे.3
टिकट अंग्रेजी और हिन्दी के अलावा कई क्षेत्रीय भाषाओं में मिलेगी.4
राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी.5
सुविधा ट्रेनों को रद्द कराने पर कोच के हिसाब से पैसे तय होंगे. अलग-अलग क्लास के लिए काटे जाने वाली रकम अलग-अलग होगी. एसी फर्स्ट और सेकंड एसी (2 टियर) का टिकट कैंसल कराने पर 100 रुपए काटे जाएंगे. जबकि एसी थर्ड (3 टियर एसी) के लिए 90 और स्लीपर क्लास का टिकट कैंसल कराने पर 60 रुपए काटे जाएंगे.6
राजधानी-शताब्दी में सफर करने वाले यात्रियों को पेपरलैस टिकटिंग की सुविधा दी जाएगी. यानी उनके दिए मोबाइल नंबर पर टिकट की सारी जानकारी उपलब्ध होगी. जो सफर के दौरान परिचय पत्र के साथ टीटीई को दिखानी होगी.लेकिन ये सारी बातें झूठ थीं, रेलवे ने साफ कर दिया है
1
1 जुलाई से रेलवे सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होगा.2
रेलवे ऑनलाइन और PRS काउंटर्स दोनों ही जरियों से वेटिंग टिकट देता है. इसमें कोई बदलाव नहीं हो रहा.3
जुलाई 2015 से सुविधा क्लास ट्रेनें चल रही हैं, जो जारी रहेंगी. अगर जरूरत हो तो इन ट्रेनों में भी वेटिंग टिकट अवेलेबल है. रिफंड के नियम भी वही रहेंगे, जो पहले थे.4
राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में पेपर टिकट हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. बल्कि किसी ट्रेन में फिलहाल ऐसा नहीं हो रहा. हालांकि ऑनलाइन टिकट कराने वाले फोन पर मिला SMS आईडी प्रूफ के साथ दिखा सकते हैं. यही व्यवस्था पहले भी थी.5
तत्काल टिकट के लिए बुकिंग टाइम पिछले साल बदला था. एसी के लिए सुबह 10 और नॉन-एसी के लिए 11 बजे से. इसके समय में कोई बदलाव नहीं है.6
पूरा कोच या ट्रेन बुक कराने के चार्जेस में कोई बदलाव नहीं है. अभी जो स्कीम चल रही है, वह कई बरस पुरानी है.7
तत्काल टिकट के रिफंड नियमों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है.8
रेलवे अक्टूबर 2016 में नया टाइम टेबल जारी करेगा.इसलिए फेसबुक-व्हॉट्सएप पर कुछ देखें तो शेयर करने से पहले सोच लें. हो सकता है आप भी जाने-अनजाने अफवाह को हवा दे रहे हों.

.webp?width=60)

