क्लेयर हॉलिंगवर्थ नहीं रहीं. वो 105 साल की थीं. अपनी ज़िंदगी अच्छे से जी चुकीथीं और उनहोंने जो किया वो इतिहास की किताबों में दर्ज रखा जाएगा. क्लेयर ही वोपत्रकार थी जिसने दूसरा विश्वयुद्ध शुरू होने की खबर ब्रेक की थी. दुनिया को हिटलरकी सेनाओं के पोलैंड में जमा होने के बारे में बताया था. बीबीसी क्लेयर के बारे मेंकहता है, क्लेयर पहली महिला पत्रकार तो नहीं थीं मगर बेशक तकनीक और मुद्दों की समझरखने के मामले में सबसे तेज़तर्रार पत्रकारों में से एक थीं. उनका साहस उन्हें बाकीसब से अलग बनाता है. 1939 में हॉलिंग्वर्थ एक फ्रीलांस लेखक के तौर पर'न्यूस्टेटमेंट' के लिए लिख रहीं थी. हिटलर के कहर से लोगों को बचाने के लिए वोउन्हें ब्रिटिश वीज़ा दिलवाने में मदद करतीं. इस बीच अखबार ‘द डेली टेलीग्राफ’ कीनज़र उन पर पड़ी और उन्हें नौकरी पर रख लिया गया.पहले हफ्ते में ही सबसे बड़ी खबरनौकरी के पहले हफ्ते में ही हॉलिंगवर्थ को पोलैंड में चल रहे तनाव के बारे में पताकरने के लिए भेजा गया. वहां जाकर उन्होंने जर्मन सेना का जमावड़ा देखते हुए खबरभेजी की दूसरा विश्वयुद्ध शुरू हो गया है. किसी को यकीन नहीं हुआ. हॉलिंगवर्थ नेकमरे की खिड़की के बाहर टेलीफोन का रिसीवर ले जाकर सैन्य हरकतों की आवाज़ें सुनवाई.दुनिया को पता चला कि जिसे अभी तक तनाव समझा जा रहा था वो दरअसल संसार का सबसेखतरनाक युद्ध है. इस खबर को स्कूप ऑफ द सेंचुरी कहा गया. इस खबर के बाद सेहॉलिंगवर्थ लगातार युद्ध को कवर करती रहीं. इस दौरान वो ईरान के शाह का इंटरव्यूकरने वाली आखिरी पत्रकार भी बनीं. युद्ध खत्म होने पर हॉलिंगवर्थ को टेलीग्राफचाइना में भेज दिया गया. 1981 में रिटायर होने के बाद से हॉलिंगवर्थ हॉन्ग कॉन्गमें बस गईं और 105 साल की उम्र तक वहीं रहीं.