जब अयोध्या मामले में शाहरुख खान की एंट्री चाहते थे चीफ जस्टिस बोबडे!
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद से रिटायर हुए CJI.
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CJI बोबडे (बाएं) ने विकास सिंह से पूछा था कि क्या शाहरुख खान (दाएं) अयोध्या मसले पर मध्यस्थता पैनल का हिस्सा बनेंगे. (फाइल फोटो- PTI)
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे (SA Bobde) 23 अप्रैल, शुक्रवार को पद से रिटायर हो गए. उनके लिए फेयरवेल का आयोजन किया गया. फेयरवेल में सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन (SCBA) अध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि मार्च-2019 में जब अयोध्या विवाद को लेकर मध्यस्थता पैनल बनाया जा रहा था. तब जस्टिस बोबडे चाहते थे कि अभिनेता शाहरुख खान भी इस पैनल का हिस्सा बनें.
Bar and Bench की ख़बर के मुताबिक विकास सिंह बोले –
“अयोध्या मसले पर सुनवाई के शुरुआती दौर में ही वे (जस्टिस बोबडे) इस बात पर कायम थे कि इस विवाद का हल मध्यस्थता से ही निकल सकता है. उन्होंने मुझसे कहा कि क्या शाहरुख खान इस मध्यस्थता पैनल का हिस्सा बनेंगे. मैंने उनसे (शाहरुख) से पूछा और वे बिल्कुल तैयार थे. दुर्भाग्य रहा कि मध्यस्थता आगे नहीं बढ़ सकी.”इसमें सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कलीफुल्ला, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्री राम पंचू शामिल थे. मध्यस्थता से हल नहीं निकला. फिर सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2019 से सुनवाई शुरू की. 9 नवंबर 2019 को अयोध्या विवाद पर फैसला देने वाली पांच सदस्यीय बेंच में जस्टिस बोबडे भी शामिल थे. “मैंने अपना बेस्ट दिया” जस्टिस एसए बोबडे ने पूर्व CJI रंजन गोगोई के उत्तराधिकारी के तौर पर 18 नवंबर, 2021 को देश के प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी. वे भारत के 47वें चीफ जस्टिस रहे. विदाई के दिन उन्होंने कहा –
"मैं इस संतोष के साथ जा रहा हूं कि मैंने अपना बेस्ट दिया. अब मैं ये मशाल जस्टिस रमन्ना को सौंप रहा हूं. मुझे भरोसा है कि वे कोर्ट को सुचारु रूप से चलाने में सक्षम होंगे.”एनवी रमन्ना भारत के अगले चीफ जस्टिस होंगे. CJI के रूप में जस्टिस रमन्ना का कार्यकाल लगभग 16 महीने का होगा. वह 26 अगस्त 2022 को रिटायर होंगे. जस्टिस रमन्ना 27 जून 2000 से 1 सितंबर 2013 तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में जज रहे. 2 सितंबर 2013 से 16 फरवरी 2014 तक दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रहे.

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