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बिजनेसमैन के घर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर पहुंचे CISF के जवान, दूसरी पत्नी का कमरा छोड़ सब लूटा

घटना बागुईहाटी पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले चिनार पार्क इलाके की है. जहां 18 मार्च की रात दो बजे कुछ लोग फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर एक बिजनेसमैन के घर पहुंचे. बिजनेसमैन का निधन हो चुका है. घर में उनकी मां और बेटी विनीता सिंह मौजूद थीं.

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cisf personnel arrested posing income tax officer in kolkata
कोलकाता पुलिस ने CISF के पांच कर्मचारियों को एक बिजनेसमैन से लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.(तस्वीर:अरिंदम भट्टाचार्य)
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राजेश साहा
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26 मार्च 2025 (Updated: 26 मार्च 2025, 11:39 PM IST)
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कोलकाता में एक बिजनेसमैन के घर में फर्जी इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर लूटपाट करने के आरोप में CISF (सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स) के कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक महिला कॉन्स्टेबल भी शामिल हैं. मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. लूटपाट का कारण संपत्ति विवाद बताया गया है जोकि बिजनेसमैन की बेटी और दूसरी पत्नी के बीच चल रहा था.

इनकम टैक्स अधिकारी बन कर पहुंचे CISF के जवान

घटना बागुईहाटी पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले चिनार पार्क इलाके की है. जहां 18 मार्च की रात दो बजे कुछ लोग फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर एक बिजनेसमैन के घर पहुंचे. बिजनेसमैन का निधन हो चुका है. घर में उनकी मां और बेटी विनीता सिंह मौजूद थीं. इन कथित अधिकारियों ने दरवाजे पर लगे डोर बेल को बजाया. दरवाजा खुलते ही ये घर के अंदर घुस गए. घर में घुसते ही इन लोगों ने वहां मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए. उसके बाद वे बिजनेसमैन के कमरे में गए जहां उन्होंने नकदी और गहने लूट लिए. पुलिस के मुताबिक, इन्होंने 3 लाख रुपये नकद और ढेर सारे सोने के गहने लूट लिए.

खबर के मुताबिक इसके बाद ये नकली अधिकारी बिजनेसमैन की दूसरी पत्नी आरती सिंह के कमरे में गए, लेकिन वहां से बिना कुछ लिए ही चले गए. यह बात बेटी विनीता सिंह को अजीब लगी. उन्होंने बागुईहाटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.

बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के DCP (एयरपोर्ट ज़ोन) IPS ऐश्वर्या सागर ने बताया,

“लूटपाट करने के बाद घर से निकलते वक्त उन्होंने परिवार को संपर्क करने से मना किया. कहा कि उनका डिपार्टमेंट खुद संपर्क करेगा. लेकिन 4-5 घंटे बीत जाने के बाद परिवार को शक हुआ. इसके बाद विनीता सिंह आयकर विभाग के दफ्तर गईं. वहां मालूम पड़ा कि विभाग ने ऐसा कोई छापा मारा ही नहीं था.”

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पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. उन्होंने घर और आसपास के इलाकों से कई CCTV फुटेज जुटाए. पुलिस के मुताबिक, फुटेज में उस गाड़ी की भी पहचान हो गई जिसमें बैठकर ये नकली अधिकारी बिजनेसमैन के घर पहुंचे थे. गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से पुलिस ने उनका पता लगाया और ड्राइवर दीपक रैना को हिरासत में ले लिया.  

उससे पूछताछ की गई. इसके बाद पुलिस ने एक-एक करके 5 CISF कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया. DCP ऐश्वर्या सागर ने बताया,

“CCTV फुटेज देखने पर मालूम पड़ा कि नकली अधिकारी बनकर ये लोग दो गाड़ियों में आए थे. एक पिकअप वैन और एक बाइक. पिकअप वैन के नंबर से ड्राइवर को साउथ पोर्ट इलाके से पकड़ा गया.”

गिरफ्तार हुए CISF कर्मियों में फरक्का बैराज में तैनात इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह, RG कर अस्पताल में पोस्टेड महिला कॉन्स्टेबल लक्ष्मी कुमारी, कॉन्स्टेबल बिमल थापा, हेड कॉन्स्टेबल रामू सरोज और कॉन्स्टेबल जनार्दन शाह शामिल थे.

CISF कर्मचारियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें बिजनेसमैन की दूसरी पत्नी आरती सिंह, ड्राइवर दीपक राना और एक बिचौलिया शामिल थे.

साजिश की वजह क्या है?

यह सारा विवाद संपत्ति के झगड़े से जुड़ा है. इंडिया टुडे के राजेश साहा की इनपुट के मुताबिक, विनीता सिंह और आरती सिंह के बीच संपत्ति को लेकर विवाद था. आरती सिंह और उनके एक रिश्तेदार ने CISF इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह से संपर्क किया. डील हुई कि विनीता सिंह के घर से जो भी नकदी मिलेगी, उसे 50-50 में बांट लिया जाएगा. आरती सिंह और बिचौलिए को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. अन्य लोगों को कोर्ट में पेश किया गया है जहां वे ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में हैं.

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