The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • CII Pakistan thinks its ok for a husband to lightly beat their wives

'अगर पत्नी तुम्हारी बात ना माने, उसे पीटना जायज़ है'

मज़ाक नहीं, औरतों के खिलाफ जारी हुआ ये फतवा सच है.

Advertisement
pic
27 मई 2016 (अपडेटेड: 27 मई 2016, 04:14 PM IST)
Img The Lallantop
credit: reuters
Quick AI Highlights
Click here to view more
पाकिस्तानी काउंसिल ऑफ़ इस्लामिक आइडियोलॉजी (PCCI) के 20-30 मुफ्तियों ने वहां के मर्दों के पक्ष में ऐसा लॉजिक दिया है कि शर्म आ जाए. उन्होंने कहा है कि अगर घर की औरतें 'कंट्रोल' से बाहर निकल जाएं तो मर्दों को पूरा हक है औरतों को उनकी जगह बता दें. इसके लिए वो पत्नियों को पीट भी सकते हैं! मुफ्तियों ने 8 वजहें भी दी हैं जिनके मुताबिक पत्नी की पिटाई करना इस्लाम में जायज़ है!
उन्होंने कहा है, "अगर आप सड़क के बीचों बीच किसी को पीटते हैं, तो ये जुर्म है. लेकिन अगर आप बेडरूम में किसी को पीट रहे हैं, तो अपने घर की दीवारों के अंदर आप दोनो सेफ हैं. और इसमें कुछ भी गलत नहीं है. जैसे अगर आप किसी अंजान शख्स को गोली मार दें तो वो मर्डर होगा. लेकिन अगर आप अपनी बहन को गोली मार देते हैं तो एक तरह से आप अपने घर के सम्मान की रक्षा कर रहे हैं. जो कि बिलकुल सही है. ये आदमियों का हक है."
दरअसल, पाकिस्तान में औरतों के खिलाफ घरेलू हिंसा की घटनाएं खूब होती हैं. लेकिन वहां के न्यूज़ पेपर्स कहते हैं कि इनके मामलों में ज्यादातर मौकों पर औरतों को जस्टिस नहीं मिलता. पहले तो मामला दर्ज होने की स्टेज तक ही नहीं पहुंचता. पहुंच भी जाए तो न्याय नहीं हो पाता.
इस साल मार्च में वहां एक नया कानून बना है. पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ वीमेन अगेंस्ट वायलेंस एक्ट. इसके मुताबिक अगर कोई आदमी अपनी पत्नी को मारता है तो उस पर क्रिमिनल केस दर्ज होगा. साथ ही ऐसे आदमी के हाथों में एक GPS मॉनिटर वाला ब्रेसलेट बांधा जाएगा. वो बंदूक या कोई हथियार नहीं खरीद पाएगा. औरतों के लिए हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं भी खोली जाएंगी.  लेकिन PCCI को ये कानून गैर-इस्लामी लगा. डर गए वो लोग.
इस कानून के चलते औरत भी बोल सकेगी. और अगर उसे बोलने की आजादी मिल जाएगी तो उसको घर में एक पोटली भर बना कर नहीं रखा जा सकेगा. यानी वो बराबरी मांगेगी, घर से निकलेगी, बुक्स पढ़ेगी, फिल्में देखेगी, पार्लर जाएगी. यानी वो स्वतंत्र हो जाएगी.
इस भय के चलते ही इन लोगों ने कहा कि घर की औरत पति की बातें न माने तो पति उसे पीट सकता है. बहुत जोर से नहीं. हलके से. थोड़ा सा. बस इतना कि औरत अपनी औकात में वापस आ जाए. उसको उसकी जगह समझ आ जाए. वो समझ जाए कि घर का असली मालिक कौन है.
काउंसिल ऑफ़ इस्लामिक आइडियोलॉजी के ‘कुछ बहुत समझदार’लोगों ने कई दिनों तक अपना सिर भिड़ा कर वो 8 वजहें भी डिसाइड कर दीं जिनके खिलाफ जाने पर मर्द अपनी पत्नियों को मार सकते हैं.
1. जब औरत अपने पति का कहना न मानें. 2. अपने पति की पसंद के कपड़े पहनने से मना कर दे. 3. बिना धार्मिक वजह के वो अपने पति के साथ सेक्स करने से मना कर दे. 4. हिजाब पहनने से मना कर दे. 5. अगर वो सेक्स करने के बाद और पीरियड्स ख़त्म होने पर न नहाए. 6. अजनबियों से बातें करे. 7. इतनी जोर जोर से बातें करे कि अनजान आदमियों को सुनाई दे जाए. 8. अपने पति को बिना बताए किसी को पैसे उधार दे दे. हिंसा किसी रिश्ते में कभी भी होनी नहीं चाहिए वरना उस रिश्ते का कोई मतलब नहीं. अगर आप उस इंसान के साथ सेफ और खुश नही हो तो फिर साथ रहने का कोई मतलब नहीं है. और कानून सबके लिए बराबर होने चाहिए. अगर मर्द को ये हक है कि वो अपनी पत्नी को पीट सकता है तो औरत के पास भी कुछ क्लियर वजहें होनी चाहिए कि वो भी अपने पति 'थोड़ा सा' पीट सके. जैसे जब उसका पति: 1. घर के कामों में उसका हाथ ना बंटाए. 2. कई दिनों तक न नहाए. 3. भीगा टॉवल बिस्तर पर ही छोड़ दे. 4. पत्नी की मर्ज़ी होने पर भी पति सेक्स के लिए मना कर दे. 5. या पत्नी की मर्ज़ी न होने पर भी सेक्स के लिए मजबूर करे. 6. बच्चों को पालने में मदद ना करे 7. पत्नी को बिना बताये सट्टे लगाए
जाहिर है अभी आप मर्दों के खिलाफ इन बिंदुओं को मजाक ही समझ रहे हैं. लेकिन औरतों के खिलाफ जो पाकिस्तान में फतवा जारी हुआ है वो सच्चा है.
इस पर PCCI चीफ का कहना है कि औरतों की सेफ्टी के लिए जो नियम बना है उससे परिवार टूट जाएंगे क्योंकि तब औरत तलाक़ मांग सकेगी. अभी तो जो कुछ भी है, परिवार के भीतर ही रहता है. बात सिर्फ इन 20-30 या 50 पाकिस्तानियों की नहीं है ना. दुनिया के लगभग हर देश में घरेलु हिंसा के केसेस मिल जायेंगे.
नाइजेला लॉसन एक बहुत मशहूर शेफ हैं. पूरी दुनिया घूमती हैं. बहुत पैसे हैं. फेम है. लेकिन उनकी एक फ़ोटो काफी मशहूर हुई थी. वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ एक रेस्टोरेंट में बैठी हैं. और उनके बॉयफ्रेंड उनका गला दबा रहे हैं. एक फोटोग्राफर ने फ़ोटो खीच ली.
Credit: Jean Paul
Credit: Jean Paul

हमारे देश में भी ये कोई नई बात नहीं है. और ना ही ऐसा सिर्फ गांव देहात में होता हो.

आपकी कोई दोस्त अगर एक दिन अपनी नाक पर पट्टी बांध कर आये और कहे कि वो सीढ़ियों से फिसल गयी. आपकी मां के हाथों पर चोट के निशान हों और आपके पूछने पर कहे कि खाना बनाते हुए जल गयी. आपकी बहन जब 1 हफ्ते के लिए अपनी सूजी आंखें ले कर घर आये और कहे मधुमक्खी ने काट लिया. मुमकिन है कि वो अपनी शादी या रिलेशनशिप में वायलेंस सह रही हों.

हमारे देश में, जब इतने सारे कानून, इतनी सारी हेल्पलाइन्स मौजूद हैं, औरतों को डोरमैट से भी बदतर ट्रीट किया जाना अभी भी चल रहा है. ये प्रॉब्लम किसी एक धर्म या जाति की अकेली नहीं है. और ना ही सिर्फ नियम, कानूनों या हेल्पलाइन्स आ जाने से ख़त्म हो जाएंगी. ना पाकिस्तान में, ना इंडिया में और ना ही दुनिया के किसी भी और देश में. प्रॉब्लम है उस सोच की जिसके चलते आदमी खुद को हमेशा औरत के ऊपर रखना चाहता है. चाहे सोसाइटी हो, घर हो या बिस्तर. कुछ आदमियों के दिमाग़ में ये बात ठूंस-ठूंस कर भरी हुई है कि वो औरत से किसी न किस तरह बेहतर हैं. सोसाइटी में उनका ओहदा औरत से बढ़ कर है. जब चाहे जिस औरत को चाहे छू सकते हैं, जब चाहे किसी भी औरत के कपड़ों में घुस सकते हैं. किसी को भी पकड़ सकते हैं. किसी को भी पीट सकते हैं. क्योंकि ये सब उस सर्टिफिकेट में लिख के आया था जो उनको आदमी होकर पैदा होने की वजह से मिला था.
PCCI के इस बेतुके से एक्ट का तो अभी ये पहला ड्राफ्ट है. अभी तक वीमेन प्रोटेक्शन एक्ट की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नही आई है. हम उम्मीद कर सकते हैं कि शायद पाकिस्तान के लिए कुछ बेहतर हो जाये. औरतें सिर्फ बिस्तर और किचन तक ही फंस कर ना रह जाएं.

Advertisement

Advertisement

()