रोबोट आर्मी, 38 महीने और 75 हजार करोड़ रुपये... चीन ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन
China Chongqing rail station robot: चीन का चोंगकिंग ईस्ट रेलवे स्टेशन अब दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन बन गया है. करीब 12.2 लाख वर्ग मीटर में फैले इस विशाल ट्रांजिट हब ने जापान के नगोय स्टेशन को पीछे छोड़ दिया है, जिसे पहले दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन माना जाता था. चीन ने इसे रिकॉर्ड समय में रोबोट की मदद से बनाया है. वीडियो में इसकी विशालता देखी जा सकती है.

टेक अरबपति एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चीन के चोंगकिंग ईस्ट रेलवे स्टेशन का एक वीडियो शेयर किया, जिसके बाद यह मेगा प्रोजेक्ट दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह स्टेशन अब क्षेत्रफल के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन माना जा रहा है. करीब 12.2 लाख वर्ग मीटर में फैले इस विशाल ट्रांजिट हब ने जापान के नगोय स्टेशन को पीछे छोड़ दिया है, जिसे पहले दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन माना जाता था. नगोय स्टेशन का कुल क्षेत्रफल करीब 4.46 लाख वर्ग मीटर बताया जाता है.
Chongqing rail station सिर्फ 38 महीनों में तैयारचीन ने इस विशाल प्रोजेक्ट को महज 38 महीनों में बनाकर दुनिया को चौंका दिया है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार स्टेशन बनाने में करीब 40 हजार मजदूर और बड़ी संख्या में रोबोट व ऑटोमेटेड तकनीक का इस्तेमाल किया गया.
स्टेशन की इंजीनियरिंग भी बेहद खास है. एलन मस्क द्वारा शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक इस स्टेशन को बनाने में 16,500 टन वजनी स्टील रूफ को पहले जमीन पर तैयार किया गया और फिर हाइड्रोलिक तकनीक से 57 मीटर ऊपर उठाकर लगाया गया. इसे खास डिजाइन वाले कॉलम्स पर टिकाया गया ताकि भूकंप जैसी स्थिति में भी ढांचा सुरक्षित रह सके. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर करीब 7.8 अरब डॉलर (75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) खर्च किए गए.
Chongqing station बना ‘8D City’ की नई पहचानदक्षिण-पश्चिम चीन का चोंगकिंग शहर पहले ही अपने अनोखे शहरी ढांचे के लिए दुनियाभर में मशहूर है. पहाड़ों के बीच बसे इस शहर को सोशल मीडिया पर ‘8D City’ कहा जाता है, क्योंकि यहां की सड़कें, इमारतें और मेट्रो नेटवर्क कई स्तरों पर बने हुए हैं.
वही इंडिया टुडे की रिपोर्ट के कहती हैं कि यह शहर अब चीन की तेज रफ्तार इंफ्रास्ट्रक्चर नीति का नया चेहरा बन गया है. चोंगकिंग ईस्ट रेलवे स्टेशन को चीन के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो देश के अंदरूनी हिस्सों को तटीय बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाएगा.
माओ ज़ेडॉन्ग की नीति से बना इंडस्ट्रियल सेंटरचोंगकिंग की इंडस्ट्रियल ग्रोथ 1960 के समय में तेजी से शुरू हुई थी, जब चीन के नेता माओ ज़ेडॉन्ग ने ‘थर्ड फ्रंट कैंपेन’ शुरू किया. इसका मकसद चीन के अंदरूनी इलाकों में भारी उद्योग और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना था.
आज चोंगकिंग ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर का बड़ा केंद्र बन चुका है. ऐसे में यह नया स्टेशन सिर्फ यात्रियों की सुविधा नहीं, बल्कि चीन की आर्थिक और रणनीतिक ताकत का प्रतीक भी माना जा रहा है.
(ये खबर हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे कुमार ऋषभ ने लिखी है)
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