चीन में एक दशक का सबसे बड़ा कोयला खदान हादसा, 82 मौतें, PM मोदी ने दुख जताया
China Coal Mine Explosion: यह हादसा चीन में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा कोयला खदान हादसा माना जा रहा है. चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने हादसे की जांच के सख्त आदेश दिए हैं.

चीन के शानक्सी प्रांत स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में 82 मजदूरों की मौत हो गई. इससे पहले सरकारी मीडिया ने यह संख्या 90 बताई थी. शनिवार, 23 मई की देर रात जारी आधिकारिक अपडेट में मृतकों की संख्या में सुधार किया गया. यह हादसा चीन में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा कोयला खदान हादसा माना जा रहा है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे की जांच के सख्त आदेश दिए हैं.
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, यह धमाका शानक्सी प्रांत की किनयुआन काउंटी स्थित खदान में शुक्रवार, 22 मई की शाम करीब 7:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुआ. हादसे के वक्त 200 से ज्यादा लोग खदान के भीतर मौजूद थे. इनमें से कुल 123 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें चार की हालत गंभीर है. बाकी बचे 119 लोगों को मामूली चोटें आई हैं. दो लोग अब भी लापता हैं.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने शिन्हुआ के हवाले से लिखा, विस्फोट से ठीक पहले खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर तय सीमा से ज्यादा होने का अलर्ट जारी हुआ था, जिसके कुछ ही देर बाद जोरदार ब्लास्ट हो गया. इस खदान को पहले ही चीनी राष्ट्रीय खदान सुरक्षा प्रशासन ने 'अत्यधिक खतरनाक' श्रेणी में डाल दिया था. जांच दल इस बात का पता लगा रहा है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कैसे हुई.
जिनपिंग ने दिए जांच के आदेशचीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि घायलों के इलाज और जिंदा बचे लोगों को ढूंढने में कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए. देश की स्टेट काउंसिल ने बाद में कहा कि एक सख्त जांच की जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने मृतकों की संख्या को लेकर हुए कन्फ्यूजन के लिए माफी मांगी. उन्होंने कहा कि शुरुआत में हालात बहुत खराब थे, जिसकी वजह से गिनती साफ नहीं हो पाई.
घायल मजदूर ने क्या बताया?सरकारी मीडिया के मुताबिक, ज्यादातर लोग जहरीली गैस में सांस लेने के बाद प्रभावित हुए. यह साफ नहीं है कि यह किस तरह की गैस थी. घायल मजदूर वांग योंग ने बताया कि घटना के समय उन्होंने कोई आवाज नहीं सुनी, लेकिन अचानक धुएं का गुबार देखा. उन्होंने कहा,
"मुझे सल्फर की गंध आई, बिल्कुल वैसी ही गंध जैसी विस्फोट के बाद आती है. मैंने लोगों से भागने के लिए कहा.भागते समय मैंने देखा कि लोग धुएं से बेहोश हो रहे थे. फिर मैं भी बेहोश हो गया. मैं वहां लगभग एक घंटे तक लेटा रहा, फिर मुझे अपने आप होश आ गया. मैंने अपने बगल वाले व्यक्ति को जगाया और हम दोनों साथ में बाहर निकल गए."
रिपोर्ट के मुताबिक, खदान की मैनेजमेंट टीम के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया गया है. गैस धमाके की वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन सरकारी मीडिया ने बताया कि खदान में कार्बन मोनोऑक्साइड का लेवल तय सीमा से ज्यादा पाया गया था. यह एक बेहद जहरीली और बिना गंध वाली गैस होती है. चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने इस ऑपरेशन में मदद के लिए छह बचाव टीमों से 345 लोगों को भेजा है.
PM मोदी ने जताया दुखभारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को लेकर दुख जताया है. X पर जारी एक बयान में उन्होंने लिखा,
"चीन के शानक्सी प्रांत में हुई खनन दुर्घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है. भारत के लोगों की तरफ से, मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी लोगों के प्रति गहरी संवेदना और सच्ची सहानुभूति व्यक्त करता हूं. जो लोग मारे गए हैं उनके परिवारों को इस मुश्किल समय को सहने की ताकत मिले. मैं दिल से प्रार्थना करता हूं कि जो लोग अभी भी लापता हैं, वे जल्द से जल्द सुरक्षित और सही-सलामत मिल जाएं."
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शानक्सी में हुआ धमाका हाल के सालों में हुए सबसे खतरनाक धमाकों में से एक है. यह हुनान प्रांत में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के कुछ ही हफ्ते बाद हुआ है, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी. यह हादसा 2023 के बाद से सबसे खतरनाक माइनिंग हादसा है, जब उत्तरी चीन के इनर मंगोलिया इलाके में एक खुली कोयला खदान ढहने से 53 लोगों की मौत हो गई थी.
वीडियो: जमीन के नीचे कोयला खदानों के मजदूरों की जिंदगी कैसी है? कैमरे पर सब दिख गया

