चीन में आजकल एक टीवी सीरीज की धूम मची हुई है. ये टीवी सीरीज करप्ट अफसरों के ऊपरबेस्ड है. इसे डॉक्यूमेंट्री की तरह से बनाया गयाा है. इसमें चीन में बड़े पदों पररह चुके कई अफसरों टीवी पर अपना जुर्म कबूलते दिखाई पड़ रहे हैं. वहां पर सरकारकम्युनिस्ट पार्टी के अफसर ही चलाते हैं. ये वही अफसर हैं जिन्हें उनके गुनाहों केचलते गिरफ्तार किया गया है. एक सरकारी अफसर ने भी बीबीसी से बातचीत में इस बात कीपुष्टि की. अभी तक आए इसके 8 एपिसोड में 10 से भी ज्यादा अफसर अपना जुर्म कबूलतेदिखाए जा चुके हैं. इस टीवी सीरीज का नाम है - आलवेज ऑन द रोड. और ये बनी है सरकारके कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर फैले सारे करप्शन को मिटाने के लिए. पहले ही एपिसोडमें चीन के तीन बड़े अफसरोंं को अपने गलत कामों पर पछताते हुए दिखाया गया था.सोमवार से ही प्रोग्राम शुरू हुआ है. और अब तक लाखों लोग इसके दर्शक बन चुके हैं.चीन के डिसिप्लिन इंस्पेक्शन कमीशन ने कहा है, आलवेज ऑन द रोड चीन में बहुत बज है.लोग चारों ओर इसके बारे में ही बातें कर रहे हैं. ये कमीशन चीन में करप्शन और चीनसेंट्रल टेलीविजन के साथ मिलकर फिल्म बनाती है.देखोगे तो यही कहोगे, ऐसा इंडिया में क्यों नहीं हो जाताभारत में जब भी ऐसा कोई वीडियो सामने आता है, जिसमें राजनीति से जुड़े कुछ लोग होंतो अक्सर ही वो सेक्स सीडी होती है. हम कभी ऐसी बातों को निकालकर सामने क्यों नहींलाते. और अक्सर ये देखने में भी आता है कि या तो जो सीडी में हम देखते हैं वो सहमतिसे सेक्स होता है या फिर पेड सेक्स. कभी भी उसमें रेप जैसा मामला नहीं होता. फिरजबरदस्ती इस सीडी पर नैतिकता के हिसाब से गेम खेला जाता है. इसलिए हमें जरूरत है किसीडियां और वीडियो फुटेज जरूर सामने आएं पर सेक्स सीडी नहीं बल्कि ऐसे पॉलिटिकलखुलासे करने वाले.पावर का मिसयूज पहले हुआ या अबवैसे ये डॉक्यूमेंट्री प्रेसीडेंट शी जिनपिंग के अपनी पार्टी के अंदर करप्शन के साथसख्ती से निपटने के वादे के बाद आई है. शी ने हर लेवल के करप्शन को खत्म करने कीबात कही थी. कहा था चाहे वो पॉवरफुल टाइगर हो या छोटी मक्खी, कोई भी बख्शा नहींजाएगा. जबकि आलोचना करने वालों का कहना है कि इस शो में ट्रांसपेरेंसी की कमी है.इस तरीके से शी जिनपिंग के अपने दुश्मनों को एक-एक कर राह से हटाने का काम कर रहेहैं. रॉयटर्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि वो इस शो में दिखाए जाने वाले लोगों केपरिवारों या उनके वकीलों तक पहुंच पाने में नाकाम रही है. दरअसल रॉयटर्स इन लोगोंसे बात इसलिए करना चाहती है ताकि ये बात पक्की की जा सके कि अधिकारी ऐसा अपने मर्जीसे कर रहे हैं, किसी के दबाव में नहीं.बड़े-बड़े अफसर आ रहे हैं टीवी परपहले एपिसोड में घूस लेने और अपनी पावर का मिसयूज करने के मामले में तीन लोगों कोपहले एपिसोड में दिखाया गया. ये हैं - बाई इन्पाई, जो एक पूर्व पार्टी बॉस हैं,उनको उम्रकैद की सजा मिली हुई है. झाउ बेंसुन, एक पूर्व पार्टी चीफ हैं जिनके ऊपरमुकदमा चल रहा है. और ली चुंचेंग, जो एक पूर्व डिप्टी पार्टी चीफ हैं, जिनको 13 सालजेल की सजा मिली है. झाउ टेलीकास्ट हुए वीडियो में करप्शन की बात तक ही सीमित नहींरहे हैं बल्कि इस अफसर ने ये भी बताया कि पार्टी कानून के खिलाफ होने के बावजूदकैसे उन्होंने रिलीजियस आधार पर गलत काम किए. हालांकि इस 2015 की करप्शन इंडेक्स केहिसाब से चीन भारत से कम करप्शन के मामले में पीछे है. इंडिया 2015 में करप्शन कमहोने के मामले में 76वें नंबर पर था और चीन 83वें नंबर पर.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें -तो ये है चीन के अंडे का बदबूदार सच!कौन है अभिषेक वर्मा, जिस पर वरुण गांधी की सेक्स सीडी बनाने का आरोप हैइस गांव में नल हिंदुस्तान में है और पानी पड़ोसी मुल्क में गिरता हैझालर बैन से कुछ नहीं होगा, चीन की पुंगी बजानी है तो ये करोचाइनीज सामान का बायकॉट अकेले कर लो, पीएम न करेंगे