इंडियन आर्मी चीफ ने चीन को लेकर बयान दिया, टेंशन बढ़ेगी अब!
इंडियन आर्मी चीफ मनोज पांडेय बोले- 'हम भी तैयार, क्या होगा नहीं जानते'

चीन बॉर्डर पर अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है. जवाब में भारत ने भी पर्याप्त संख्या में सैनिक तैनात कर दिए हैं. इस बात की जानकारी खुद सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने दी है (Army Chief General Manoj Pandey on India China). उन्होंने बताया कि भारत की पूर्वी सीमा पर चीनी सैनिकों की तैनाती में बढ़ोतरी हुई है और भारतीय सेना उनकी आवाजाही और गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है.
12 जनवरी को प्रेस को संबोधित करते हुए जनरल पांडे ने कहा-
पूर्वी कमान के सामने दुश्मन के सैनिकों की संख्या में थोड़ी वृद्धि हुई है. लेकिन हम उपलब्ध संसाधनों के साथ उनकी आवाजाही और गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं.
उन्होंने कहा कि चीन के साथ LAC पर फिलहाल स्थिति स्थिर है लेकिन आगे क्या होगा उस बारे में कोई नहीं जानता.
उन्होंने बताया-
LAC पर तैनात भारतीय सैनिक डिफेंड करने के लिए मजबूती के साथ तैनात हैं. यथास्थिति में किसी भी एकतरफा बदलाव की कोशिश होती है तो वो उसे रोकने में भी सक्षम हैं.
जनरल पांडे ने बताया कि सेना डोकलाम में स्थिति पर और चीनी गतिविधियों पर करीब से नजर रख रही है. बॉर्डर के आसपास के इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात करते हुए जनरल पांडे बोले-
लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर में हर मौसम में कनेक्टिविटी की सुविधा है. लद्दाख में ज़ोजी ला सुरंग के साथ-साथ ज़ेड-मोड़ सुरंग भी है, जो जम्मू-कश्मीर घाटी से लद्दाख को कनेक्ट करेगी. सुरंग का काम इस साल के आखिर तक खत्म हो जाएगा. सेला सुरंग और नेचिपु सुरंग के तैयार हो जाने के बाद तवांग सेक्टर में साल भर हर मौसम में कनेक्टिविटी बनी रहेगी.
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया-
सीमा पर कई नए पुल बनाए गए हैं और कई पुराने पुल अपग्रेड भी किए गए हैं. कुल 7,450 मीटर पुल बने हैं. आगे ब्रह्मपुत्र नदी पर और पुल बनाए जाएंगे. 1,800 किलोमीटर लंबी फ्रंटियर रोड की तैयारी हो रही है जो अरुणाचल प्रदेश में अलग अलग घाटियों को जोड़ेगा. प्रोजेक्ट के लिए फंड मिल गया है. कुछ काम पहले से भी चल रहा है.
जनरल पांडे ने कहा कि पिछले कुछ सालों में पूर्वी लद्दाख में लगभग 55,000 सैनिकों के लिए आवास बनाए गए हैं. लद्दाख में बुनियादी ढांचे और आवास पर ध्यान केंद्रित करते हुए पिछले तीन सालों में कुल 1,300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
बता दें, पिछले महीने ही भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में झड़प हो गई थी. घटना के बाद से LAC पर तनाव बढ़ा हुआ है.
वीडियो: अरुणाचल प्रदेश के तवांग में झड़प के बाद चीन ने क्यों बदला विदेश मंत्री?

