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चीन में ये फेमस कार्टून देख लिया तो पुलिस पकड़ लेगी, मारेगी अलग से!

जानकर टेंशन में आ जाओगे!

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china protest actress ban
विनी द पू और एक्ट्रेस झेंग शुआंग पर चीन में प्रतिबंध लगाया जा चुका है. (फाइल फोटो)
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धीरज मिश्रा
28 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 29 नवंबर 2022, 10:34 AM IST)
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चीन की जीरो कोविड पॉलिसी के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन (China Protest) चल रहा है. ये बेहद अप्रत्याशित है कि चीन की जनता सड़कों पर उतरी है और राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की नीतियों का विरोध हो रहा है. आमतौर पर चीन में इस तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिलता है, लेकिन इस बार सैकड़ों लोगों ने इस चुप्पी को तोड़ दिया है.

इसके पीछे की प्रमुख वजह ये है कि चीन में आज भी काफी कड़ा लॉकडाउन लगा हुआ है. बड़े स्तर पर टेस्टिंग अब भी जारी है और क्वारंटीन का नियम लागू है. ऐसे नियमों के चलते चीन के लोग निराशा में डूब गए हैं और प्रतिबंधों के चलते बहुत परेशान हैं. प्रदर्शनकारियों ने शी जिनपिंग के इन नियमों को 'अतार्किक और अवैज्ञानिक' करार दिया है.

इतना ही नहीं, जो भी इस विरोध प्रदर्शन को सोशल मीडिया के जरिये प्रसारित कर रहा है, चीन में ऐसे हैंडल्स को या तो बंद किया जा रहा है या फिर प्रदर्शन वाले शहरों का नाम सर्च करने पर कोई और ही जानकारी निकलकर आ रही है.

ये पहला मौका नहीं है, जब चीनी सरकार ने इस तरह का कठोर कदम उठाया है. इससे पहले भी सरकार के कई निर्णय विवादों में रहे हैं. विशेषकर निजी स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ चीनी सरकार के फैसलों पर बड़े सवाल खड़े हुए हैं.

Winnie the Pooh को बैन किया!

विनी द पू (Winnie the Pooh) एक कार्टून कैरेक्टर है. लेकिन चीनी सरकार को इससे भी समस्या है. चीनी प्रशासन ने इसे भी बैन कर दिया था. वजह? सरकार को लगता है कि इस कैरेक्टर का इस्तेमाल शी जिनपिंग का माखौल उड़ाने के लिए किया जाता है.

ये कार्टून कैरेक्ट बहुत चर्चित है. लेकिन चीनी प्रशासन को मजाक पसंद नहीं आया. द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2008 में सरकार ने इसे बैन कर दिया था. सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई फोटो वायरल हुए थे, जिसमें एक तरफ Winnie the Pooh और दूसरी तरफ शी जिनपिंग को एक जैसे भाव व्यक्त करते हुए दिखाया गया है.

आसान भाषा में कहें तो जिनपिंग को शहद खाने वाले भालू की तरह दिखाकर मज़ाक उड़ाया जाता है.

सेलिब्रिटीज को भी बैन किया था!

चीन ने हाल ही में ऐसे सभी सेलिब्रिटीज पर विज्ञापन करने से प्रतिबंध लगा दिया था, जिनकी 'नैतिकता मर चुकी' है. चीनी प्रशासन ने कहा था कि उनका ये फैसला समाज को 'समाजिक मूल्यों' के अनुरूप तैयार करने के लिए लिया गया है.

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी नियामकों द्वारा जारी आदेश के मुताबिक चीनी हस्तियों को ई-सिगरेट और बेबी फॉर्मूला समेत स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय वस्तुओं का सार्वजनिक रूप से समर्थन या विज्ञापन करने से रोक दिया गया है.

नियामकों ने कहा कि 'समाजवाद पर शी जिंनपिंग के विचारों' के अनुरूप चीन के समाज को तैयार करने के लिए ये कदम उठाया गया है. इन नियमों में कहा गया है कि अगर कोई सेलिब्रिटी विज्ञापन करता है, तो उसमें 'समाजवाद के सिद्धांतो और नैतिक मूल्यों' का पालन होना चाहिए.

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर भी जिनपिंग का पहरा

शी जिनपिंग के सत्तावादी शासन में चीनी सरकार ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और सेलिब्रिटी लोकप्रियता पर काफी नियंत्रण किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2021 में प्रशासन ने कुछ रियलिटी टीवी टैलेंट शो को बैन कर दिया था. इसके साथ ही ब्रॉडकास्टर्स को आदेश दिया गया कि वे अपमानजनक रूप से 'sissy men' जैसे शब्दों का प्रयोग न करें.

इसी दौरान बीजिंग की एक मनोरंजन संगोष्ठी, जिसका थीम था 'Love the party, love the country, advocate morality and art' यानी कि पार्टी से प्यार करो, देश से प्यार करो, नैतिकता और कला की वकालत करो, को कहा गया कि वे 'नैतिकता' के साथ काम करें.

साल 2021 में एक्टर झेंग शुआंग पर टैक्स चोरी के आरोप में लगभग 46 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया था और एंटरटेनमेंट कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित किए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. लगभग उसी समय, फेंडी ब्रांड एंबेसडर झाओ वेई ने प्रमुख एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म्स से अपना नाम हटा लिया. उन्होंने कभी इसका कोई कारण नहीं बताया.

इसी तरह पिछले साल एक स्टैंडअप कॉमेडियन ली डैन पर महिलाओं के अंडरवियर के एक विज्ञापन के लिए 134,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया था. प्रशासन का कहना था कि ये महिलाओं के लिए अपमानजनक है.

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