''जैसे हर एक बात पर डेमोक्रेसी में लगने लग गए बैन''ऐसा पीयूष मिश्रा लिख गए. इंडिया में भी बीते दिनों 'बैन' का हल्ला रहा. लेकिन चीनमें तो हद ही हो गई भाई साब. चीन की 'कम्युनिस्ट' सरकार ने 3.7 करोड़ लोगों के सोशलमीडिया अकाउंट्स डिलीट कर दिए हैं. वजह? वे एक सेलेब्रिटी ब्लॉगर को फॉलो करते थे,जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मीडिया पॉलिसी को लिख-लिखकर हौंके हुए था.ब्लॉगर का नाम है रेन झिकियांग, जो चीन के मशहूर प्रॉपर्टी टायकून भी हैं. उनके औरउनके फॉलोअर्स के सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा दिए गए हैं और उन्हें सजा दिलवाने कीतैयारी हो रही है. यह किसी सरकार की ओर से अपने विरोधी (विरोधियों) को चुप कराने कासबसे ताजा और सबसे अजीब उदाहरण है. दरअसल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछलेहफ्ते एक हाइप्रोफाइल दौरा किया था. वह सबसे ताकतवर सरकारी मीडिया संस्थानों में गएथे और पत्रकारों से अपील की थी कि वह सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC)की विचारधारा के साथ चलें और इसकी अथॉरिटी की रक्षा करें. रेन झिकियांग ने इसकाविरोध करते हुए लिखा था कि मीडिया को पार्टी का नहीं, लोगों का हित देखना चाहिए.रेन झिकियांगरेन खुद भी CPC के मेंबर हैं, लेकिन सरकार को गरियाते रहे हैं. उन्होंने जिनपिंग कीसख्त शब्दों में आलोचना करते हुए लिखा, 'वह मीडिया जो लोगों के हित की बात न करताहो, जनता उसका साथ छोड़ देगी.' उन्होंने लिखा कि मीडिया को उन लोगों की सेवा करनीचाहिए जो टैक्स देते हैं.इस पर सरकार की ओर से तुरंत और तीखा रिएक्शन आया. चीन में फेसबुक-ट्विटर नहीं चलताहै. ट्विटर के जैसी सोशल साइट है Weibo. यहां रेन के 3.7 करोड़ फॉलोअर थे. चीन केसाइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने उनका Weibo अकाउंट बंद कर दिया. वजह बताई गई कि वेलगातार गैरकानूनी जानकारी छाप रहे थे, जिसका बुरा असर हो रहा था.अब CPC भी उन्हें पार्टी के अनुशासन नियमों को तोड़ने के लिए सजा देने की तैयारीमें है. उनका कहना है कि रेन ने पार्टी की छवि खराब की है. साइबरस्पेसऐडमिनिस्ट्रेशन ने जबरदस्त फॉलोइंग वाले ब्लॉगर्स से अपील की है कि वे अपने प्रभावका सही तरीके से इस्तेमाल करें, कानून का पालन करें, सामाजिक जिम्मेदारियां निभाएंऔर 'पॉजिटिव एनर्जी' फैलाएं.