बिना वीसी के कहे यूनिवर्सिटी में नहीं जा सकती पुलिस, जांच किसकी करेंगे कमिश्नर
बीएचयू में हुए लाठीचार्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं जांच के आदेश.
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फोटो - thelallantop
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बीएचयू में प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर 23 सितंबर की रात हुए लाठीचार्ज और 24 सितंबर की दोपहर में हुए लाठीचार्ज के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने 24 सितंबर को लाठीचार्ज के बाद जांच का आदेश दिया है. वाराणसी मंडल के कमिश्नर को जांच का आदेश देते हुए सीएम योगी ने लखनऊ में कहा कि अगर लाठीचार्ज में पुलिसवाले दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

23 सितंबर की रात में लड़कियों पर लाठीचार्ज हुआ था, जिसमें कई लड़कियों को गंभीर चोटें आईं.
लेकिन इस आदेश में एक पेच है. BHU सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. इसकी पूरी देखभाल केंद्र सरकार करती है. कोई भी फैसला लेने का अधिकार सिर्फ वाइस चांसलर के पास है. पुलिसवालों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में पुलिस तभी जा सकती है, जब वीसी इसके लिए आदेश दें. 23 सितंबर की रात जो हुआ, उसमें भी वीसी का आदेश शामिल था. ऐसे में किसी पुलिसवाले पर कार्रवाई करना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसका आदेश वीसी की ओर से जारी हुआ था.
हॉस्टल छोड़ने के आदेश के बाद लड़कियां अपना सामान उठाकर घर जा रही हैं.
कुछ ही घंटों के भीतर दो बार हुए लाठीचार्ज से BHU की लड़कियों में दहशत का माहौल है. त्रिवेणी हॉस्टल की एक लड़की ने बताया कि हॉस्टल में करीब 1200 लड़कियां हैं, लेकिन बमुश्किल 50 लड़कियां ही हॉस्टल में बची हैं. बाकी बची हुई लड़कियां अपने-अपने घर चली गईं हैं. वहीं NBT के मुताबिक वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा है कि किसी को हॉस्टल खाली करने को नहीं कहा गया है. दशहरा की वजह से यूनिवर्सिटी में छुट्टियां की गई हैं. वहीं त्रिवेणी की एक लड़की ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हॉस्टल की वॉर्डन ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें हर हाल में हॉस्टल खाली करना होगा. इन लड़कियों को हॉस्टल में बंद कर दिया गया है. इन लड़कियों के हॉस्टल से बाहर निकलने की शर्त रखी गई है. जब तक वो अपने सामान के साथ बाहर नहीं आएंगी, हॉस्टल के दरवाजे बंद ही रहेंगे.
बिड़ला हॉस्टल के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
24 सितंबर की दोपहर में 100-150 छात्र बिड़ला हॉस्टल चौराहे पर इकट्ठा थे. वो लड़कियों के समर्थन में आवाज बुलंद करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस और पीएसी के जवान चौराहे पर पहुंचे. पुलिस ने वहां से कुछ लड़कों को गिरफ्तार कर लिया.
इस वीडियो में भी देखें BHU में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने स्कूल-कॉलेज बंद करने का दिया आदेश.
बीएचयू में लड़कियों से छेड़खानी के विरोध में शुरु हुआ आंदोलन काशी विद्यापीठ तक भी पहुंच गया. वहां के छात्रों ने भी बीएचयू की लड़कियों के समर्थन में जुलुस निकाला. इसे देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया. डीएम योगेश्वर राम मिश्र की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अगले आदेश तक जिले के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे जाएंगे.
बीएचयू की लड़कियों के समर्थन में बनारस से बाहर के छात्र भी उतर आए हैं. 24 सितंबर की दोपहर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की लड़कियों ने भी शांति मार्च निकाला और BHU में लड़कियों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया.
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23 सितंबर की रात में लड़कियों पर लाठीचार्ज हुआ था, जिसमें कई लड़कियों को गंभीर चोटें आईं.
लेकिन इस आदेश में एक पेच है. BHU सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. इसकी पूरी देखभाल केंद्र सरकार करती है. कोई भी फैसला लेने का अधिकार सिर्फ वाइस चांसलर के पास है. पुलिसवालों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में पुलिस तभी जा सकती है, जब वीसी इसके लिए आदेश दें. 23 सितंबर की रात जो हुआ, उसमें भी वीसी का आदेश शामिल था. ऐसे में किसी पुलिसवाले पर कार्रवाई करना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसका आदेश वीसी की ओर से जारी हुआ था.
डरी हुई हैं लड़कियां, हॉस्टल छोड़कर जाने लगी हैं

हॉस्टल छोड़ने के आदेश के बाद लड़कियां अपना सामान उठाकर घर जा रही हैं.
कुछ ही घंटों के भीतर दो बार हुए लाठीचार्ज से BHU की लड़कियों में दहशत का माहौल है. त्रिवेणी हॉस्टल की एक लड़की ने बताया कि हॉस्टल में करीब 1200 लड़कियां हैं, लेकिन बमुश्किल 50 लड़कियां ही हॉस्टल में बची हैं. बाकी बची हुई लड़कियां अपने-अपने घर चली गईं हैं. वहीं NBT के मुताबिक वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा है कि किसी को हॉस्टल खाली करने को नहीं कहा गया है. दशहरा की वजह से यूनिवर्सिटी में छुट्टियां की गई हैं. वहीं त्रिवेणी की एक लड़की ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हॉस्टल की वॉर्डन ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें हर हाल में हॉस्टल खाली करना होगा. इन लड़कियों को हॉस्टल में बंद कर दिया गया है. इन लड़कियों के हॉस्टल से बाहर निकलने की शर्त रखी गई है. जब तक वो अपने सामान के साथ बाहर नहीं आएंगी, हॉस्टल के दरवाजे बंद ही रहेंगे.
Girls are leaving. Some say they're going to stay at a friend's place, others have called family#BHU_लाठीचार्ज
— Aishwarya S Iyer (@iyersaishwarya) September 24, 2017
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@TheQuint
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छात्रों को उठा ले गई पुलिस

बिड़ला हॉस्टल के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
24 सितंबर की दोपहर में 100-150 छात्र बिड़ला हॉस्टल चौराहे पर इकट्ठा थे. वो लड़कियों के समर्थन में आवाज बुलंद करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस और पीएसी के जवान चौराहे पर पहुंचे. पुलिस ने वहां से कुछ लड़कों को गिरफ्तार कर लिया.
बनारस पहुंचे राज बब्बर
कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर भी 24 सितंबर की शाम बनारस पहुंच गए. वो वहां पर छात्रों के धरने को समर्थन देने के लिए पहुंचे हैं. बीएचयू के फाइन आर्ट्स के एक छात्र ने बताया कि पुलिस ने छात्रों के आंदोलन को कुचलने की पूरी तैयारी कर रखी है. पूरे बीएचयू को एसएसपी की अगुवाई में पुलिस ने घेर रखा है. लड़का हो या लड़की, किसी को भी हॉस्टल से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है. ऐसे में वो अपना विरोध प्रदर्शन भी नहीं कर पाएंगे.आम लोग भी जुटने लगे बीएचयू
जब बनारस शहर के लोगों को पता लगा कि बीएचयू के छात्रों पर इतनी बंदिशें लगी हैं कि वो हॉस्टल से बाहर नहीं निकल सकते, तो वो लोग खुद विरोध प्रदर्शन करने आ गए. आम लोगों ने रविदास गेट से लेकर लंका तक विरोध प्रदर्शन कर बीएचयू में हुए लाठीचार्ज की निंदा की.इस वीडियो में भी देखें BHU में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन
बनारस के सभी स्कूलों में कर दी गई छुट्टी

डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने स्कूल-कॉलेज बंद करने का दिया आदेश.
बीएचयू में लड़कियों से छेड़खानी के विरोध में शुरु हुआ आंदोलन काशी विद्यापीठ तक भी पहुंच गया. वहां के छात्रों ने भी बीएचयू की लड़कियों के समर्थन में जुलुस निकाला. इसे देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया. डीएम योगेश्वर राम मिश्र की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अगले आदेश तक जिले के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे जाएंगे.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी हुआ विरोध प्रदर्शन

बीएचयू की लड़कियों के समर्थन में बनारस से बाहर के छात्र भी उतर आए हैं. 24 सितंबर की दोपहर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की लड़कियों ने भी शांति मार्च निकाला और BHU में लड़कियों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया.
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