छत्तीसगढ़: नक्सलियों ने जिस ASI को किडनैप किया है, उसकी पत्नी नवजात बच्चे को लेकर भटक रही है
पत्नी गुहार लगा रही है कि उसके पति को छोड़ दिया जाए.
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ASI मुरली ताती और उनकी पत्नी मैनू ताती. फोटो साभार- आजतक/ बस्तर टॉकीज
बुधवार 21 अप्रैल को छत्तीसगढ़ से एक खबर आई कि यहां जिला पुलिस बल के एक ASI को नक्सलियों ने किडनैप कर लिया. उन्होंने इस अपहरण को क्यों अंजाम दिया है, इसकी वजह अभी तक साफ नहीं है. केवल ये जानकारी सामने आई है कि ASI मुरली ताती पहले खुद एक नक्सली थे. इस बीच, उनकी पत्नी का वीडियो सामने आया है, जो अपने पति की तलाश में भटक रही है. उसके साथ उसका दुधमुहां बच्चा भी है. वीडियो में पत्नी गुहार लगा रही है कि उसके पति को छोड़ दिया जाए. वो माओवादियों से विनती कर रही है कि वे उसके पति को रिहा कर दें. लेकिन अभी तक माओवादियों की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले माओवादियों ने एक CRPF जवान राकेश्वर सिंह को अपहरण करने के कुछ दिन बाद छोड़ दिया था.
क्या कह रही है ASI की पत्नी?
ये वीडियो बीजापुर के स्थानीय पत्रकार और 'बस्तर टॉकीज' के फाउंडर रानू तिवारी ने शेयर किया है. इसमें ASI की पत्नी मैनू ताती अपने नवजात बच्चे के साथ दिख रही हैं. वो कहती हैं,
https://twitter.com/bastartalkies/status/1385232521986670596?s=24
क्या है ये पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ में एक जगह है, बीजापुर. यहीं के गंगालूर इलाके के पालनार से नक्सलियों ने ASI मुरली ताती को किडनैप कर लिया है. ये इलाका माओवादी गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े एस करीमुद्दीन ने लल्लनटॉप को बताया था कि ASI मुरली ताती का अपहरण हुआ है. करीमुद्दीन के मुताबिक, ASI बनने से पहले मुरली ताती खुद एक नक्सली थे. बाद में उन्होंने सरेंडर कर दिया था और पुलिस में भर्ती हुए थे. इसके बाद उनका ASI पद पर प्रमोशन भी किया गया था. बीजापुर के पालनार में ही ASI मुरली का घर है.
मुरली ताती पिछले डेढ़ महीने से छुट्टी लेकर अपने गृह जनपद बीजापुर के गंगालूर में रहने आए हुए थे. वो अपने घर के पास पालनार इलाके में ही थे जहां से माओवादियों ने उनका अपहरण किया. इसकी जानकारी मिलने के बाद बीजापुर के SP कमललोचन कश्यप ने कहा था कि ASI के अपहरण की खबरें मिली हैं और पुलिस की टीमों को उनकी तलाश में लगा दिया गया है.
यहां ये भी बताते चलें कि बीजापुर वही इलाका है, जहां बीती 3 अप्रैल को नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षा बलों की एक बहुत बड़ी टुकड़ी पर हमला किया था. इस हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे. हालांकि, सुरक्षाबलों ने भी कई नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया था. हमले के दौरान नक्सलियों ने CRPF जवान राकेश्वर सिंह को कैद कर लिया था. बाद में 8 अप्रैल को उन्हें छोड़ दिया गया.

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