'दारू दर्द दूर करे, मजबूत करे,' आबकारी मंत्री ने ऐसी बातें कहीं हर शराबी गले लगा लेगा
शराबबंदी पर इन आबकारी मंत्री का बयान सुन बिहार के सीएम नीतीश कुमार बुरा ना मान जाएं.
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सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा का एक बयान वायरल है. कवासी लखमा राज्य के आबकारी मंत्री हैं. उनका बयान भी शराब और शराबबंदी पर ही है. बयान भी ऐसा जिसे सुनकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार बुरा ना मान जाएं. कवासी लखमा ने कहा है कि उनके जीते जी बस्तर में शराबबंदी नहीं होगी. मंत्री का कहना है कि शराब मेहनत का काम करने वालों की जरूरत है. उनके मुताबिक आदमी दारू पीने से नहीं, बल्कि ज्यादा दारू पीने से मरता है.
कवासी लखमा ने ये भी कहा कि लोग शराब पीने का स्टाइल नहीं जानते. उनके इस बयान पर BJP के एक विधायक ने लखमा पर निशाना साधा. विधायक ने कहा कि मंत्री बताएं कि सार्वजनिक रूप से शराब कैसे पीनी चाहिए.
'दारू पीने का स्टाइल नहीं जानते लोग'बस्तर में मीडिया से बात करते हुए कवासी लखमा ने कहा,
लखमा ने कहा कि खेती करने वाले, भारी भरकम सामान उठाने वाले मजदूर काम करने के लिए दारू पीते हैं. उन्होंने कहा कि मेहनतकश लोग दारू नहीं पीएंगे तो उनका काम नहीं हो पाएगा. मंत्री का कहना है,
'बस्तर में शराबबंदी के नियम अलग होंगे'न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक कवासी लखमा ने शराब को आदिवासी लोगों की जरूरत बताया. उन्होंने ये भी कहा कि कम मात्रा में शराब पीना सेहत के लिए हानिकारक नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक लखमा ने इससे पहले कहा था कि आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र में शराबबंदी के नियम पूरे राज्य से अलग होंगे और इस संबंध में फैसला वहां की पंचायत करेगी.
उन्होंने कहा था,
BJP विधायक ने कसा तंजकवासी लखमा के बयान पर कुरूद से BJP विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसा है. उन्होंने ट्वीट किया,
छत्तीसगढ़ में शराबबंदी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है क्योंकि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में शराबबंदी की बात कही थी. विपक्ष का सवाल है कि कांग्रेस ने अपना वादा अब तक क्यों पूरा नहीं किया. वहीं हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि बिना समाज के सहयोग के शराबबंदी संभव नहीं है. इसके लिए अभियान चलाने की जरूरत है.
वीडियो: WHO ने शराब को लेकर क्या बड़ा खुलासा कर दिया?

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