इंडिया-साउथ अफ्रीका के बीच आखिरी टेस्ट के पहले दिन ही अंदाजा हो गया है कि ये मैच3 दिन में ही खत्म हो जाए तो हैरानी नहीं होगी. पहले दिन 11 विकेट गिरे. 10 इंडियाके और एक अफ्रीका का. मगर चर्चा में चेतेश्वर पुजारा ही रहे. पहला रन लेने के लिए54 गेंदें ली पुजारा ने. फिर क्या था, सोशल मीडिया और तमाम चर्चाओं में इस पर खूबमजे लिए जा रहे हैं. मगर असल में ये मजाक वाली बात है ही नहीं. चेतेश्वर पुजारा नेजो किया उसकी साउथ अफ्रीका की इन पिचों पर पिछले दो टेस्ट में भी जरूरत थी. पुजारासे राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के स्टाइल में क्रीज पर टिकने की उम्मीद रहतीहै. पिछले दो टेस्ट में पुजारा ये नहीं कर पाए थे. मगर यहां क्रीज पर समय बिताना हीएकलौता तरीका था. अपनी 50 रनों की पारी में इस बल्लेबाज ने 179 गेंदें खेलीं और4.35 घंटे क्रीज पर बिताए. अपनी इस पारी पर पुजारा ने कहा- "ये मेरी लाइफ की सबसेमुश्किल पिचों में से एक है. हमारा यहां 187 का स्कोर, दूसरी जगहों के 300 के बराबरहै." पिच कितनी घातक है इसका अंदाजा पुजारा की खेली इन 53 गेंदों से लग जाता है.वीडियो में देखिए ये सारी गेंदें:All the 53 deliveries took to score a run for Cheteswar pujara #Chesistance😛✌️#Pujara #SAvIND #FreedomSeries #INDvSA #CheteshwarPujara 3rd Test #Wandererspic.twitter.com/GhTjLKL9Dy— Shaban Azad (@md_shabanazad) January 25, 2018 अब पुजारा के इस 54 गेंदों वालेरिकॉर्ड की खूब चर्चा होने लगी तो और भी रिकॉर्ड सामने आए: # अभी टीम इंडिया के कोचरवि शास्त्री जो ड्रेसिंग रूम से पुजारा की इस पारी को देख रहे थे, खुद साल 1992-93में इसी मैदान पर खेलते हुए बिना कोई रन लिए 68 गेंद खेल गए थे. फर्क इतना है किशास्त्री उस वक्त 9 रन पर खेल रहे थे और 10वां रन लेने के लिए 68 गेंदें खेली थीं.# अपना खाता खोलने के लिए पुजारा से ज्यादा गेंदें लेने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड केजिओफ एलॉट के नाम है. 1999 में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 77 गेंदें खेलने के बाद भीये बल्लेबाज अपना खाता नहीं खोल पाया था. फिर 2013 में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉडने 66 बॉल खेलने के बाद पहला रन लिया था. # वैसे एक इंडियन भी इस मामले में पुजारासे आगे है. 1994 में राजेश चौहान ने अहमदाबाद में श्रीलंका के खिलाफ अपना रन लेनेमें 57 गेंदें ली थीं.--------------------------------------------------------------------------------Also Read:मम्मी-पापा पहली बार जोहान्सबर्ग आए थे, कोहली का विकेट लेकर उन्हें खुश कियारहाने आउट हुए, नो बॉल ने बचाया लेकिन फिर भी कुछ नहीं कर पाएपुजारा हमें टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम ले जा रहे हैं, चलेंगे?