'लाख की कीमत तुम क्या जानो सरकारी बाबू, ये एक पेड़ भी हो सकता है'
नेचर और पइसों के रक्षक ध्यान दें, पलीज.
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मेरे पिताजी अक्सर ये कहते हैं कि सारे कर्मचारी भ्रष्ट हैं. खाकी वर्दी वालों पर भी बेईमानी के आरोप लगते ही रहते हैं. पूरा का पूरा सिस्टम ही बर्बाद कर रखा है इस 'क' और 'खा' ने मिलकर. कभी-कभी उनकी बात सही भी लगती है. जैसे इसी खबर को देख लीजिए. छत्तीसगढ़ के मैनपुर इलाके में 36 साल पहले एक बांध बनना था. पर आज तक नहीं बना. जानते हैं क्यों? क्योंकि उस वक्त जिस अधिकारी को बांध का प्रोजेक्ट मिला हुआ था, उसे केवल एक शब्द समझ नहीं आया था. वो शब्द क्या था लाख.
दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, आज से 36 साल पहले मैनपुर इलाके में सलफ नाम से एक बांध बनने वाला था. लेकिन वो आजतक नहीं बना. इसका जिम्मेदार सरकारी दफ्तरों में बैठे ऑफिसर हैं. तो हुआ ये कि बांध का काम जिस सरकारी बाबू के पास था, वो इलाके का मुआयना करने के लिए वहां गए. पहले तो नाक पर टंगे चश्मे से खुद ही देखा होगा. उसके बाद गांव वालों से पूछा कि इसके डूबान इलाके में क्या-क्या आता है. गांव के लोगों ने बताया कि साब इस इलाके में तो बस 'लाख' के 13-14 पेड़ ही आते हैं, जो बहुत कीमती हैं.
लाख सुनते ही सरकारी बाबू को लगा कि बांध बनाने के चक्कर में लाखों पेड़ काटने पड़ जाएंगे. लिहाजा उन्होंने बांध का काम रोक दिया. ये कहकर कि इससे पर्यावरण को बहुते नुकसान हो जाएगा. गांववालों का कहने का मतलब था कि लाख (एक तरह का पेड़ होता है) के 13-14 पेड़ हैं. इसे कोसुम का पेड़ भी कहते हैं. पर उस ऑफिसर को समझ आया कि 13-14 लाख पेड़ की कीमत है.
ऑफिसर की एक नासमझी के चलते उस बांध का काम ऐसे ही लटका है. अगर वो बांध बन जाता तो आज उस गांव की इमेज ही कुछ और होती. बांध के बनने से आसपास के खेतों को पानी मिल जाता. अच्छी फसल हो जाती. सलफ बांध के लिए वहां के लोगों ने काफी मशक्कत की है. धरना देने से लेकर चक्काजाम. साथ ही मुख्यमंत्री से भी मिल आए पर कोई फायदा नहीं हुआ.
गांव के बूढ़े बताते हैं कि 1980 में इलाके के लोगों की डिमांड पर सलफ बांध बनने का काम शुरू हुआ था. मैनपुर से 4 किलोमीटर दूर फूलझर के ऊपर से दो पहाड़ियों को जोड़कर ये बांध बनने वाला था. 3 साल तक काम हुआ, उसके बाद ये मसला ठंडे बस्ते में चला गया.
इलाके में रहने वाले किसान हेमसिंह का कहना है कि मैनपुर में सिंचाई का कोई जरिया नहीं है. ये बांध बन जाए तो सब आसान हो जाएगा.

