भारत माता की जय बाद में बोलिएगा. पहले हम लोगों की हिफाजत में तैनात रहने वाले एकजवान की मौत के बाद की कहानी जान लीजिए. उस दुनिया की नहीं, इसी दुनिया की. जिसमेंहम और हमारे नेता देश के जवानों को सम्मान देने की बात करते हैं. छत्तीसगढ़ केबीजापुर में तैनात सीआरपीएफ जवान अनिल अचकुंजु की 24 मार्च को पानी के टैंक मेंगिरने से मौत हो गई थी. अनिल के शव को प्लास्टिक शीट में लपेटकर उनके होमटाउन केरलभेजा गया. बताते हैं कि अनिल का शव जब घर पहुंचा तब वो सड़ चुका था. द टाइम्स ऑफइंडिया की खबर के मुताबिक, अनिल के घरवालों ने जब ताबूत को खोला, तो उसमें अनिल काशव बिना कपड़ों के पड़ा हुआ था. शव काफी हद तक सड़ चुका था. ताबूत में कुछ नैपथेलीनकी टैबलेट पड़ी हुई थीं, पर ये नाकाफी थीं. बता दें कि नैपथलीन की दवा डालने से शवको सड़ने से बचाया जाता है. होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा, मामले की जांच करवाईजाएगी. शव को खराब हालत में देखकर अनिल की फैमिली ने शव लेने से इंकार किया. औरजमकर विरोध प्रदर्शन किया. कहा- देश की सुरक्षा में खराब कंडीशन में भी तैनातजवानों के साथ ये डिसरेस्पकट दुखद है. लोगों के प्रोटेस्ट के बाद पुलिस ने शव लेकरदोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.