इस प्रिंस को है कार, शिकार और बेकार का शौक
प्रिंस का नाम है तुर्की बिन अब्दुल्ला. बहुब्बड़े आदमी हैं. शौक बहुत ऊंचे पालते हैं.
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फोटो - thelallantop
मिडिल क्लास आदमी का सपना क्या होता है? ढेर सारा पइसा. महंगी लक्जरी गाड़ियां. महंगे देशों के महंगे टूर और महंगे होटलों में ऐश करना. और ज्यादा पैसा होगा तो आदमी बिजनेस या अय्याशी में लगाएगा. और क्या करेगा ये इकॉनमिक्स के एक्सपर्ट बताएंगे. लेकिन रुपया, माल असबाब बहुत हो, काम कोई न हो तो भी दिक्कत है.तुर्की बन अब्दुल्ला अरब की रॉयल फैमिली के रिश्तेदार हैं. प्रिंस कहलाते हैं. बाप दादों के पास अकूत दौलत है. तेल से की हुई कमाई. तो प्रिंस साहब बहुब्बड़े आदमी हैं. इन दिनों यूरोप के टूर पर हैं. जिधर से निकलते हैं, गोल्डेन कारों का जत्था पीछे पीछे चलता है. कारों का इतना शौक है कि अल्लाह जाने खाते पीते सोते भी कार में ही हों. उनका हर शौक हम लाइन से बताएंगें. बस दिल थाम के पढ़ना. औ बुक्का फाड़ के हंसना नहीं.
कार का शौक
कारों ने गालिब नकारा कर दिया, आदमी वैसे भी कुछ काम के नहीं थे. पता है शेर अच्छा नहीं था. लेकिन बाबू साहेब के कारों का शौक बहुत अच्छा है. कार कलेक्शन भी अच्छा है. बेंटले, रॉल्स रायस, मर्सिडीज, लैंबोर्गिनी. कोई भी महंगी गाड़ी का नाम ले लो. और सुनो. सिर्फ कार ही नहीं, उनका कलर भी महंगा वाला. गोल्डेन कलर की हर कार. नंबर भी VIP चाहिए.
शिकार का शौक
शिकारी हैं तो साहब लेकिन बहुत खास नहीं. अब खबर में टीप टाप के छापना हो तो हम भी उनको नंबर वन बता दें. लेकिन लीचड़ टाइप लगे भाई हमको. गाड़ी की सीट पर चीता बांध रखा था. और सुनो. रेगिस्तान में दउड़ा रहे ऊंट. वो भी महंगी गोल्डेन रंग की कार से. सच्ची बताएं उस कार के लिए हमको बहुत बुरा लगा. कम से कम सोने का कटोरा मिल जाए तो आदमी को उसमें भीख नहीं मांगनी चाहिए.
बेकार का शौक
बेकार का नहीं है. अगर लिमिट में रहे. लेकिन जब आदमी एकदम खाली हो तो क्या करे. इंटरनेट मदद करता है उसकी. फेसबुक, भटसप या इंस्टा पर एकाउंट बना लो. टाइमनास की इससे बेहतर मशीने कभी न बनीं मालिक. अच्छा चलो तुम टाइमपास कह लो. तो प्रिंस को शौक है अपने हर एडवेंचर को इंस्टाग्राम पर शेयर करने का. फोटो और वीडियो की शक्ल में. इंस्टा एकाउंट बड़ा रिच है भाई साहब. उसमें दोस्त, कारें और कार रेसिंग सब समा जाती हैं.

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