चंडीगढ़ से कोर्ट मैरिज के लिए अलीगढ़ आए मुस्लिम युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया
दूसरे धर्म की लड़की से शादी करने आया था.
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पुलिस ने मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह लड़की को चंडीगढ़ से भगाकर अलीगढ़ कोर्ट मैरिज के लिए लाया था. (फोटो- ANI)
उत्तर प्रदेश में में नए धर्मांतरण विरोधी कानून जिसे कथित 'लव जिहाद' रोकने का कानून कहा जा रहा है. इस कानून के तहत इंटरफेथ मैरिज यानी दो धर्म के लोगों के बीच होने वाले विवाह पर कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं. ये ख़बर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से है. एक मुस्लिम शख़्स चंडीगढ़ से एक दूसरे धर्म की लड़की को अलीगढ़ में शादी करने के लिए लाया था. कोर्ट में शादी करने आए शख़्स को पुलिस ने कोर्ट परिसर से ही गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस अधिकारी महिला को भी अपने साथ ले गए.
क्या है मामले में ताजा अपडेट
न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक़, जब लड़का दूसरे धर्म की लड़की के साथ शादी करने कोर्ट परिसर पहुंचा तो उसके साथ मारपीट की गई. पूरे मामले में लड़की का कहना है-
मीडिया से बात करते हुए लड़की ने बताया-
जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस आरोपी लड़के और लड़की को अलीगढ़ से लेकर चंडीगढ़ चली गई है.
इससे पहले टाइम्स ऑफ इंडिया की पत्रकार अनुजा जायसवाल ने एक वीडियो ट्वीट किया था. वीडियो में दो पुलिस वाले लड़की को पकड़े हुए हैं.
लड़की चीखते हुए कह रही है-
मामले ने तब तूल पकड़ा जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. कोर्ट पहुंचे व्यक्ति को पुलिस खींचकर ले जा रही थी. आसपास लोगों की काफ़ी भीड़ इकट्ठा हो गई थी. वह पुलिस की कार्रवाई के ख़िलाफ़ बोल रहा था.
अलीगढ़ पुलिस कहना है कि चंडीगढ़ की रहने वाली लड़की को सोनू मलिक भागकर लाया. चंडीगढ़ में लड़के के ख़िलाफ़ FIR दर्ज़ है.
पुलिस का कहना है कि सोनू मालिक पर चंडीगढ़ में दर्ज़ मामले में कार्रवाई करते चंडीगढ़ पुलिस अलीगढ़ आ चुकी है. गिरफ़्तार आरोपी को चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दिया जाएगा.
उत्तर प्रदेश में नया धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इससे जुड़े अध्यादेश Prohibition of Unlawful Religious Conversion Ordinance, 2020 को मंजूरी दे दी थी.
कानून में क्या है?
उत्तर प्रदेश के नए कानून के तहत झूठ, जबरन, प्रभाव दिखाकर, धमकाकर, लालच देकर, शादी के नाम पर या धोखे से किया या कराया गया धर्म परिवर्तन अपराध की श्रेणी में आएगा. धर्म परिवर्तन कराने या करने के मामलों में अगर एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन नहीं किया गया तो इसका सबूत देने की जिम्मेदारी आरोपी शख्स की होगी.
अगर कोई केवल शादी के लिए लड़की का धर्म परिवर्तन करता है या कराता है तो उस शादी को शून्य माना जाएगा. मतलब ऐसी शादी कानून की नज़र में अवैध होगी. कानून के मुताबिक, इसका उल्लंघन करने पर कम से कम एक साल और अधिकतम 5 साल की सज़ा का प्रावधान है. साथ ही 15 हज़ार रुपए तक का जुर्माना भी है. नाबालिग या SC/ST महिला का धर्म परिवर्तन कराने पर दो से दस साल तक की जेल और 25,000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है.

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