ईरान युद्ध: भारत के लिए अहम चाबहार ट्रेड जोन में अमेरिका ने ताबड़तोड़ गिराए बम
अमेरिका ने ईरान के चाबहार ट्रेड जोन को निशाना बनाया है. अभी इस हमले में किसी के मारे जाने की खबर नहीं आई है. लेकिन चाबहार के आसपास विस्फोट की आवाजें सुनी गई हैं. इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को चाबहार पर ड्रोन और मिसाइल बरसाए थे.

अमेरिका ने फिर से ईरान के चाबहार फ्री ट्रेड जोन पर बड़ा हमला किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने ट्रेड जोन में बने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. अमेरिकी हमलों के दौरान भीषण विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं.
अल-जजीरा ने वॉयस ऑफ अमेरिका के हवाले से अमेरिकी हमले की खबर दी है. इस हमले में कितना नुकसान पहुंचा है अभी इसके बारे में कोई खबर सामने नहीं आई है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चाबहार फ्री ट्रेड जोन ईरान के साउथ ईस्ट सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान बॉर्डर के पास स्थित है. विदेशी निवेश लाने और भीड़भाड़ वाले ट्रेड जोन्स से बचने के लिए ईरान ने साल 1992 में चाबहार फ्री ट्रेड जोन की स्थापना की.
यह ट्रेड जोन ईरान के लिए एक जरूरी इंडस्ट्रियल सेंटर है. साथ ही कई देशों के लिए आने जाने का रास्ता भी. चाबहार ईरान का एकमात्र समुद्री बंदरगाह भी है जिसकी सीधी पहुंच हिंद महासागर तक है. उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे मिडिल ईस्ट के देशों के लिए यह गेटवे टू एशिया और अफगानिस्तान है.
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया था. इस हमले के दौरान भी चाबहार में ईरानी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल बरसे थे. इस हमले में पूरे ईरान में मौजूद सैनिक ठिकानों को टारगेट किया गया था. इसी हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने चाबहार ट्रेड जोन को निशाना बनाया. इससे पहले ईरान ने दुबई अतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक फ्यूल टैंक पर ड्रोन अटैक किया. हमले के चलते टैंक में भीषण आग लग गई. इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर उड़ान सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं.
दुबई के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए तुरंत सिविल डिफेंस टीम को तैनात किया गया. उन्होने आगे बताया कि दो घंटे में आग पर काबू पा लिया गया. दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक पर हुई इस घटना में अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
चाबहार ट्रेड जोन का भारत के लिए क्यों अहम?
चाबहार ट्रेड जोन में स्थित चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट के देशों तक पहुंचने के लिए भारत का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है. यह पाकिस्तान से होकर जाने वाले रास्तों की जगह भारत को एक वैकल्पिक और सीधा रास्ता मुहैया कराता है. यानी पाकिस्तान को बायपास करके सीधे मिडिल ईस्ट और अफगानिस्तान तक पहुंच. भारत ने साल 2016 में ईरान और अफगानिस्तान के साथ चाबहार पोर्ट को विकसित करने के लिए एक समझौता किया था. पिछले दिनों भारत के इस समझौते से हटने की खबरें आई थीं. लेकिन भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर इससे पीछे हटने की जानकारी नहीं दी है.
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