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UPS को लेकर कांग्रेस का तंज, कहा- इसमें 'U' का मतलब मोदी सरकार का यू टर्न!

मोदी सरकार की Unified Pension Scheme (UPS) पर कांग्रेस सहित अलग-अलग पार्टियों की प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार का 'यू टर्न' बताया है, तो वहीं AAP ने UPS को केंद्रीय कर्मचारियों के साथ एक 'बहुत बड़ा धोखा' बताया है.

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25 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 25 अगस्त 2024, 05:58 PM IST)
Unified Pension Scheme, Congress U-turn counter
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने UPS लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट किया है. (फाइल फोटो - PTI)
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मोदी सरकार ने 24 अगस्त को एक नई पेंशन स्कीम को मंजूरी दी. इस स्कीम का नाम है, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS). इस पर कांग्रेस सहित अलग-अलग पार्टियों की प्रतिक्रिया आ रही है. कांग्रेस ने UPS में 'U' का मतलब विभिन्न मुद्दों पर मोदी सरकार का 'U-टर्न' बताया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद प्रधानमंत्री के ‘सत्ता के अहंकार’ पर जनता की ताकत हावी हो गई है. शिवसेना (UBT) ने कहा कि विपक्ष की मांगों के कारण UPS को मंजूरी दी गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने UPS को कर्मचारियों के साथ ‘बहुत बड़ा धोखा’ बताया है.

UPS पर कांग्रेस क्या बोली?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने UPS लेकर X पर एक पोस्ट किया. लिखा,

“UPS में 'U' का मतलब है मोदी सरकार का यू टर्न! 4 जून के बाद, जनता की ताकत प्रधानमंत्री की ताकत के अहंकार पर हावी हो गई है. हम जवाबदेही सुनिश्चित करते रहेंगे और 140 करोड़ भारतीयों को इस निरंकुश सरकार से बचाएंगे!”

खरगे ने मोदी सरकार के वापस लिए गए कुछ फैसले भी गिनाए. मसलन- लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन/इंडेक्सेशन के संबंध में बजट में रोलबैक, वक्फ बिल को JPC के पास भेजना, ब्रॉडकास्ट बिल को वापस लेना और लेटरल एंट्री का रोलबैक.

AAP बोली- ‘NPS से भी खराब है UPS’

वहीं, AAP सांसद संजय सिंह ने कहा है कि UPS यानी यूनिफाइड पेंशन स्कीम NPS से भी ज्यादा खराब है. उनका कहना है कि ये देश के कर्मचारियों के साथ एक ‘बहुत बड़ा धोखा’ है. संजय सिंह ने कहा,

“इस पेंशन स्कीम से देश के अर्धसैनिक बलों को निकालकर बाहर कर दिया गया है. अर्धसैनिक बल UPS के दायरे में नहीं आएंगे क्योंकि उनकी सर्विस 25 साल की नहीं होती है. इस स्कीम में दूसरी बात ये है कि मान लीजिए आपने 40 साल नौकरी की, तो हर महीने आपकी सैलरी का 10 परसेंट हिस्सा पेंशन के नाम पर कटेगा. वो पूरा पैसा सरकार अपने पास रखेगी. उसके बाद अंतिम के 12 महीनों की सैलरी का औसत निकालकर 6 महीने की सैलरी कैश में दी जाएगी. और फिर ये कह रहे हैं कि औसत सैलरी निकालकर आधा पेंशन दिया जाएगा.”

संजय सिंह ने कहा कि उनकी मांग है,  ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) बहाल किया जाए.

UPS को मंजूरी देने के फैसले पर शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा है कि ये मंजूरी विपक्ष की लगातार मांगों के जवाब में दी गई है. उन्होंने कहा,

“UPS लाकर केंद्र सरकार ने साबित कर दिया है कि पिछले कुछ महीनों से विपक्ष द्वारा पेंशन योजना की मांग ही इसका कारण है. इस बार BJP ने सिर्फ 240 सीटें जीती हैं, तो इनको समझ आ गया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कुछ तो योजना लानी ही होगी. साथ ही, 4 राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. वे इस योजना को पहले भी ला सकते थे. लेकिन अभी लाकर BJP चालाकी कर रही है.”

ये भी पढ़ें - NPS और OPS से कितनी अलग है UPS?

UPS में क्या है?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई पेंशन स्कीम UPS 1 अप्रैल, 2025 से लागू की जाएगी. कर्मचारी पहले से चल रही NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) या UPS में से किसी एक को चुन सकते हैं. साल 2004 से रिटायर हुए 23 लाख कर्मचारियों को इस स्कीम का फायदा मिलेगा. उन्होंने ये भी कहा कि साल 2004 से अभी तक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी इस योजना के तहत बकाया पाने के लिए योग्‍य होंगे. उन्‍होंने कहा कि इस योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान 800 करोड़ रुपये तक किया जाएगा.

वीडियो: UPSC Lateral Entry पर सरकार ने यूटर्न क्यों लिया, PM Modi ने क्या कहा?

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