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जयललिता के एरिया में PM मोदी की वजह से दौड़ेंगे बैल

केंद्र सरकार ने बैलों की दौड़ जल्लीकट्टू फेस्टिवल की दी इजाजत.

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8 जनवरी 2016 (अपडेटेड: 8 जनवरी 2016, 11:01 AM IST)
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तमिलनाडु में एक फेस्टिवल होता है जल्लीकट्टू. बैलों की दौड़ होती है. जीत हासिल करने के लिए मालिक बैलों के प्राइवेट पार्ट्स पर मिर्च लगा देते हैं. ताकि बैल तेज दौड़ सकें. लेकिन जानवरों पर होती ऐसी क्रूरता देख सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी. लेकिन अब मोदी सरकार ने बैलों की दौड़ जल्लीकट्टू फेस्ट फिर से शुरू करने की परमिशन दे दी है. https://twitter.com/PTI_News/status/685332261462355968 केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी कर दी है. केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन ने कहा, 2000 साल पुराना ये फेस्टिवल ढंग से हो नहीं पा रहा था. तमिलनाडु के लोगों के इमोशंस का सम्मान करने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया. https://twitter.com/ANI_news/status/685361600409120768 तमिलनाडु की सीएम जयललिता ने केंद्र सरकार से नोटिफिकेशन जारी कर जल्लीकट्टू को फिर से शुरू करने की मांग की थी. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद चेन्नई में जश्न चालू हो गया है. https://twitter.com/ANI_news/status/685362777238581248 कब होता है जल्लीकट्टू हर साल मकर संक्रांति के मौके होता है ये फेस्ट. बैलों की दौड़ होती है. लेकिन जीत की ललक कुछ लोगों में ऐसी होती है. कि वो बैलों के 'अंग विशेष' पर मिर्च वाला पाउडर लगा देते हैं. मिर्च इंसान को लग जाए तो वो चिढ़ जाता है. बैल तो बैल होता है. चिढ़कर बस कर देता है लोगों पर हमला. खुदा के कुछ बंदों को जानवरों की चिंता सताई. सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा- अपने इंटरटेंमेंट के लिए जानवरों के साथ ऐसा बिहेवियर बर्दाश्त नहीं होगा. बस इसी बात पर मई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू पर रोक लगा दी. गोमाता के लिए बौराए देश में जब बैलों पर अत्याचार हो रहा हो तो ये पढ़ा जाना चाहिए. https://twitter.com/kamleshksingh/status/685410982403768320  

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