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मोदी सरकार ने बकरियों के लिए बनाया e-सॉफ्टवेयर

अभी ये सुविधा सिर्फ विकसित देशों में थी. अब अपने यहां भी है. बकरियों की नस्ल, बीमारियों, खानपान पर नजर रखने के लिए केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान ने बनाया है.

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25 मई 2016 (अपडेटेड: 25 मई 2016, 09:07 AM IST)
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कृषि मंत्रालय ने बहुत कर्रा काम किया है. बकरियों का लेखा जोखा करने का पक्का इंतजाम कर लिया है. कृषिमंत्री हैं राधामोहन सिंह. उन्होंने बताया कि हमने एक ई सॉफ्टवेयर बनाया है. जिससे बकरियों की ब्रीड, दूध-मांस प्रोडक्शन, प्रजनन भमता और बीमारियों का हिसाब किताब रखा जाएगा. सॉफ्टवेयर काम करेगा एक यूनिक नंबर डालने पर. जैसे आधार नंबर डाला जाता है न वैसे ही. हर बकरी का एक नंबर होगा. उसमें एंट्री होगी बकरी मालिक के नाम की, बकरी की नस्ल, पैदा होने की जगह, उम्र और ये सब जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी. कृषिमंत्री ने इसकी जरूरत बताई. कहा कि अभी देश में जानवरों हैं कितने ये आंकड़े तो मिल जाते हैं. लेकिन उनके खान-पान की क्वालिटी, बीमारियां, इलाज की व्यवस्था, आनुवंशिक उतार चढ़ाव, मौसम और वातावरण के हिसाब से प्रजनन क्षमता में बढ़त या कमी के आंकड़े नहीं मिलते. चाहे जितना माथा मार लो. उसी समस्या से निपटने के काम आएगा ये ई सॉफ्टवेयर. फिलहाल ये सुविधा अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में है. और बराबर अपडेट की जा रही है. अफ्रीकी देशों में नहीं है. अपने देश में अब हो गई है. फिलहाल सिर्फ बकरियों के लिए. जल्दी ही बाकी जानवरों के लिए भी स्कीम आ जाएगी.

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